पशु तस्करी का आरोप लगाकर भैंस ले जा रहे लोगों से मारपीट, केस दर्ज
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दिल्ली के कालका जी इलाके में पशु तस्करी का आरोप लगाकर पशु कारोबारियों को पीटने का मामला सामने आया है। आरोप पशुओं के लिए काम करने वाली एनजीओ पीपल्स फॉर एनिमल (पीएफए) के कार्यकर्ताओं पर लगा है।
हालांकि, पीएफए ने इस बात से इंकार किया है। वहीं पुलिस ने घायलों को एम्स में भर्ती कराया है। पुलिस ने दोनों पक्षों की ओर से दी गयी शिकायत पर मामला दर्ज कर लिया है। पुलिस ने घटना में गो रक्षक दल की संलिप्तता से इंकार किया है।
दिल्ली पुलिस के अनुसार शनिवार रात करीब साढ़े 11 बजे पुलिस को एनजीओ पीएफए की ओर से एक टैंपो पर काफी संख्या में मवेशियों को अवैध रूप से लेकर जाने की शिकायत मिली थी। लेकिन जब पुलिस कालकाजी मंदिर के पास पहुंची तो वहां पुलिस को टैंपो चालक समेत तीन लोग जख्मी हालत में मिले।
साथ ही एक टैंपो में एक दर्जन मवेशी लदे थे। जिसे पुलिस ने जब्त कर लिया। पुलिस ने जख्मी लोगों को इलाज के लिए एम्स ट्रामा सेंटर में भर्ती कराया।
घायलों की पहचान पटौदी गुरुग्राम निवासी रिजवान (25), कामिल(25) और मथुरा निवासी आशु (28) के रूप में हुई। जांच में पता चला कि वह वैध कागजात के साथ मवेशियों को लेकर गाजीपुर के स्लेटर हाउस ले जा रहे थे। पुलिस के अनुसार पीएफए के कार्यकर्ताओं के द्वारा इनके खिलाफ पशु क्रूरता की शिकायत दर्ज की गयी है।
उनके मुताबिक पीएफए के एक कार्यकर्ता ने टैंपो पर लदे हुए पशु देखे जो काफी दयनीय स्थिति में थे। इसकी शिकायत उन लोगों ने पुलिस से कर दी। लेकिन कालका जी मंदिर के पास पीएफए के स्टीकर लगाकर कार से आए लोगों ने इनके साथ मारपीट की है। उधर केंद्रीय मंत्री मेनका गांधी ने इन कार्यकर्ताओं का पीएफए के कार्यकर्ता होने से इंकार किया है।
पुलिस ने पीएफए की शिकायत पर पशु क्रूरता का मामला दर्ज किया है। वहीं टैंपो चालक रिजवान की शिकायत पर मारपीट का मामला दर्ज कर लिया है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले की जांच की जा रही है।