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Delhi NCR News: भांग के सेवन के कुछ घंटे बाद 23 वर्षीय युवक में ब्रेन हैमरेज
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इहबास में सामने आया दुर्लभ मामला, दोनों तरफ बेसल गैन्ग्लिया में रक्तस्राव, जांच में अन्य प्रमुख कारण नहीं मिला
नितिन राजपूत
पूर्वी दिल्ली। भांग का सेवन करने के करीब छह से आठ घंटे बाद 23 वर्षीय एक युवक में ब्रेन हैमरेज के लक्षण सामने आए। उसके शरीर के दाहिने हिस्से में कमजोरी, बोलने में परेशानी और आवाज में बदलाव हुआ। जांच में दिमाग के दोनों तरफ बेसल गैन्ग्लिया में रक्तस्राव पाया गया। इंस्टीट्यूट ऑफ ह्यूमन बिहेवियर एंड एलाइड साइंसेज (इहबास) के न्यूरोलॉजी विभाग के डॉक्टरों ने इसे बेहद दुर्लभ मामला बताया है। डॉक्टरों ने भांग के सेवन और रक्तस्राव के बीच संभावित संबंध की ओर संकेत किया है।
इहबास की न्यूरोलॉजी विभाग की असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. मृदुला सिंह ने बताया कि युवक महीने में एक-दो बार भांग का सेवन करता था। घटना वाले दिन उसने करीब चार-पांच ग्राम भांग ली थी। छह से आठ घंटे बाद उसके दाहिने हाथ-पैर और चेहरे के दाहिने हिस्से में कमजोरी के साथ बोलने में दिक्कत शुरू हुई। अस्पताल पहुंचने पर वह पूरी तरह होश में था और उसकी हालत स्थिर थी। सीटी स्कैन में दोनों तरफ बेसल गैन्ग्लिया में रक्तस्राव मिला। बायीं ओर रक्तस्राव करीब 4.1 घन सेंटीमीटर और दायीं ओर 0.8 घन सेंटीमीटर था। इससे दिमाग पर दबाव या मध्य रेखा के खिसकने की स्थिति नहीं बनी।
अन्य कारणों की जांच
सीनियर रेजिडेंट डॉ. रश्मि मिश्रा के अनुसार, डॉक्टरों ने रक्तस्राव के दूसरे कारणों की भी जांच की। ब्लड टेस्ट, किडनी-लिवर जांच, कोलेस्ट्रॉल, खून जमने से संबंधित जांच और ऑटोइम्यून टेस्ट सामान्य रहे। एमआरआई और रक्त वाहिकाओं की जांच में भी कोई बड़ी असामान्यता नहीं मिली। एनेयूरिज्म, एवी मालफॉर्मेशन या नसों में खून के थक्के जैसी समस्या सामने नहीं आई। आनुवंशिक जांच में भी ब्रेन हैमरेज से जुड़ा कोई रोग पैदा करने वाला बदलाव नहीं मिला। यूरिन टेस्ट में भांग की मौजूदगी मिली।
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सामान्य जोखिम कारक भी नहीं थे
अस्पताल के निदेशक और न्यूरोलॉजी विभाग के प्रो. डॉ. राजिंदर के धमीजा के अनुसार, दोनों तरफ बेसल गैन्ग्लिया में अचानक रक्तस्राव होना दुर्लभ है। आमतौर पर इस स्थान पर होने वाले ब्रेन हैमरेज का संबंध लंबे समय से चले आ रहे हाई ब्लड प्रेशर या छोटी रक्त वाहिकाओं की बीमारी से देखा जाता है। इस मरीज में ऐसे प्रमुख जोखिम कारक नहीं पाए गए। डॉक्टरों के अनुसार, भांग के सेवन, लक्षणों के बीच संबंध और अन्य कारणों का नहीं मिलना इस मामले में उल्लेखनीय है।
बिना ऑपरेशन के हुआ इलाज
सीनियर रेजिडेंट डॉ. आभाषा परोत्रा ने बताया कि मरीज का इलाज बिना ऑपरेशन के निगरानी और जरूरी चिकित्सा देखभाल के साथ किया गया। चार-पांच दिनों में हाथ-पैर की ताकत और बोलने की क्षमता में सुधार हुआ। छह दिन बाद उसे अस्पताल से छुट्टी दे दी गई और नशा छोड़ने के लिए काउंसलिंग दी गई। छह सप्ताह के फॉलोअप में उसकी ताकत में काफी सुधार पाया गया।
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नितिन राजपूत
पूर्वी दिल्ली। भांग का सेवन करने के करीब छह से आठ घंटे बाद 23 वर्षीय एक युवक में ब्रेन हैमरेज के लक्षण सामने आए। उसके शरीर के दाहिने हिस्से में कमजोरी, बोलने में परेशानी और आवाज में बदलाव हुआ। जांच में दिमाग के दोनों तरफ बेसल गैन्ग्लिया में रक्तस्राव पाया गया। इंस्टीट्यूट ऑफ ह्यूमन बिहेवियर एंड एलाइड साइंसेज (इहबास) के न्यूरोलॉजी विभाग के डॉक्टरों ने इसे बेहद दुर्लभ मामला बताया है। डॉक्टरों ने भांग के सेवन और रक्तस्राव के बीच संभावित संबंध की ओर संकेत किया है।
इहबास की न्यूरोलॉजी विभाग की असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. मृदुला सिंह ने बताया कि युवक महीने में एक-दो बार भांग का सेवन करता था। घटना वाले दिन उसने करीब चार-पांच ग्राम भांग ली थी। छह से आठ घंटे बाद उसके दाहिने हाथ-पैर और चेहरे के दाहिने हिस्से में कमजोरी के साथ बोलने में दिक्कत शुरू हुई। अस्पताल पहुंचने पर वह पूरी तरह होश में था और उसकी हालत स्थिर थी। सीटी स्कैन में दोनों तरफ बेसल गैन्ग्लिया में रक्तस्राव मिला। बायीं ओर रक्तस्राव करीब 4.1 घन सेंटीमीटर और दायीं ओर 0.8 घन सेंटीमीटर था। इससे दिमाग पर दबाव या मध्य रेखा के खिसकने की स्थिति नहीं बनी।
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अन्य कारणों की जांच
सीनियर रेजिडेंट डॉ. रश्मि मिश्रा के अनुसार, डॉक्टरों ने रक्तस्राव के दूसरे कारणों की भी जांच की। ब्लड टेस्ट, किडनी-लिवर जांच, कोलेस्ट्रॉल, खून जमने से संबंधित जांच और ऑटोइम्यून टेस्ट सामान्य रहे। एमआरआई और रक्त वाहिकाओं की जांच में भी कोई बड़ी असामान्यता नहीं मिली। एनेयूरिज्म, एवी मालफॉर्मेशन या नसों में खून के थक्के जैसी समस्या सामने नहीं आई। आनुवंशिक जांच में भी ब्रेन हैमरेज से जुड़ा कोई रोग पैदा करने वाला बदलाव नहीं मिला। यूरिन टेस्ट में भांग की मौजूदगी मिली।
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सामान्य जोखिम कारक भी नहीं थे
अस्पताल के निदेशक और न्यूरोलॉजी विभाग के प्रो. डॉ. राजिंदर के धमीजा के अनुसार, दोनों तरफ बेसल गैन्ग्लिया में अचानक रक्तस्राव होना दुर्लभ है। आमतौर पर इस स्थान पर होने वाले ब्रेन हैमरेज का संबंध लंबे समय से चले आ रहे हाई ब्लड प्रेशर या छोटी रक्त वाहिकाओं की बीमारी से देखा जाता है। इस मरीज में ऐसे प्रमुख जोखिम कारक नहीं पाए गए। डॉक्टरों के अनुसार, भांग के सेवन, लक्षणों के बीच संबंध और अन्य कारणों का नहीं मिलना इस मामले में उल्लेखनीय है।
बिना ऑपरेशन के हुआ इलाज
सीनियर रेजिडेंट डॉ. आभाषा परोत्रा ने बताया कि मरीज का इलाज बिना ऑपरेशन के निगरानी और जरूरी चिकित्सा देखभाल के साथ किया गया। चार-पांच दिनों में हाथ-पैर की ताकत और बोलने की क्षमता में सुधार हुआ। छह दिन बाद उसे अस्पताल से छुट्टी दे दी गई और नशा छोड़ने के लिए काउंसलिंग दी गई। छह सप्ताह के फॉलोअप में उसकी ताकत में काफी सुधार पाया गया।