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NCR : नोएडा में 30 साल पुरानी सोसाइटियां तोड़कर नई बनेंगी, मिलेगा 10% बड़ा फ्लैट; रीडेवलपमेंट पॉलिसी मंजूर
Sun, 15 Jun 2025 04:48 AM IST
दुष्यंत शर्मा
अमर उजाला नेटवर्क, नोएडा
अमर उजाला नेटवर्क, नोएडा
Published by: दुष्यंत शर्मा
Updated Sun, 15 Jun 2025 04:48 AM IST
सार
शनिवार को हुई नोएडा प्राधिकरण की बोर्ड बैठक में रीडेवलपमेंट पॉलिसी को मंजूरी मिल गई।
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सांकेतिक तस्वीर
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विस्तार
शहर की 30 साल या उससे ज्यादा पुरानी और कमजोर सोसाइटियां तोड़कर नई बनेंगी। शनिवार को हुई नोएडा प्राधिकरण की बोर्ड बैठक में रीडेवलपमेंट पॉलिसी को मंजूरी मिल गई।
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बैठक में पब्लिक प्राइवेट पार्टनरशिप (पीपीपी) मॉडल पर होटल निर्माण की प्लॉट योजना समेत कई प्रस्ताव को भी स्वीकृति मिली। इसकी अध्यक्षता मुख्य सचिव व नोएडा प्राधिकरण के चेयरमैन मनोज कुमार सिंह ने ऑनलाइन की। बोर्ड रूम में सीईओ डॉ. लोकेश एम समेत अन्य अधिकारी मौजूद रहे।
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अहम है िक शहर में तीन तरह की सोसाइटियां हैं। पहली प्राधिकरण की ग्रुप हाउसिंग परियोजनाएं, दूसरी को-ऑपरेटिव हाउसिंग और कर्मचारियों के लिए बनीं सोसाइटियां और तीसरी निजी बिल्डरों की बनाईं सोसाइटियां। अधिकारियों ने बताया कि 40 से ज्यादा सोसाइटियां 30 साल पुरानी हैं। अब प्राधिकरण इनकी स्थिति का निरीक्षण कराएगा और सुझाव भी लेगा।
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जर्जर मिलने पर स्ट्रक्चरल ऑडिट आईआईटी या एनआईटी से कराएगा। उसमें छोटी खामियों की मरम्मत का विकल्प खुला होगा, जो एओए या देखरेख कर रही संस्था को कराना होगा। इमारत खतरे के स्तर पर मिली तो रिडेवलपमेंट पॉलिसी के तहत 70 प्रतिशत निवासियों की सहमति लेकर विकासकर्ता चयन की प्रक्रिया प्राधिकरण व एओए दोनों स्तर से बढ़ाई जा सकेगी। प्राधिकरण ने सेक्टर-52, 61, 34, 11, 82, 71, 73, 105, 135, 66, 93, 93ए, 27 समेत अन्य जगहों पर ग्रुप हाउसिंग परियोजनाएं विकसित की हैं। श्रमिक कुंज, एलआईजी और जनता फ्लैट्स की हालत ज्यादा खराब है।
पीपीपी मॉडल पर बनेंगे होटल
प्राधिकरण 18 साल बाद होटल प्लॉट की योजना 2024 में लेकर आया था, लेकिन खरीदार नहीं मिले, क्योंकि प्लॉट की कीमत सैकड़ों करोड़ रुपये है। प्राधिकरण ने पीपीपी मॉडल पर होटल प्लॉट लाने का प्रस्ताव बनाया, जिसे बोर्ड ने मंजूरी दे दी। इसमें कहा गया कि शुरुआत में दो प्लॉट की स्कीम इस मॉडल पर लाए जाएं। एक प्लॉट सात सितारा होटल के लिए हो और दूसरा तीन सितारा होटल के लिए, फिर दोनों प्लॉट के लिए खुला टेंडर होगा। जो भी समूह प्राधिकरण को ज्यादा मुनाफा साझेदारी देने का प्रस्ताव देगा, उसको मौका मिलेगा। आगे होटल निर्माण व संचालन उस समूह को करना होगा और मुनाफे का एक निश्चित हिस्सा प्राधिकरण को मिलता रहेगा। प्राधिकरण के मौजूदा समय में होटल प्लॉट अधिकतर नोएडा-ग्रेटर नोएडा एक्सप्रेसवे किनारे ही स्थित हैं।
पॉलिसी में क्या है
रिडेवलपमेंट पॉलिसी के मुताबिक, किसी भी जर्जर या 30 साल पुरानी सोसाइटी को नए सिरे से बनाने के लिए उसके 70 फीसदी निवासियों की सहमति जरूरी होगी। विकासकर्ता का चयन खुले टेंडर से होगा, जिसकी जिम्मेदारी भूतल व दो-तीन मंजिल की बनी सोसाइटियों को तोड़वाकर नए फ्लैट बनवाने से आवंटियों को देने तक की होगी। प्राधिकरण विकासकर्ता को मौजूदा फ्लोर एरिया रेशियो (एफएआर) पर निर्माण की मंजूरी देगा। इससे वह अतिरिक्त निर्माण कर अपने फ्लैट बना सकेगा, जिसे बेचकर वह आने वाला खर्च निकाल सकेगा।इसमें कई शर्तें भी होंगी। मौजूदा समय में 30 साल पुरानी सोसाइटी भूतल व दो-तीन तल की हैं। इनको 1.5 फ्लोर एरिया रेशियो (एफएआर) के साथ बनाया गया है। चुने जाने वाले विकासकर्ता को 3.5 एफएआर मिलेगा, जिसमें 2.75 एफएआर निशुल्क रहेगा। इससे वह आसानी से इतने फ्लैट बेचने के लिए बना सकेगा कि परियोजना में उसकी लागत और मुनाफा निकल आएगा।
विकासकर्ता के लिए शर्तें
- पहली : उसे मौजूदा फ्लैट की तुलना में कम से कम 10 प्रतिशत का क्षेत्रफल बढ़ाते हुए नया फ्लैट बनाना होगा। परियोजना पाने के लिए इससे ज्यादा ही कारपेट एरिया देना होगा।
- दूसरी : विकासकर्ता फ्लैट खाली कराएगा और निवासियों का नया फ्लैट बनने तक रहने का इंतजाम करेगा।
- तीसरी : तीन साल में फ्लैट बनाकर निवासियों को कब्जा देना होगा।