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Delhi NCR News: व्हाट्सएप वीडियो कॉल पर डिजिटल अरेस्ट कर खाली कर दिया खाता
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जांच में अब तक 50 लाख के लेन-देन का खुलासा, दो आरोपी गिरफ्तार
संवाद न्यूज एजेंसी
नई दिल्ली। व्हाट्सएप वीडियो कॉल पर कानून-प्रवर्तन एजेंसी का अधिकारी बनकर ठगों ने एक व्यक्ति से छह लाख रुपये ठग लिए। दक्षिणी दिल्ली पुलिस ने जांच में 50 लाख रुपये से अधिक के लेन-देन का खुलासा किया। इसमें एक बैंक खाता 10 साइबर ठगी शिकायतों से जुड़ा पाया गया।
पुलिस की साइबर टीम ने डिजिटल अरेस्ट के नाम पर ठगी करने वाले गिरोह की जांच शुरू की। उन्होंने जम्मू-कश्मीर और राजस्थान से दो आरोपियों को गिरफ्तार किया। इनकी पहचान कठुआ निवासी रितीश कुमार मेहरा और भीलवाड़ा निवासी मुकेश कुम्हार के रूप में हुई है। आरोपियों के पास से तीन मोबाइल फोन, चार एटीएम, डेबिट कार्ड, पांच चेकबुक और पांच रबर स्टैंप मिले हैं। दक्षिणी जिला पुलिस उपायुक्त अनंत मित्तल के अनुसार, साइबर साउथ थाने में मामला दर्ज किया गया था।
जांच में सामने आया कि ठगी की रकम मुकेश कुम्हार के फेडरल बैंक खाते में आई थी। उसके बाद 5.50 लाख रुपये रितीश कुमार मेहरा के कोटक महिंद्रा बैंक खाते में भेजे गए। बैंकिंग ट्रेल के आधार पर पुलिस ने पहले रितीश को कठुआ से और फिर मुकेश को भीलवाड़ा से पकड़ा। पुलिस की जांच में ऑनलाइन संचार का कनेक्शन कंबोडिया तक मिला है।
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संवाद न्यूज एजेंसी
नई दिल्ली। व्हाट्सएप वीडियो कॉल पर कानून-प्रवर्तन एजेंसी का अधिकारी बनकर ठगों ने एक व्यक्ति से छह लाख रुपये ठग लिए। दक्षिणी दिल्ली पुलिस ने जांच में 50 लाख रुपये से अधिक के लेन-देन का खुलासा किया। इसमें एक बैंक खाता 10 साइबर ठगी शिकायतों से जुड़ा पाया गया।
पुलिस की साइबर टीम ने डिजिटल अरेस्ट के नाम पर ठगी करने वाले गिरोह की जांच शुरू की। उन्होंने जम्मू-कश्मीर और राजस्थान से दो आरोपियों को गिरफ्तार किया। इनकी पहचान कठुआ निवासी रितीश कुमार मेहरा और भीलवाड़ा निवासी मुकेश कुम्हार के रूप में हुई है। आरोपियों के पास से तीन मोबाइल फोन, चार एटीएम, डेबिट कार्ड, पांच चेकबुक और पांच रबर स्टैंप मिले हैं। दक्षिणी जिला पुलिस उपायुक्त अनंत मित्तल के अनुसार, साइबर साउथ थाने में मामला दर्ज किया गया था।
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जांच में सामने आया कि ठगी की रकम मुकेश कुम्हार के फेडरल बैंक खाते में आई थी। उसके बाद 5.50 लाख रुपये रितीश कुमार मेहरा के कोटक महिंद्रा बैंक खाते में भेजे गए। बैंकिंग ट्रेल के आधार पर पुलिस ने पहले रितीश को कठुआ से और फिर मुकेश को भीलवाड़ा से पकड़ा। पुलिस की जांच में ऑनलाइन संचार का कनेक्शन कंबोडिया तक मिला है।
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