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Delhi NCR News: ट्रेड टू टेरिटरी के जरिए रंगमंच पर जीवंत हुए ब्रिटिश शासन के 200 साल
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ईस्ट इंडिया कंपनी के आगमन से लेकर स्वतंत्रता संग्राम तक का सफर
कमानी ऑडिटोरियम में 12 हजार से अधिक छात्रों तक पहुंच चुका है यह नाटक
संवाद न्यूज एजेंसी
नई दिल्ली। कमानी ऑडिटोरियम में हिस्ट्री डायरीज ग्रुप ने विद्यार्थियों के लिए तैयार अपने चर्चित शैक्षणिक नाटक ट्रेड टू टेरिटरी का मंचन किया। विशेष रूप से कक्षा 8 के विद्यार्थियों के लिए प्रस्तुत यह नाटक ईस्ट इंडिया कंपनी के व्यापारिक आगमन से लेकर भारत में ब्रिटिश शासन के विस्तार तक के लगभग 200 वर्षों के इतिहास को जीवंत करता है।
नाटक में व्यापारियों, भारतीय राजाओं, ग्रामीणों व स्वतंत्रता सेनानियों के दृष्टिकोण से इतिहास को प्रस्तुत किया गया। भव्य मंच सज्जा, प्रकाश व्यवस्था, संगीत व अभिनय के माध्यम से पाठ्यपुस्तकों के तथ्य मंच पर साकार होते दिखे।
प्रस्तुति का उद्देश्य केवल ऐतिहासिक घटनाओं का पुनर्पाठ नहीं, बल्कि यह समझाना भी था कि कैसे व्यापार के उद्देश्य से भारत आई कंपनी धीरे-धीरे राजनीतिक शक्ति बन गई। दो घंटे के नाटक में औपनिवेशिक नीतियों, भारतीय समाज पर उनके प्रभाव व स्वतंत्रता संग्राम की पृष्ठभूमि को रोचक शैली में पेश किया गया।
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आयोजकों के अनुसार, ट्रेड टू टेरिटरी 20 से अधिक मंचनों के माध्यम से 12 हजार से अधिक विद्यार्थियों तक पहुंच चुका है। इसका उद्देश्य थिएटर आधारित शिक्षा के जरिए इतिहास को रोचक, अनुभवात्मक व यादगार बनाना है। नाटक के अंत में दर्शकों ने तालियों से कलाकारों का उत्साहवर्धन किया।
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कमानी ऑडिटोरियम में 12 हजार से अधिक छात्रों तक पहुंच चुका है यह नाटक
संवाद न्यूज एजेंसी
नई दिल्ली। कमानी ऑडिटोरियम में हिस्ट्री डायरीज ग्रुप ने विद्यार्थियों के लिए तैयार अपने चर्चित शैक्षणिक नाटक ट्रेड टू टेरिटरी का मंचन किया। विशेष रूप से कक्षा 8 के विद्यार्थियों के लिए प्रस्तुत यह नाटक ईस्ट इंडिया कंपनी के व्यापारिक आगमन से लेकर भारत में ब्रिटिश शासन के विस्तार तक के लगभग 200 वर्षों के इतिहास को जीवंत करता है।
नाटक में व्यापारियों, भारतीय राजाओं, ग्रामीणों व स्वतंत्रता सेनानियों के दृष्टिकोण से इतिहास को प्रस्तुत किया गया। भव्य मंच सज्जा, प्रकाश व्यवस्था, संगीत व अभिनय के माध्यम से पाठ्यपुस्तकों के तथ्य मंच पर साकार होते दिखे।
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प्रस्तुति का उद्देश्य केवल ऐतिहासिक घटनाओं का पुनर्पाठ नहीं, बल्कि यह समझाना भी था कि कैसे व्यापार के उद्देश्य से भारत आई कंपनी धीरे-धीरे राजनीतिक शक्ति बन गई। दो घंटे के नाटक में औपनिवेशिक नीतियों, भारतीय समाज पर उनके प्रभाव व स्वतंत्रता संग्राम की पृष्ठभूमि को रोचक शैली में पेश किया गया।
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आयोजकों के अनुसार, ट्रेड टू टेरिटरी 20 से अधिक मंचनों के माध्यम से 12 हजार से अधिक विद्यार्थियों तक पहुंच चुका है। इसका उद्देश्य थिएटर आधारित शिक्षा के जरिए इतिहास को रोचक, अनुभवात्मक व यादगार बनाना है। नाटक के अंत में दर्शकों ने तालियों से कलाकारों का उत्साहवर्धन किया।