नोएडा के महागुन सोसाइटी के बवाल में 13 आरोपी गिरफ्तारी, 4 के खिलाफ केस दर्ज
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नोएडा के सेक्टर-78 की पॉश सोसायटी महागुन माडर्न में बुधवार को हुई जबरदस्त तोड़फोड़ और पथराव मामले में पुलिस ने 13 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। सभी मूलरूप से पश्चिम बंगाल निवासी बताए जा रहे हैं जो सेक्टर-78 की झुग्गियों में रहते हैं। ये लोग नौकरानी जोहरा व उसके पति अब्दुल सत्तार को पहले से जानते हैं। अब्दुल समेत कई आरोपियों की तलाश की जारी है। वहीं, सोसायटी में हुए हमले में कुल चार एफआईआर दर्ज कराई गई हैं। इसमें लगभग 500 लोगों को आरोपी बनाया गया है। थाना सेक्टर-49 पुलिस मामले की जांच कर रही है।
महागुन सोसायटी में बुधवार सुबह सैकड़ों की संख्या में काम करने वाले नौकर-नौकरानियों और उनके परिजनों ने तोड़फोड़ व पथराव किया था। ये लोग सोसायटी में काम करने वाली नौकरानी जोहरा के लापता होने और फिर उसके साथ मारपीट होने व दुष्कर्म जैसी अफवाहों से भड़क गए थे। हंगामे की वजह से सोसायटी के 2700 फ्लैट में रहने वाले लगभग 17,000 लोग चार घंटे तक अपने घरों में बंधक बने रहे थे। हंगामे के बाद बृहस्पतिवार को भी सोसायटी के बाहर भारी संख्या में पुलिस बल तैनात रहा।
एसपी सिटी अरुण कुमार सिंह ने बताया कि सोसायटी में तोड़फोड़ व हिंसा करने वाले 58 संदिग्धों को बुधवार रात हिरासत में लिया गया था। इनसे पूछताछ के बाद 13 आरोपियों को गिरफ्तार कर बृहस्पतिवार को जेल भेज दिया गया। इनकी पहचान अख्तर उल हक, रफीक उल मियां, हबीब उल रहमान, सहदुल हक, हैदर अली, यूनुस अली, लक्खी राम, अब्दुल जलील, अतीक उबराह, नजरुल हक, शेहरुद्दीन, अब्दुल दुल्ला और मौजिदुल के रूप में हुई है। बाकी को छोड़ दिया गया है। हंगामे की मुख्य वजह रही नौकरानी जोहरा अपने घर में है। भीड़ को भड़काकर पथराव व तोड़फोड़ कराने वाला मुख्य आरोपी जोहरा का पति अब्दुल सत्तार और कुछ अन्य संदिग्ध फिलहाल फरार हैं। उनकी तलाश जारी है।
ये एफआईआर दर्ज हुई हैं
एसपी सिटी ने बताया कि हमलावरों के खिलाफ मारपीट, हिंसा, पथराव, जानलेवा हमला, हत्या का प्रयास, बलवा और 7 क्रिमिनल लॉ एमेंडमेंट एक्ट के तहत एफआईआर दर्ज की गई है। वहीं, जोहरा की शिकायत पर सेठी परिवार के खिलाफ मारपीट की एफआईआर दर्ज की गई है। एक एफआईआर नौकरानी जोहरा ने दर्ज कराई है। इसमें उसने सोसायटी के मैनचेस्टर टावर के फ्लैट में रहने वाले मितुल सेठी की पत्नी हर्षू सेठी के खिलाफ मारपीट करने और बंधक बनाए रखने का आरोप लगाया है। नौकरानी ने इसकी वजह दो माह की 12 हजार रुपये तनख्वाह मांगना बताया है।
दूसरी एफआईआर मितुल सेठी ने दर्ज कराई है। उन्होंने जोहरा व उसके पति समेत लगभग 300-400 अज्ञात लोगों द्वारा घर पर जानलेवा हमला करने, पथराव करने और तोड़फोड़ करने की शिकायत दी है। एफआईआर में उन्होंने जोहरा द्वारा पूर्व में नकदी चोरी की बात कबूल करने और मोबाइल छोड़कर भागने का जिक्र किया है। तीसरी एफआईआर सोसायटी के प्रबंधक प्रदीप शर्मा ने प्रबंधन की तरफ से दर्ज कराई है।
इसमें कहा गया है कि बुधवार सुबह करीब साढ़े सात बजे जोहरा बीबी, उसका पति अब्दुल, सखन, डिप्टी, राजकुमार, मुस्तफा, जाकिर शेख, सहदुल, जहदुल व फिरोज समेत 100-150 अज्ञात लोगों ने सोसायटी में घुसकर पुलिस की मौजूदगी में तोड़फोड़ व पथराव किया। चौथी एफआईआर सोसायटी के निवासियों की तरफ से महागुन के निवासी वकील राहुल सहाय ने दर्ज कराई है। उन्होंने जोहरा उसके पति अब्दुल सत्तार समेत लगभग 500 अज्ञात लोगों द्वारा सोसायटी में तोड़फोड़ व पथराव करने की एफआईआर कराई है।
सेक्टर-78 व आसपास सत्यापन अभियान शुरू : एसएसपी
एसएसपी लव कुमार ने बताया कि हिंसा के बाद बृहस्पतिवार को सेक्टर-78 व आसपास की झुग्गियों में रहने वालों का सत्यापन शुरू कर दिया गया है। पुलिस की चार टीमें बनाई गई हैं जो झुग्गियों में जाकर वहां रहने वालों की फोटो, नाम, स्थायी व अस्थायी पता, परिवार का ब्योरा, मोबाइल नंबर और पहचान पत्र लेकर सत्यापन करेगी। इनके मूल पते पर भी सत्यापन कराया जाएगा। हिंसा के बाद अवैध रूप से रह रहे बांग्लादेशियों का मुद्दा भी उठा है।
इसकी जांच करने के लिए संदिग्धों के पास से जमा होने वाले पहचान पत्रों की भी विस्तृत जांच कराई जाएगी। अभी तक की जांच में कोई भी बांग्लादेशी नहीं मिला है। जल्द ही ये सत्यापन अभियान पूर शहर की झुग्गियों में शुरू कर दिया जाएगा। सोसायटी में रहने वाले लोगों से भी अपील की जाएगी कि वह शत-प्रतिशत अपने घरेलू सहायकों का सत्यापन कराएं।
गार्ड व प्रबंधन की चूक बनी हिंसा की वजह
एसपी सिटी के अनुसार सेठी परिवार के घर से निकालने और सोसायटी प्रबंधन से शिकायत करने के बाद जोहरा पूरी रात दूसरे टावर में रहने वाली प्रमिला सिंह के घर में रुकी रही। जोहरा के बीमारी का बहाना बनाने पर प्रमिला ने उसे खुद खाना बनाकर खिलाया। प्रमिला ने जोहरा के रुकने की सूचना अपने टॉवर के रिसेप्शन पर दे दी थी। साथ ही, ये भी कह दिया था कि वह मुख्य गेट को सूचित कर दें कि अगर जोहरा का पति या कोई उसे खोजता हुए आए तो उसे बता दिया जाए, लेकिन रिसेप्शन के गार्ड ने मुख्य गेट को सूचना नहीं दी थी।
इसके अलावा हर्षू सेठी ने बुधवार शाम को ही सोसायटी को जोहरा द्वारा चोरी करने की सूचना दे दी थी और कुछ देर बाद उसका मोबाइल भी मुख्य गेट पर दे दिया था। बावजूद प्रबंधन ने नौकरानी की चोरी की सूचना पुलिस को नहीं दी। इस वजह से जोहरा के पति और उसके साथियों को हंगामा करने और भीड़ जुटाने का मौका मिल गया।
दिल्ली महिला आयोग ने नहीं किया संपर्क
बुधवार को हिंसा के बाद चर्चा थी कि दिल्ली महिला आयोग ने जोहरा की तरफ से नोएडा पुलिस पर दबाव बनाकर उसकी तरफ से झूठी एफआईआर दर्ज करा दी। इस संबंध में एसपी सिटी ने कहा कि दिल्ली महिला आयोग की तरफ से उनसे कोई संपर्क नहीं किया गया था।
झूठी है जोहरा की कहानी
एसपी सिटी ने बताया कि सीसीटीवी कैमरों और गार्डों के बयान के अनुसार जोहरा की कहानी झूठी है। जोहरा ने एफआईआर में बताया है कि सेठी परिवार के घर में मारपीट के बाद डर की वजह से वह रात भर बेसमेंट में छिपी रही, जबकि वह दूसरे टावर के फ्लैट में रुकी थी। उसने सेठी परिवार पर मोबाइल छीनने का आरोप लगाया है, जबकि उन्होंने रात में ही मोबाइल गेट पर जमा करा दिया था। मेडिकल जांच में भी उसके साथ मारपीट की पुष्टि नहीं हुई है।