फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Delhi ›   Delhi NCR News ›   11 Sisters of faridabad set example for others

एक-दो नहीं, इस घर में हैं 11 बेटियां जो बनीं मिसाल

Sun, 08 Mar 2015 11:07 AM IST
Updated Sun, 08 Mar 2015 11:07 AM IST
विज्ञापन
11 Sisters of faridabad set example for others

भिवानी की फोगाट बहनें बबिता एवं गीता आपको याद हैं। उन्होंने तमाम मिथकों और धारणाओं को दरकिनार करते हुए कुश्ती में लोहा मनवाया है।

विज्ञापन


ठीक वैसी ही हैं मेवात की 11 बहनें। जिन्होंने तमाम वर्जनाएं तोड़कर आला तालीम हासिल कर इलाके में अपनी अलग पहचान बनाई है।

हरियाणा के सबसे पिछड़े मेवात में लड़कियों की शिक्षा का बुरा हाल है। इससे अंदाजा लगाया जा सकता है कि अभी चल रही हरियाणा बोर्ड की परीक्षा में सबसे कम छात्राएं मेवात से शामिल हुई हैं।

2011 की जनगणना के अनुसार इस जिले की महिला साक्षरता दर 24.26 फीसदी है, जो प्रदेश में सबसे कम है। अधिवक्ता नूरूद्दीन नूर कहते हैं कि मुस्लिम बहुल इलाका होने के कारण बच्चियों की शिक्षा का विशेष इंतजाम नहीं होने से बहुत कम मां-बाप अपनी लड़कियों को आगे पढ़ाने को राजी होते हैं।
विज्ञापन

पिता की मौत के बाद भी नहीं हारी हिम्मत

11 Sisters of faridabad set example for others

शिक्षा को लेकर ऐसे माहौल में मेवात के चंदैनी गांव के रियाज खान ने एक मिसाल कायम की है। वह पंजाब वक्फ बोर्ड में रेवेन्यू कलेक्टर थे। चार साल पहले उनका इंतकाल हुआ है।

इसके बावजूद परिवार की लड़कियों के आला तालीम देने की यह परंपरा अब उनकी दो बड़ी बेटियों नफीसा और शबनम ने संभाल रखी है। दोनों बहनें सरकारी स्कूल में टीचर हैं।

रियाज की आठवीं पुत्री अना रियाज बताती हैं कि उनकी चार बहनाें ने इसलिए टीचर बनना जरूरी समझा कि वो लड़कियों को उच्च शिक्षा के लिए प्रेरित कर सकें। वह बताती हैं कि प्राय: अभिभावक उनसे अपनी बच्चियाें को आला तालीम दिलाने के बारे में राय लेने आते हैं।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed