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बिहार और झारखंड के बाल मजदूर कराए गए रिहा
ब्यूरो/अमर उजाला, नई दिल्ली
Updated Wed, 28 May 2014 01:22 PM IST
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उत्तर-पश्चिमी दिल्ली के बाहरी इलाकों में पुलिस ने फैक्ट्रियों में छापा मारकर मजदूरी करते 11 बच्चों को छुड़वाया है। 12 से 17 आयु वर्ग के इन बच्चों को कानपुर, दरभंगा, असम, झारखंड व बिहार से लाया गया था। पुलिस ने बच्चों को सरकारी आश्रम में भेज दिया है। इनमें दो लड़कियां भी हैं।
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बच्चों के लिए काम करने वाली संस्था बचपन बचाओ आंदोलन को सूचना मिली थी कि नांगलोई, अमर कॉलोनी व अरविंद एंक्लेव में स्थित फैक्ट्रियों में बच्चों से मजदूरी करवाई जा रही है।
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संस्था ने इसकी सूचना लेबर विभाग के साथ-साथ दिल्ली पुलिस को भी दी। पुलिस ने मंगलवार को एक साथ छापा मारा। पुलिस के मुताबिक, सभी बच्चे बेहद ही दयनीय हालत में थे। इनमें से अधिकतर जूते बनाने वाली फैक्ट्री में काम करते थे।
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बच्चों ने एसडीएम जेएस राणा को बताया कि वे गरीब परिवारों से हैं। उनके परिजनों को यही आश्वासन दिया गया था कि उन्हें पढ़ाई के साथ नौकरी का भी मौका मिलेगा। बच्चों ने बताया कि उन्हें घर नहीं जाने दिया जाता था और न ही मजदूरी के पैसे दिए जाते थे। बचपन बचाओ आंदोलन के संस्थापक राकेश सेंगर के मुताबिक, अशोक विहार में बच्चे मिलने के बाद उन्होंने पुलिस हेल्पलाइन 1291 पर मदद मांगी थी।