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Delhi riots 2020 : जांच रिपोर्ट दाखिल न करने पर दिल्ली पुलिस की खिंचाई,अगली सुनवाई में बताना पड़ेगा कारण

Wed, 19 Mar 2025 06:41 AM IST
दुष्यंत शर्मा अमर उजाला नेटवर्क, दिल्ली
अमर उजाला नेटवर्क, दिल्ली Published by: दुष्यंत शर्मा Updated Wed, 19 Mar 2025 06:41 AM IST
सार

अदालत ने आदेश दिया कि संबंधित जांच अधिकारी, एसएचओ और एसीपी अगली तारीख को अदालत के समक्ष व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होकर इस तारीख को आगे की जांच की रिपोर्ट दाखिल न करने का कारण बताएं।

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2020 riots: Delhi Police reprimanded for not filing investigation report
सांकेतिक तस्वीर - फोटो : एएनआई (फाइल)

विस्तार

कड़कड़डूमा कोर्ट ने 2020 के दंगों के मामले की आगे की जांच पर रिपोर्ट दाखिल करने में विफल रहने के लिए दिल्ली पुलिस की खिंचाई की है। जनवरी में अदालत ने पांच आरोपियों के खिलाफ आरोप तय करने से इन्कार कर दिया था। 

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अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश (एएसजे) पुलस्त्य प्रमाचला ने 12 मार्च को एक आदेश में कहा कि यह देखना दुखद है कि डीसीपी (उत्तर-पूर्व) के निर्देश के बावजूद, आगे की जांच की स्थिति से अवगत कराने के लिए आज कोई भी अदालत में पेश नहीं हुआ। अदालत ने आदेश दिया कि संबंधित जांच अधिकारी, एसएचओ और एसीपी अगली तारीख को अदालत के समक्ष व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होकर इस तारीख को आगे की जांच की रिपोर्ट दाखिल न करने का कारण बताएं।
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अदालत ने कहा कि डीसीपी (उत्तर-पूर्व) ने एक रिपोर्ट दायर की थी, जिसमें कहा गया था कि एक सब-इंस्पेक्टर को शीघ्र और उचित जांच करने के लिए नियुक्त किया गया था। लेकिन, जांच की स्थिति के बारे में एसएचओ या जांच अधिकारी (आईओ) की ओर से कोई प्रतिक्रिया नहीं दी गई। 
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अदालत इस मामले की सुनवाई 13 मई को करेगी। इस मामले में पांच आरोपी कोमल मिश्रा, गौरव, गोलू, अजहर और मोहम्मद आरिफ शामिल हैं, जिन पर सांप्रदायिक हिंसा के दौरान पूर्वोत्तर दिल्ली के विभिन्न हिस्सों में दुकानों और वाहनों में आग लगाने का आरोप है। 


शुरुआत में 21 शिकायतें दर्ज की गईं, जिन्हें बाद में दयालपुर पुलिस स्टेशन में एक ही एफआईआर में जोड़ दिया गया। आरोपियों पर आपराधिक साजिश, आग से नुकसान पहुंचाना और दंगा, घातक हथियार से लैस होना के तहत मामला दर्ज किया गया। 21 जनवरी को अदालत ने उनके खिलाफ आरोप तय करने से इनकार कर दिया था और आगे की जांच का आदेश दिया था।

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