{"_id":"f8b31c863c3c6e2a3c0d43037560f814","slug":"250-members-left-aap-is-rumour","type":"story","status":"publish","title_hn":"'आज नहीं तो कल निकाल ही दिया जाता'","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
'आज नहीं तो कल निकाल ही दिया जाता'
अमर उजाला, गुड़गांव
Updated Mon, 24 Mar 2014 05:42 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
आम आदमी पार्टी के गुड़गांव संसदीय सीट से उम्मीदवार योंगेंद्र यादव ने पार्टी में फूट पर सफाई देते हुए कहा कि सभी नेता एवं कार्यकर्ता संगठित हैं।
विज्ञापन
उन्होंने 250 कार्यकर्ताओं के पार्टी छोड़ने की बात को गलत बताते हुए कहा कि जिला कार्यकारणी के पांच सदस्यों में से दो ने पहले ही आप से इस्तीफा दे दिया था। उनके अलावा जिन तीन लोगों ने पार्टी छोड़ी है उनमें से एक पर गंभीर आरोप हैं। वह आप में रहकर किसी अन्य दल के लिए काम कर रहे थे। आज नहीं तो कल उन्हें बाहर कर ही दिया जाता।
विज्ञापन
उन्होंने कहा कि पार्टी छोड़ने वालों के खिलाफ स्टिंग में सबूत इकट्ठे किए गए हैं। 10 दिन पहले पार्टी के वरिष्ठ नेता पंकज गांधी ने उनके साथ बैठक कर उन्हें पार्टी विरोधी गतिविधियों से दूर रहने की हिदायत दी थी। इसके बावजूद वे नहीं माने।
विज्ञापन
यह भी पढ़ें: हर पार्टी पर चढ़ा आम आदमी का रंग
उन्होंने पार्टी के ढाई सौ कार्यकर्ताओं के छोड़ने के बारे में कहा कि जो ऐसा कह रहे हैं वे उनके नाम भी सामने लाएं। उन्होंने राहुल गांधी के करीबी होने के विरोधियों द्वारा लगाए गए आरोपों का खंडन किया।
उन्होंने कहा कि वह मेवात में मेडिकल कॉलेज के निर्माण की मांग के सिलसिले में राहुल गांधी से मिले कभी मिले जरूर थे। उसके बाद कॉलेज का निर्माण भी हो चुका है और आप दिल्ली में कांग्रेंस के खिलाफ विधानसभा का चुनाव भी लड़ चुकी है।
यह भी पढ़ें: बीजेपी को 10 साल बाद महसूस हुई यह गलती
उन्होंने दागियों को टिकट दिए जाने के बारे में कहा कि जिनके बारे में ऐसा कहा जा रहा है उनके खिलाफ तमाम दस्तावेज पार्टी के लोकपाल को सौंपे गए थे। उधर से हरी झंडी मिलने के बाद ही उन्हें टिकट दिया गया। पार्टी के किसी नेता का उन्हें टिकट दिलाने में कोई रोल नहीं है।
उन्होंने आश्चर्य व्यक्त किया कि आज जो लोग उनका विरोध कर रहे हैं उन्होंने ही कभी पार्टी को मुझे गुड़गांव से चुनाव लड़ाने का प्रस्ताव भेजा था। उन्होंने पुराने कार्यकर्ताओं पर नए लोगों के थोपे जाने को लेकर सफाई दी कि काम बढ़ने पर नए लोगों की सहायता लेनी ही पड़ती है। इस मुददे पर किसी को आपत्ति थी तो इसे मिल बैठकर सुलझाया जा सकता था।