शाहबेरी हादसा: मलबे में दबे हो सकते हैं कई और, पहले ही बिल्डिंग में 30 मजदूर थे मौजूद
उसने आरोप लगाया है कि निर्माणाधीन बिल्डिंग के मलबे को सहीं से नहीं हटाया गया है, वहां मजदूर दबे हो सकते हैं। शाहबेरी में शनिवार की दोपहर 2 बजे हल्की बारिश हो रही थी। इस दौरान तीन युवक हादसे की जगह पर पहुंचे और वहां खड़े होकर बातचीत करने लगे। युवकों से पूछा गया तो दो युवकों ने बताया कि जो निर्माणाधीन बिल्डिंग गिरी थी, उसमें मजदूरी करते थे।
उनके नाम सुशील कुमार व पंकज निवासी शाहजहांपुर है। सुशील ने बताया कि जो ठेकेदार उस बिल्डिंग को बना रहा था, वह उसके साथ तीन साल से काम कर रहा है। जिस रात यह हादसा हुआ था, उसी शाम को 6 बजे सुशील काम खत्म करके वहां से चला गया था। वह शाहबेरी में किराये पर रहता है।
सुशील के मुताबिक जब वह खत्म करके गया था तो वहां पर करीब 30 मजदूर थे। सभी उसी बिल्डिंग में रहते थे। काम खत्म करके सभी खाना बनाने की तैयारी कर रहे थे। बिल्डिंग गिरने की जानकारी मिलने पर सुशील मौके पर पहुंचा, लेकिन कोई नहीं मिला।
बाद में डर के कारण वह वहां नहीं गया। उसका दावा है कि बिल्डिंग के मलबे में काफी मजदूर दबे गए है, लेकिन एक भी नहीं निकाला गया। अगर वो मलबे में नहीं दबे है तो फिर कहां है। वहीं दूसरे मजदूर पंकज का कहना है कि बिल्डिंग में कई मशीनें रखी थीं। इनमें से एक भी नहीं मिली। रास्ते पर कई गाड़ी भी खड़ी थी, वो भी नहीं मिलीं। जो लोग गायब हैं, उनके परिजनों से संपर्क किया जा रहा है। ताकि, प्रशासन से इसकी शिकायत की जा सके।