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Hindi News ›   Delhi ›   Delhi NCR News ›   17 out of 20 fire safety deficiencies rectified at RML Hospital's SSB.

Delhi NCR News: आरएमएल अस्पताल के एसएसबी में फायर सेफ्टी की 20 में से 17 खामियां दूर

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Fri, 04 Sep 2026 08:38 PM IST
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सीपीडब्ल्यूडी ने सुपर स्पेशियलिटी ब्लॉक को लेकर हाईकोर्ट में दाखिल की स्टेटस रिपोर्ट, तीन खामियां भी जल्द दूर करने का दावा
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अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। डॉ. राम मनोहर लोहिया (आरएमएल) अस्पताल के सुपर स्पेशियलिटी ब्लॉक (एसएसबी) को अग्नि सुरक्षा अनापत्ति प्रमाण पत्र (एनओसी) मिलने की राह में अब केवल तीन खामियां बची हैं। केंद्रीय लोक निर्माण विभाग (सीपीडब्ल्यूडी) ने दिल्ली हाईकोर्ट में दाखिल स्टेटस रिपोर्ट में बताया कि दिल्ली फायर सर्विस (डीएफएस) की ओर से मार्च में बताई गई 20 फायर सेफ्टी खामियों में से 17 का अनुपालन कर दिया गया है। शेष तीन पर काम चल रहा है या डीएफएस के स्तर पर पुनर्विचार लंबित है।
सीपीडब्ल्यूडी ने तीन सितंबर को अदालत में रिपोर्ट दाखिल की। इसके मुताबिक, एसएसबी के लिए फायर एनओसी का आवेदन 16 जनवरी 2026 को डीएफएस को दिया गया था। नौ मार्च को फायर अधिकारियों ने निरीक्षण के बाद 20 खामियां बताई थीं। सीपीडब्ल्यूडी के अनुपालन और बाद की जांच के बाद पांच अगस्त तक इनकी संख्या घटकर तीन रह गई। सात अगस्त को विभाग ने डीएफएस पोर्टल पर अपडेटेड स्थिति के साथ पुनर्विचार आवेदन भी अपलोड कर दिया। अब फायर विभाग के जवाब का इंतजार है।
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यह रिपोर्ट नागरिक अधिकार समूह सोशल ज्यूरिस्ट की जनहित याचिका पर दाखिल की गई है। मामले में हाईकोर्ट ने तीन अगस्त को सीपीडब्ल्यूडी को शेष खामियां तत्काल दूर करने के निर्देश दिए थे। मुख्य न्यायाधीश देवेंद्र कुमार उपाध्याय और न्यायमूर्ति तेजस कारिया की खंडपीठ ने कहा था कि सुपर स्पेशियलिटी जैसी महत्वपूर्ण चिकित्सा सुविधा का जल्द संचालन जनहित में है। अस्पताल प्रशासन के अनुसार फायर सेफ्टी प्रमाणपत्र को छोड़कर अन्य सभी वैधानिक अनुमतियां मिल चुकी हैं। मामले की अगली सुनवाई सात सितंबर को होगी।
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तीन खामियां, जिन पर काम जारी
मोटरेबल एक्सेस: एसएसबी के चारों ओर नौ मीटर चौड़ी सड़क अधिकांश हिस्से में उपलब्ध है। ट्रॉमा सेंटर से लगे हिस्से को चौड़ा करने का काम शुरू हो गया है। इसे करीब तीन महीने में पूरा करने का लक्ष्य है।
फायर टावर लिफ्ट: तीनों सीढ़ियां बेसमेंट से छत तक जाती हैं। लिफ्टों को छत तक ले जाना जरूरी है या नहीं, इस पर डीएफएस से पुनर्विचार मांगा गया है। जरूरत पड़ने पर काम करीब छह महीने में 28 लाख रुपये की लागत से पूरा हो सकता है।

ट्रॉमा सेंटर से कनेक्शन: दूसरी और सातवीं मंजिल पर एसएसबी और ट्रॉमा सेंटर का संरचनात्मक कनेक्शन पूरा हो चुका है। फिनिशिंग का काम जारी है और इसे 15 सितंबर तक चालू करने का लक्ष्य है।
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