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इबारत 2025: यमुना की सफाई पर जोर, प्रदूषण पर प्रहार की तैयारी; सार्वजनिक परिवहन को बेहतर करने की जद्दोजहद
Sat, 27 Dec 2025 05:45 AM IST
दुष्यंत शर्मा
अमर उजाला नेटवर्क, दिल्ली
अमर उजाला नेटवर्क, दिल्ली
Published by: दुष्यंत शर्मा
Updated Sat, 27 Dec 2025 05:45 AM IST
सार
दिल्ली सरकार ने इस साल यमुना सफाई के लिए अतिरिक्त 500 करोड़ रुपये आवंटित किए हैं।
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Delhi Metro
- फोटो : AdobeStock
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विस्तार
27 साल बाद सत्ता में लौटी भाजपा ने 2025 में दिल्ली की राजनीति की दिशा बदलने का दावा किया। फरवरी में 48 सीटें जीतकर बनी सरकार की कमान रेखा गुप्ता ने संभाली, जो दिल्ली की चौथी महिला मुख्यमंत्री बनीं। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने शपथ ग्रहण के समय महिलाओं, गरीबों और मध्यम वर्ग के हितों को प्राथमिकता देने का वादा किया था।
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सरकार ने शुरुआती महीनों में प्रशासनिक पारदर्शिता बढ़ाने, लंबित परियोजनाओं की समीक्षा और भ्रष्टाचार के आरोपों की जांच पर जोर दिया। दिल्ली के अहम मुद्दे यमुना की सफाई पर सरकार ने पहल की, लेकिन वायु प्रदूषण के मुद्दे पर सरकार का किया नाकाफी रहा। मौजूदा सर्दियों में कई दिन दिल्ली का वातावरण धूल प्रदूषण से दमघोंटू रहा। करीब 10 महीने के कार्यकाल के बाद, साल के अंत में ये सवाल अहम है कि भाजपा सरकार ने 2025 में क्या किया और 2026 में दिल्ली को क्या सौगातें मिलने वाली हैं।
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दिल्ली सरकार ने इस साल यमुना सफाई के लिए अतिरिक्त 500 करोड़ रुपये आवंटित किए हैं। इससे विकेंद्रीकृत सीवेज उपचार संयंत्र और सीवर लाइनों की मरम्मत शुरू हुई है। यमुना के कुछ घाटों पर सफाई की गई है। सरकार ने प्रदूषण नियंत्रण के लिए अलग से 300 करोड़ दिए हैं, जिससे नए स्प्रिंकलर्स और स्मॉग गन खरीदे गए हैं। 27 विकेंद्रीकृत सीवेज उपचार संयंत्रों को दुरुस्त करने की शुरुआत हुई है। आगे उम्मीद है कि यमुना नदी में सीवेज का उपचारित पानी ही जाएगा। प्रदूषण कम करने में सरकार लाचार दिखी। रोड साइड स्प्रिंकलर, रोड स्वीपिंग जैसी पहल हुई, लेकिन इतने से बात नहीं बनी, शहर में एमसीडी की सफाई व्यवस्था बेहद लचर बनी रही।
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महिलाओ को सुरक्षित और समृद्ध बनाने की पहल
सरकार ने महिला सशक्तिकरण के लिए 5,100 करोड़ रुपये आवंटित किए। गरीब महिलाओं को मासिक 2,500 सहायता की घोषणा, साथ ही महिलाओं की सुरक्षा के लिए 50,000 सीसीटीवी कैमरे लगाने की शुरुआत की। गर्भवती महिलाओं को 21,000 रुपये सहायता शुरू की गई। यह योजना महिलाओं की आर्थिक स्वतंत्रता बढ़ाने के लिए लॉन्च की गई। पिंक पीसीआर यूनिट्स और स्मार्ट कार्ड से बस यात्रा मुफ्त करने की व्यवस्था हुई। 2025 में योजना का पायलट चरण शुरू हुआ, इससे लाखों महिलाओं को फायदा। यह दिल्ली को सुरक्षित और समृद्ध बनाने की सौगात है।
इस साल दिल्ली में 1 लाख करोड़ का पेश हुआ बजट
इस साल मार्च में रेखा सरकार ने 1 लाख करोड़ का बजट पेश किया, जो कि पिछले बजट से 31.5 फीसदी बड़ा है। ये जल, सफाई, स्वास्थ्य पर खर्च करने के लिए तय किया गया है। इसके अलावा सरकार ने व्यापारी कल्याण बोर्ड गठित कर दिया है। 100 अटल कैंटीन खोलने का वादा था, बृहस्पतिवार को 45 अटल कैंटीन खोल दी गई है, जहां 5 रुपये में जरूरतमंद लोगों को दाल, चावल, रोटी सब्जी भरपेट मिलेगी।
साल में दो बार दसवीं बोर्ड की परीक्षा
सीबीएसई ने बीते साल घोषणा की थी कि शैक्षणिक सत्र 2026-27 से दसवीं के छात्र साल में दो बार परीक्षा देंगे। अब फरवरी से इसकी शुरूआत होने जा रही है। दूसरी बार छात्रों को विज्ञान, गणित, सामाजिक विज्ञान और भाषाओं में से किसी भी तीन विषयों में अपने प्रदर्शन को बेहतर करने की अनुमति मिलेगी। पहले चरण की परीक्षा फरवरी, दूसरे चरण की परीक्षा मई में आयोजित होगी। छात्रों के लिए पहली परीक्षा में बैठना अनिवार्य है दूसरी बार की परीक्षा वैकल्पिक होगी। परीक्षा चाहे दो बार हो लेकिन आंतरिक मूल्यांकन एक बार ही होगा। दोनों बार की परीक्षा में जो बेस्ट अंक होंगे उनके आधार पर रिजल्ट जारी होगा
ई-बसें और मेट्रो विस्तार पर एक कदम और बढ़ाए
सरकार ने बुनियादी ढांचे और ई-परिवहन पर जोर दिया है। सरकार ने नई ईवी पॉलिसी का मसौदा तैयार कर लिया है। अगले साल ये दिल्ली में लागू होगी। सरकार ने सड़क जाम कम करने, फ्लाईओवर और सुरंग बनाने के लिए 28,000 करोड़ पूंजीगत व्यय तय किया है। इसमें 12,952 करोड़ परिवहन के लिए है। डीटीसी के बेड़े में अभी तक करीब 3500 ई-बसें हो गई हैं। लास्ट माइल कनेक्टिविटी के लिए देवी बस सर्विस। दिल्ली से यूपी, हरियाणा के शहरों के लिए अंतरराज्यीय ई-बस सेवा शुरू की है। मेट्रो फेज-4 पर काम चल रहा है, आगे मेट्रो फेज-5 पर केंद्र के साथ सरकार आगे बढ़ेगी। मुख्यमंत्री ने इसके संकेत दिए हैं।