{"_id":"5c6dc022bdec22270f4fd81c","slug":"244-children-die-due-to-malnutrition-in-four-years-in-delhi","type":"story","status":"publish","title_hn":"दिल्ली: कुपोषण से चार साल में 244 मासूमों ने दम तोड़ा, आरटीआई में खुलासा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
दिल्ली: कुपोषण से चार साल में 244 मासूमों ने दम तोड़ा, आरटीआई में खुलासा
Thu, 21 Feb 2019 02:31 AM IST
Priyesh Mishra
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, दिल्ली
Published by: Priyesh Mishra
Updated Thu, 21 Feb 2019 02:31 AM IST
विज्ञापन
delhi assembly
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
कुपोषण के चलते दिल्ली में पिछले चार साल के दौरान 244 मासूमों की मौत हो चुकी है। एक आरटीआई के जरिये दिल्ली सरकार ने वर्ष 2013 से 2016 के बीच कुपोषण के दौरान हुई मासूमों की मौत की जानकारी साझा की है।
आरटीआई कार्यकर्ता राजहंस बंसल ने कुछ दिन पहले आरटीआई के जरिये ये जानकारी मांगी थी। जवाब में राज्य स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग ने बताया कि वर्ष 2013 में दिल्ली में 64 बच्चों की मौत हुई थी। 2014 में 70 बच्चों ने दम तोड़ा। 2015 में 44 और 2016 में 66 बच्चों की मौत हुई।
वर्ष 2017 और 2018 को लेकर विभाग का कहना है कि फिलहाल उनके पास ये जानकारी उपलब्ध नहीं है। आरटीआई कार्यकर्ता का कहना है कि 2014 में दिल्ली में सबसे ज्यादा कुपोषण के कारण बच्चों की मौत हुई है। वहीं 2016 में भी इनकी मृत्यु में इजाफा होने से सरकारी महकमे की लचर व्यवस्था साफ नजर आ रही है। बंसल का ये भी कहना है कि दिल्ली सरकार को कुपोषण से नौनिहालों को बचाने के लिए ठोस कदम उठाने चाहिए।
विज्ञापन
विज्ञापन
आरटीआई कार्यकर्ता राजहंस बंसल ने कुछ दिन पहले आरटीआई के जरिये ये जानकारी मांगी थी। जवाब में राज्य स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग ने बताया कि वर्ष 2013 में दिल्ली में 64 बच्चों की मौत हुई थी। 2014 में 70 बच्चों ने दम तोड़ा। 2015 में 44 और 2016 में 66 बच्चों की मौत हुई।
विज्ञापन
वर्ष 2017 और 2018 को लेकर विभाग का कहना है कि फिलहाल उनके पास ये जानकारी उपलब्ध नहीं है। आरटीआई कार्यकर्ता का कहना है कि 2014 में दिल्ली में सबसे ज्यादा कुपोषण के कारण बच्चों की मौत हुई है। वहीं 2016 में भी इनकी मृत्यु में इजाफा होने से सरकारी महकमे की लचर व्यवस्था साफ नजर आ रही है। बंसल का ये भी कहना है कि दिल्ली सरकार को कुपोषण से नौनिहालों को बचाने के लिए ठोस कदम उठाने चाहिए।
विज्ञापन