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ड्राई फ्रूट की फर्जी ट्रेडिंग फर्म बनाकर 20 करोड़ की ठगी, पुलिस पर आरोप-नहीं कर रही सुनवाई
Sat, 21 Nov 2020 05:10 AM IST
दुष्यंत शर्मा
अमर उजाला नेटवर्क, नोएडा
अमर उजाला नेटवर्क, नोएडा
Published by: दुष्यंत शर्मा
Updated Sat, 21 Nov 2020 05:10 AM IST
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ड्राई फ्रूट की फर्जी ट्रेडिंग फर्म बनाकर करीब 100 लोगों से 20 करोड़ रुपये से अधिक ठगने का मामला सामने आया है। आरोप है कि फर्जी नाम पते से फर्म खोलकर ठगों ने ड्राई फ्रूट ले लिए और फरार हो गए। सेक्टर-62 में चल रही फर्म के खिलाफ दर्जनों पीड़ितों ने कोतवाली सेक्टर-58 पुलिस से शिकायत की है, लेकिन पुलिस ने अब तक कोई मुकदमा दर्ज नहीं किया है।
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रोहित मोहन सेक्टर-65 के ए ब्लॉक में ट्रेडलैब ओवरसीज प्राइवेट लिमिटेड नाम से ड्राई फ्रूट की फर्म चलाते हैं। रोहित का आरोप है कि सेक्टर-62 स्थित कोरेंथम बिल्डिंग में दुबई ड्राई फ्रूट एंड स्पाइस हब फर्म के एमडी ओमप्रकाश जांगीड़, जीएम रूपेश कुमार चौधरी और एवीपी नायरा सिंह ने माल सप्लाई के लिए उनसे संपर्क किया। 5 अक्तूबर 2020 को दुबई ड्राई फ्रूट की तरफ से रोहित को एक टन बादाम सप्लाई करने का ऑर्डर दिया गया। इसकी कीमत करीब 5.85 लाख रुपये थी। इसके एवज में रोहित को 40 फीसदी रकम पहले दी गई। 60 फीसदी रकम बाद में देने की बात कही गई।
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12 अक्तूबर को ही दूसरा ऑर्डर दो टन बादाम के लिए आ गया। इसकी कीमत करीब 11.70 लाख रुपये थी। इसके एवज में भी 40 फीसदी रकम दी गई और इस ऑर्डर के लिए 60 फीसदी रकम के लिए एक्सिस बैंक का पोस्ट डेटेड चेक दिया गया। तय तिथि पर जब पोस्ट डेटेड चेक लगाने के लिए रोहित ने जीएम रूपेश चौधरी से संपर्क किया तो उन्होंने कहा कि खाते में पैसे नहीं हैं और ऑनलाइन भुगतान कर दिया जाएगा।
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भुगतान नहीं मिलने पर पूछताछ की गई तो दुबई ड्राई फ्रूट कंपनी के अधिकारियों की तरफ से अभद्र भाषा का इस्तेमाल किया गया। 17 नवंबर को दुबई ड्राई फ्रूट की तरफ से रोहित को सेक्टर-62 स्थित कंपनी बकाया पैसे देने के लिए बुलाया गया। जब वह ऑफिस पहुंचे तो वहां कोई नहीं मिला। सारा स्टाफ गायब था और दर्जनों की संख्या में पीड़ित मिले। सभी के लाखों रुपये दुबई ड्राई फ्रूट को देने थे।
इसके बाद दर्जनों पीड़ितों ने चौकी प्रभारी और कोतवाली सेक्टर-58 के थानाध्यक्ष से मिलकर शिकायत की, लेकिन अब तक मुकदमा दर्ज नहीं हुआ है। रोहित का कहना है कि फर्जी दस्तावेज पर फर्म बनाई गई थी और लीज पर ऑफिस लेकर 100 से ज्यादा लोगों से 20 करोड़ रुपये से अधिक ठगे गए हैं।