अब और रफ्तार पकड़ेगी 102 एंबुलेंस सेवा
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गर्भवती महिलाओं और बीमार शिशुओं को नजदीकी अस्पताल तक पहुंचाने वाली नेशनल एंबुलेंस सेवा अब और रफ्तार पकड़ेगी।
एनआरएचएम के तहत चलने वाली 102 एंबुलेंस सेवा को सुचारु रूप से चलाने के लिए प्रदेश में 1000 नई एंबुलेंस खरीदी जाएंगी।
एनआरएचएम के तहत पिछले साल से शुरू हुई जननी शिशु सुरक्षा के लिए जुलाई 2013 से 102 एंबुलेंस सेवा का संचालन प्राइवेट कंपनी को सौंपा गया था।
मिलेंगी ये सारी सुविधाएं
प्रथम चरण में प्रदेश के कुछ जिलों में 972 एंबुलेंस का संचालन हो रहा है। इस एंबुलेंस का प्रयोग गर्भवती महिलाओं और बीमार बच्चों को घर से नजदीकी अस्पताल ले जाने के लिए किया जाता है।
गर्भवती महिलाओं को परेशानी होने पर और प्रसव के बाद एक माह तक शिशु की तबियत खराब होने पर उसे एंबुलेंस द्वारा अस्पताल पहुंचाने का प्राविधान है।
प्रमुख सचिव स्वास्थ्य प्रवीर कुमार ने बताया कि दूसरे चरण में निर्वाचन आयोग से अनापत्ति प्राप्त होने के बाद 1000 एंबुलेंस की खरीद की जाएगी।
रेस्टरूम की भी होगी सुविधा
102 नेशनल एंबुलेंस सेवा योजना के अंतर्गत जनपद को छह एंबुलेंस संचालित होंगी। एसीएमओ संजय अग्रवाल ने बताया कि एंबुलेंस संचालित करने वाली कंपनी जीवीके को छह एंबुलेंस सौंप दी गई हैं। चुनावों के बाद कंपनी इसका संचालन शुरू कर देगी।
प्रमुख सचिव प्रवीर कुमार ने सभी जिलों के जिलाधिकारी को पत्र लिखकर निर्देश दिया है कि पहले से चल रही एंबुलेंस को सुचारु रूप से चलाया जाना सुनिश्चित किया जाए।
शासन के संज्ञान में आया है कि पूर्व से संचालित हो रही 102 एंबुलेंस सेवा के लिए पार्किंग और एंबुलेंस स्टाफ के लिए रेस्टरूम की व्यवस्था सही ढंग से नहीं की जा रही है। इसलिए प्राथमिकता के आधार पर इन्हें सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं।