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सीबीएसई बोर्ड: 33 फीसदी प्रश्न होंगे वैकल्पिक, परीक्षाओं में बैठेंगे 31,14,831 छात्र

Thu, 14 Feb 2019 05:01 AM IST
Priyesh Mishra न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: Priyesh Mishra Updated Thu, 14 Feb 2019 05:01 AM IST
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3114831 students will sit in CBSE 10th and 12th board exams
सीबीएसई परीक्षा
सीबीएसई 10वीं और 12वीं कक्षा की परीक्षाओं का रिजल्ट एक हफ्ते पहले जारी करेगा। बोर्ड परीक्षाओं में अभी तक दस फीसदी वैकल्पिक प्रश्न पूछे जाते थे। हालांकि इस बार छात्रों के पास 33 फीसदी प्रश्नों का विकल्प होगा। यानी ए की बजाय बी जैसे विकल्प होंगे। इसके अलावा रचनात्मक तरीके से उत्तर लिखने वाले छात्रों के अंक नहीं कटेंगे।
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परीक्षाओं को मुन्ना भाइयों से बचाने के लिए सीबीएसई परीक्षा पत्र की जियो टैगिंग कर रहा है। इससे बोर्ड प्रश्न पत्र की ट्रैकिंग व मॉनिटरिंग करता रहेगा। इसमें अधीक्षक के सुरक्षित स्थान से प्रश्न पत्र लेने, परीक्षा केंद्र में प्रश्न पत्र खोलने, वितरित करने से लेकर उत्तर पुस्तिका को वापस सील करने की पल-पल की पूरी जानकारी वीडियो फुटेज के साथ बोर्ड के पास पहुंचेगी। पहली बार एडमिट कार्ड में अभिभावकों के हस्ताक्षर अनिवार्य होंगे।
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सीबीएसई 10वीं और 12वीं कक्षा की परीक्षाओं का रिजल्ट एक हफ्ते पहले जारी करेगा। परीक्षाओं को मुन्ना भाइयों से बचाने के लिए सीबीएसई परीक्षा पत्र की जियो टैगिंग कर रहा है। इससे बोर्ड प्रश्न पत्र की ट्रैकिंग व मॉनिटरिंग करता रहेगा। इसमें अधीक्षक के सुरक्षित स्थान से प्रश्न पत्र लेने, परीक्षा केंद्र में प्रश्न पत्र खोलने, वितरित करने से लेकर उत्तर पुस्तिका को वापस सील करने की पल-पल की पूरी जानकारी वीडियो फुटेज के साथ बोर्ड के पास पहुंचेगी। पहली बार एडमिट कार्ड में अभिभावकों के हस्ताक्षर अनिवार्य होंगे।
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दिल्ली स्थित सीबीएसई मुख्यालय में बोर्ड के सचिव अनुराग त्रिपाठी ने बुधवार को प्रेस कांफ्रेंस के माध्यम से बोर्ड परीक्षाओं की तैयारियों की जानकारियां सांझा की। अनुराग त्रिपाठी के मुताबिक, दसवीं व 12वीं की बोर्ड परीक्षाओं में कुल 31,14,831 छात्र बैठेंगे। इसमें दसवीं कक्षा में 18,27,472 छात्र और 12वीं कक्षा में 12,87,359 छात्र बैठेंगे। इसके अलावा पहली बार 28 ट्रांसजेंडर और दिव्यांगों की 21 श्रेणियां शामिल की गई हैं। देशभर में 4974 परीक्षा केंद्र और 17 देशों में 78 परीक्षा केंद्र बनाए जाएंगे। तीन लाख अधिकारी परीक्षाओं की निगरानी करेंगे।

इस बार एडमिट कार्ड में अभिभावक के हस्ताक्षर अनिवार्य होंगे। उल्लेखनीय है कि 12वीं बोर्ड की वोकेशनल विषयों की परीक्षा 15 फरवरी व मुख्य विषयों की चार मार्च से शुरू हो रही है, जबकि दसवीं कक्षा के वोकेशनल विषयों की परीक्षा 21 फरवरी व मुख्य विषयों की परीक्षा सात मार्च से शुरू होगी।

रचनात्मक ढंग से उत्तर लिखने पर नहीं कटेंगे अंक
कई छात्र परीक्षाओं में प्रश्न का सीधे ढंग की बजाय रचनात्मक ढंग से उत्तर लिखते हैं। हालांकि उत्तर सही होने पर भी उनके अंक काट दिए जाते थे। इसी के चलते बोर्ड ने एक लाख मूल्यांकन कर्ताओं को विशेष ट्रेनिंग दी है, ताकि वे क्रिएटिव उत्तर को सही अंक दे सकें। बोर्ड परीक्षाओं में अभी तक दस फीसदी वैकल्पिक प्रश्न पूछे जाते थे। हालांकि इस बार छात्रों के पास 33 फीसदी प्रश्नों का विकल्प होगा। यानी ए की बजाय बी जैसे विकल्प होंगे। इसके अलावा रचनात्मक तरीके से उत्तर लिखने वाले छात्रों के अंक नहीं कटेंगे।

क्यूआर कोड का होगा प्रयोग

प्रश्न पत्रों को लीक होने से बचाने के लिए सीबीएसई पहली बार परीक्षाओं में क्यूआर कोड का प्रयोग करने जा रहा है। इसमें बोर्ड ई-मेल या किसी अन्य तकनीक के माध्यम से परीक्षा केंद्र में प्रश्न पत्र भेजेगा। अधीक्षक ही पासवर्ड या अंकों के आधार पर प्रश्न पत्र खोल सकेगा और फिर प्रिंट करके छात्रों को बांटेगा, जबकि हिंदी, अंग्रेजी, गणित, साइंस, सोशल साइंस या फिर अन्य प्रमुख विषयों के प्रश्न पत्र पिछले साल की भांति बोर्ड से सुरक्षित स्थान और फिर परीक्षा के दिन केंद्र में पहुंचेंगे।              
            
पिछले साल के रिजल्ट से तुलना होगी
परीक्षाओं को पुख्ता बनाने के लिए बोर्ड प्रश्न पत्रों को जियो टैगिंग से जोड़ेगा। इसमें प्रश्न पत्र कहां रखा गया है, कब खुला, कहां जा रहा है आदि की पूरी जीपीएस लोकेशन बोर्ड मुख्यालय को मिलती रहेगी। दूसरा थ्योरी इवल्यूशन ट्रेंड अनैलिसिस करेगा। इसके माध्यम से राज्य, जिला या शहरों के छात्रों के रिजल्ट की पिछले साल के रिजल्ट से तुलना होगी। इसमें पता लग जाएगा कि कहीं कोई पेपर लीक, नकल तो नहीं हुई है।

2018 में पेपर लीक के बाद मानव संसाधन विकास मंत्रालय की कमेटी ने थ्योरी इवल्यूशन ट्रेंड अनैलिसिस के माध्यम से जांच की थी। इसी के तहत पता चला था कि 12वीं कक्षा के इकोनॉमिक्स का पेपर लीक हुआ था। बोर्ड ने परीक्षा केंद्र की पूरी निगरानी के लिए ऑनलाइन एग्जामिनेशन सेंटर मैनेजमेंट सिस्टम (ऐप) भी ईजाद किया है। इसमें भी वीडियो के साथ सारी जानकारी बोर्ड को मिलती रहेगी। यदि कोई छात्र अनुपस्थित रहता है तो तुरंत बोर्ड को सूचना मिल जाएगी।           
           
अनुमति के बगैर परीक्षा अधीक्षक नहीं ले सकता छुट्टी
परीक्षा अधीक्षकों को सौ फीसदी जिम्मेदारी दी गई है। अनुमति के बगैर परीक्षा अधीक्षक छुट्टी भी नहीं ले सकता। प्रश्न पत्रों की गोपनीयता, उसके लाने, खोलने से लेकर वितरित करने और उत्तर पुस्तिकाओं को समय से सील करके बोर्ड को भेजने की जिम्मेदारी भी रहेगी।

महत्वपूर्ण जानकारियां

-सभी राज्यों के मुख्य सचिव व डीजीपी समेत स्थानीय प्रशासन को बोर्ड ने परीक्षाओं के मद्देनजर सहयोग पत्र भेजे हैं। परीक्षा केंद्रों के बाहर धारा 144 लगाने, पीसीआर वैन या पुलिस कर्मियों की ड्यूटी अनिवार्य करने की मांग रखी है। परीक्षा केंद्र अधीक्षक स्थानीय प्रशासन से फोन के माध्यम से जुड़े रहेंगे।              
-दिव्यांगजनों के अलग कमरों में बैठने की व्यवस्था होगी, ताकि अन्य छात्रों को परेशानी न हो। पेपर सबके एक समान होंगे, लेकिन दिव्यांगजनों के पेपर सेट का रंग अलग होगा, ताकि अधीक्षक को पहचानने में आसानी हो।              
- परीक्षा केंद्र में मोबाइल का प्रयोग पूरी तरह वर्जित रहेगा। सिर्फ परीक्षा केंद्र अधीक्षक के पास सरकारी मोबाइल उपलब्ध रहेगा।              
- परीक्षा केंद्र में दस बजे के बाद किसी भी प्रकार की कोई एंट्री नहीं होगी। स्कूल मैनेजमेंट या अन्य कोई व्यक्ति भी कैंपस में नहीं आ सकता है। यदि परीक्षा केंद्र वाला स्कूल नियमों में कोताही करता है कि तो उसके खिलाफ कार्रवाई के तहत मान्यता रद्द कर दी जाएगी।              
-बोर्ड ने सीईआरटी के साथ बैठक की है। अब सोशल मीडिया पर बोर्ड परीक्षाओं से संबंधी फर्जी खबरें तत्काल हटा दी जाएंगी। सोशल मीडिया पर फर्जी खबर चलाने या फर्जी जानकारियां शेयर करने पर संबंधित व्यक्ति के खिलाफ मामला दर्ज किया जाएगा।              
- बोर्ड ने छात्रों व अभिभावकों को पत्र लिखा है। छात्रों को तनाव से दूर रहने व विषय के आधार पर तैयारी करने और अभिभावकों को तनाव दूर करने के अलावा समय से पहले परीक्षा केंद्र तक छात्र को पहुंचाने का आग्रह किया गया है।
- अभिभावकों को एडमिट कार्ड में बच्चे का नाम, जन्मतिथि, नाम की स्पेलिंग आदि की जानकारी जांचनी होगी। परीक्षा के बाद उक्त गलतियों में सुधार नहीं होगा।              
- कोचिंग सेंटर से जुड़े शिक्षकों की परीक्षा में ड्यूटी नहीं लगेगी। ऐसे शिक्षक को किसी भी प्रकार की जिम्मेदारी नहीं दी जाएगी।
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