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32 एकड़ पंचायत जमीन को महिला सरपंच ने कराया खाली

Sat, 26 Dec 2015 05:59 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, गुड़गांव
ब्यूरो/अमर उजाला, गुड़गांव Updated Sat, 26 Dec 2015 05:59 PM IST
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32 acres land evacuated by women surpanch in gurgaon

ग्राम पंचायत जफराबाद में ग्रान्ट के अभाव के कारण विकास कार्यो को बल नही मिल पाया हैं। निवर्तमान महिला सरपंच के कामकाज से कुछ ग्रामीण संतुष्ट हैं, तो कुछ लोग असंतुष्ट हैं।

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सरपंच ने अपने कार्यकाल में चकबन्दी के वक्त से कब्जा की हुई  करोड़ो रूपये की 32 एकड़  पंचायत जमीन को खाली कराया हैं।

इस उपलब्धि को लेकर 15 अगस्त 2011 को पूर्व मंत्री शिवचरण लाल शर्मा द्वारा पंचायत को सर्वश्रेष्ट कार्य से समानित किया जा चुका हैं।

यह पंचायत तावडू से 6 कि0मी0 दूरी हैं। गांव कि आबादी 2000 के लगभग हैं। मतदाताओं कि संया 650 के करीब हैं। पंचायत का गठन 1990 में हुआ था।

इससे पहले गांव भंगोह पंचायत के अधीन यह गांव आता था। गांव में मूलभूत सुविधाओं का अभाव हैं। सड़क, बिजली, पानी, शिक्षा, स्वास्थ्य का बुरा हाल हैं।

क्या कहते है शैर मौहमद:  पूर्व पंचायत प्रतिनिधियों ने अपनी राजनीति की खातिर करीबन 5 दशको से पंचायत की करोड़ो रूपये की जमीन को कब्जाधारियों से छुडवाने की कोई पहल नही की । जिसकी वजह से पंचायत के राजस्व में भारी नुकसान हुआ हैं।
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निवर्तमान महिला सरपंच ने पंचायत के हक की लडाई लडकर अवैध कब्जों को हटवाने का बड़ा काम किया हैं। लेकिन गांव में अभी मूलभूत सुविधाओं का भारी टोटा है।

हाजी इब्राहीम का क्या कहना हैं की निवर्तमान महिला सरपंच के नेतृत्व में गांव का विकास तो हुआ हैं। अभी बहुत विकास कार्य बाकी हैं। गांव में मूलभूत सुविधाओं का अभाव हैं।
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सड़क, बिजली, पानी, शिक्षा, स्वास्थ्य का बुरा हाल हैं।  मुख्य फिरनी का रास्ता गड़ढो में तब्दील हो गया हैं। अन्य गलियों का भी बुरा हाल हैं।

गांव की मुख्य समस्या: गांव में पेयजल  की भारी किल्लत हैं। माहत्मा गांधी योजना के तहत गरीबों  को अलॉट की गई 100-100 वर्ग गज की 40 प्लाटों का कब्जा अभी तक नही मिल पाया हैं।

गंदे पानी की निकासी की व्यवस्था नही होने के कारण गंदा पानी रास्तों सें भरा रहता हैं। गांव में स्वास्थ्य जांच की कोई व्यवस्था नही हैं। गांव के अधिकतर मुय रास्तें व गलियां कच्ची है।


गांव में घेरलू बिजली के ट्रांसफार्मरों का अभाव। वही गांव आजतक घरेलू फीडर से नही जुड पाया हैं। इसकी वजह से कृषि फीडरो के शैडयूल अनुसार ही ग्रामीणों को बिजली मिलती है।

निवर्तमान सरपंच फरीदा बेगम का दावा : चकबन्दी से पंचायत की अलग-अलग 32 व 9 एकड़ जमीन पर किये गए अवैध कब्जे को हटवाकर पंचायत की आमदनी को बढ़ाया गया है।

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