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यमुना के डूब क्षेत्र में रह रहे 120 पाकिस्तानी हिंदू परिवार, एनजीटी ने दिया कार्रवाई का आदेश
Fri, 18 Oct 2019 06:54 AM IST
संजीव कुमार झा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: संजीव कुमार झा
Updated Fri, 18 Oct 2019 06:54 AM IST
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कुछ वर्ष पहले 100 से अधिक पाकिस्तानी हिंदू परिवार तीर्थयात्रा वीजा पर राष्ट्रीय राजधानी में आए थे, लेकिन लौटने के बजाय वे गुरुद्वारा मजनू का टीला के दक्षिण में यमुना डूब क्षेत्र में झुग्गियों और अर्ध-स्थायी मकान में रहने लगे। उनमें से कई ने मजनू का टीला पते के आधार पर आधार कार्ड, पैन कार्ड और बैंक खाते बनवा लिए हैं और उनके बच्चे भी पास के सरकारी स्कूल में जा रहे हैं।
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राष्ट्रीय हरित अधिकरण (एनजीटी) के समक्ष जगदेव द्वारा दायर याचिका के बाद दायर एक रिपोर्ट में यह दावा किया गया कि यमुना डूब क्षेत्र पर गुरुद्वारे के दक्षिण से सटे अतिक्रमण के खिलाफ कार्रवाई करने और नदी की अखंडता को प्रभावित करने वाले पेड़ों को बड़े पैमाने पर काटने की मांग की गई थी।
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एनजीटी अध्यक्ष न्यायमूर्ति आदर्श कुमार गोयल की अध्यक्षता वाली पीठ ने रिपोर्ट का कड़ा संज्ञान लिया और पूछा कि कैसे अधिकारी यमुना बाढ़ के मैदान पर इस तरह के अतिक्रमण की अनुमति दे सकते हैं। ट्रिब्यूनल ने डीडीए को यमुना डूब क्षेत्र से अतिक्रमण हटाने और मामले में कार्रवाई की रिपोर्ट दर्ज करने का निर्देश दिया।
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हालांकि इस बस्ती को कोई बिजली नहीं दी जाती है, लेकिन नल से पानी की आपूर्ति होती है। कुछ रहने वालों ने फुटपाथ के पास छोटी दुकानें भी शुरू कर दी हैं। साइट के निरीक्षण के दौरान, यह पाया गया कि 2011 से 2014 तक तीर्थयात्रा वीजा पर भारत आने वाले पाकिस्तानी हिंदू नागरिकों के लगभग 700 परिवारों के पास लगभग 5000 वर्ग गज जमीन कब्जे में है। उन्होंने आस-पास कब्जा कर अपना निवास बनाया है, जिसकी वजह से ग्रीन बेल्ट की जमीन सिकुड़ती जा रही है।