फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Delhi ›   Delhi NCR News ›   1791 children rescued from human traffickers in past 5 years by Indian Railways

पांच साल में रेलवे ने मानव तस्करों से बचाए 1791 बच्चे, आरटीआई में खुलासा

Sat, 02 Mar 2019 07:08 AM IST
Priyesh Mishra न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नोएडा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नोएडा Published by: Priyesh Mishra Updated Sat, 02 Mar 2019 07:08 AM IST
विज्ञापन
1791 children rescued from human traffickers in past 5 years by Indian Railways
सांकेतिक तस्वीर
ड्रग्स और हथियारों के बाद मानव तस्करी दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा संगठित अपराध बताया जाता है। रेल और रेलवे स्टेशन भी तस्करों के निशाने पर रहे हैं, लेकिन रेलवे की सुरक्षा की कमान संभालने वाली एजेंसियां इन तस्करों से निपटने में सक्रिय भूमिका निभा रही हैं।
विज्ञापन


रेलवे बोर्ड के सुरक्षा निदेशालय ने एक आरटीआई के जवाब में पांच वर्ष का ब्योरा दिया है। इसके मुताबिक देश में 2014 से जनवरी 2019 तक 1791 बच्चों को मानव तस्करों से बचाया गया है, जिसमें 1263 लड़के और 528 लड़कियां शामिल हैं। रेलवे सुरक्षा बल और राजकीय रेलवे पुलिस ने इस कार्रवाई को अंजाम दिया है।
विज्ञापन


नोएडा के युवा समाजसेवी एवं अधिवक्ता रंजन तोमर ने रेल मंत्रालय से आरटीआई के जरिये यह जानकारी मांगी थी। रंजन के मुताबिक भारत में यह अपराध बड़े पैमाने पर हो रहा है। ऐसे में हमारे लिए सोचने का विषय है कि आखिर कैसे इस समस्या से निपटा जाए।
विज्ञापन
विज्ञापन


मानव तस्करों का निशाना बनने वाले अधिकांश बच्चे आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के होते हैं। शिक्षा की कमी और सरकारी नीतियां सही से लागू न होने की वजह से बच्चे इसका शिकार बनते हैं। लोकल एजेंट इसमें बड़ी भूमिका निभाते हैं जो शहरों में अच्छी नौकरी दिलाने का झांसा देकर अपराध को अंजाम देते हैं।
 
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed