डीएड की 1815 सीटों के लिए होगी 11वीं काउंसलिंग
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प्रदेश के प्राइवेट डीएड कॉलेजों में 28 नवंबर से दोबारा आवेदन प्रक्रिया शुरू हो रही है। विभिन्न जिलों में खाली 1815 सीटों को भरने के लिए राज्य शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद् (एससीईआरटी) की ओर नए आवेदन मांगे गए हैं।
यह प्रक्रिया तीन दिसंबर तक चलेगी। फिर 11वीं काउंसलिंग के जरिये छात्रों को सीटें अलॉट की जाएगी। इससे अभी तक जिन छात्रों ने दाखिले के लिए आवेदन नहीं किया था, उसे भी दाखिला का मौका मिल जाएगा।
जनरल के अलावा आरक्षित श्रेणी के अधिकांश सीटें खाली है। हरियाणा में डीएड (डिप्लोमा इन एजुकेशन) के प्रति छात्रों का रूझान कम हो रहा है। दस काउंसलिंग के बाद भी पूरे प्रदेश में करीब 20 हजार डीएड की सीटें नहीं भर पाई है।
10वीं काउंसलिंग में 2100 में से महज 300 सीटें ही भर पाई। इसके बाद फिर से आवेदन मांगे गए हैं। इसके पीछे कॉलेजों का दबाव भी माना जा रहा है।
बता दें कि छात्रों के घटते रूझान को देखते हुए एससीईआरटी ने इस बार दूसरे प्रदेश के छात्रों के लिए भी दाखिले के लिए अनुमति दी थी। दो की जगह अब तीन साल का डीएड करने के बाद छात्रों का रूझान कम हो रहा है।
शिक्षा निदेशालय ने 2012 में दो साल पढ़ाई के साथ 90 दिन की इंटर्नशिप और 20 दिन की टीचिंग प्रैक्टिस शुरू की थी। एससीईआरटी के अधिकारी भी मानते है कि डीएड में इंटर्नशिप लागू होने से छात्रों को यह डिग्री तीन साल में मिलता है।
जबकि दूसरे प्रदेशों में बिना इंटर्नशिप के दो साल में डिग्री मिल जाती है। डीएड की दाखिला प्रक्र्रिया और अब हाजिरी को लेकर सख्ती की वजह से दूसरे प्रदेश में डीएड करना ज्यादा मुफिद समझते हैं।