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दिल्ली: डिप्थीरिया से 2 और बच्चों की मौत, 20 दिन में बीमारी ने ली 20 मासूमों की जान
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Updated Wed, 26 Sep 2018 05:04 AM IST
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महर्षि वाल्मीकि अस्पताल
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डिप्थीरिया (गलघोंटू) बीमारी से मासूमों की मौत का सिलसिला जारी है। दो दिन में महर्षि वाल्मीकि अस्पताल में दो और बच्चों की जान चली गई। हालांकि, अस्पताल में सीरम पहुंचने के बाद मरीजों को राहत मिली है। लेकिन लगातार बच्चों की मौत के चलते सिस्टम पर सवाल खड़े हो रहे हैं।
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जानकारी के अनुसार सोमवार देर रात और मंगलवार को दो और बच्चों की मौत हो गई। इसमें एक दिल्ली का रहने वाला है। जबकि 6 से 25 सिंतबर के बीच अस्पताल में डिप्थीरिया से 20 मासूमों की मौत हो चुकी है। अस्पताल प्रबंधन के अनुसार इस बीमारी से पीड़ित 166 बच्चे अब तक भर्ती हुए हैं। जबकि वर्ष 2017 में 543 बच्चे भर्ती हुए थे, उनमें से 102 की मौत हुई थी। इसी तरह, वर्ष 2016 में गलघोंटू के 572 मरीज भर्ती हुए थे। उनमें 134 की जान चली गई थी।
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अस्पताल प्रबंधन का कहना है कि पश्चिमी उत्तर प्रदेश के जिलों से सर्वाधिक बच्चे नाजुक हालत में अस्पताल पहुंच रहे हैं। इसके चलते डॉक्टरों के पास उनके इलाज का पर्याप्त समय नहीं मिल रहा है। उधर, नगर निगम की ओर से अभी तक सीरम नहीं होने के कारण बच्चों की मौत पर जांच गठित करने के बाद रिपोर्ट को लेकर कोई प्रतिक्रिया नहीं आई है।
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