दो दर्जन से ज्यादा अवैध कॉलोनियां होंगी वैध
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प्रदेश सरकार ने नगरपालिका अपूर्ण क्षेत्रों में नागरिक सुख-सुविधाओं और अवसंरचना का प्रबंधन (विशेष उपबंध) संशोधन अधिनियम, 2014 के अंतर्गत मानदंड पूरे करने वाली अनधिकृत कॉलोनियों के सर्वे को मंजूरी प्रदान कर दी है।
लोकसभा चुनाव से पूर्व शहर की 44 कॉलोनियां नियमित की गई थीं, लेकिन उनमें अभी तक कोई काम नहीं हो पाया है। इस समय शहर में दो दर्जन के करीब अनियमित कॉलोनियां हैं। इनमें कई शहर की प्रमुख कॉलोनियां है।
स्थानीय निकाय के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि नगरपालिका अपूर्ण क्षेत्रों में नागरिक सुख-सुविधाओं और अवसंरचना का प्रबंधन (विशेष उपबंध) संशोधन अधिनियम, 2014 को एक अप्रैल को अधिसूचित किया गया था।
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इसके तहत एक जनवरी 2014 तक शर्तें पूरी करने वाली कॉलोनियों में मूलभूत सुविधाएं मुहैया कराने के निर्देश दिए गए हैं। ऐसी कॉलोनियों का सर्वे कराया जाएगा। सर्वे कराने वाली एजेंसियों की निविदा आमंत्रित की गई हैं।
इसके बाद कॉलोनियों में सर्वे का कार्य पूरा कर कॉलोनियों के नियमन की प्रक्रिया पूरी होगी। सरकार के इस फैसले को इनेलो के पार्षद गजे सिंह कबलाना ने चुनावी स्टंट बताया है।
उन्होंने कहा कि चार महीने पहले 44 कॉलोनियां नियमित की गई थीं। इनमें कुछ कॉलोनियों को राजनैतिक कारणों से अनदेखा कर दिया है। जो कॉलोनियां नियमित हुई हैं, उनमें एक भी विकास कार्य नहीं हो पाया। जबकि नगर निगम तीन बार सर्वे करा चुका है।
ये कॉलोनियां है अनियमित
अशोक विहार फेज-तीन, शिव विहार, राजीव नगर ईस्ट, राजीव नगर वेस्ट, संजय ग्राम, शीतला कॉलोनी, पालम विहार एक्सटेंशन, नोबल एंक्लेव, शंकर विहार, न्यू पालम विहार फेज-दो, चंदन विहार, सूरत नगर फेज -दो टेकचंद नगर सहित कुछ दूसरी कॉलोनियां।