जानलेवा होता जा रहा कोरोना: दिल्ली में इस साल अप्रैल में हुईं सबसे अधिक मौतें, मौसम भी दे रहा वायरस का साथ
अस्पतालों में कोरोना के 31 मरीज आईसीयू के साथ वेंटिलेटर पर भर्ती हैं। दिल्ली में कोरोना के कुल 246 मरीज अस्पतालों में भर्ती हैं। इनमें से 232 मरीज ऑक्सीजन बेड, 83 मरीज आईसीयू व 31 मरीज आईसीयू के साथ वेंटिलेटर पर हैं।
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मौसमी बीमारियों के साथ कोरोना के बदले रूप के कारण अप्रैल में 100 मरीजों ने दम तोड़ दिया। मौत का यह आंकड़ा इस साल में सर्वाधिक रहा। हालांकि, ज्यादातर मरीज अन्य गंभीर बीमारियों से भी पीड़ित थे। उपचार के दौरान इन मरीजों में कोरोना संक्रमण भी पाया गया था।
डॉक्टरों की माने तो इस बार मौसमी बीमारी ने भी रूप बदला, जिससे लोग ज्यादा दिनों तक बीमार रहे। वहीं, कोरोना के नए रूप ने उन लोगों को भी चपेट में लिया जिन्होंने कोरोना से बचाव के लिए दोनों वैक्सीन लगा ली थीं। ऐसे में दिक्कत और ज्यादा बढ़ गई। स्वास्थ्य विभाग के अनुसार इस साल 31 मार्च तक कोरोना से मौत का आंकड़ा 26528 था जो 30 अप्रैल को बढ़कर 26627 हो गया।
31 गंभीर मरीज भर्ती
अस्पतालों में कोरोना के 31 मरीज आईसीयू के साथ वेंटिलेटर पर भर्ती हैं। दिल्ली में कोरोना के कुल 246 मरीज अस्पतालों में भर्ती हैं। इनमें से 232 मरीज ऑक्सीजन बेड, 83 मरीज आईसीयू व 31 मरीज आईसीयू के साथ वेंटिलेटर पर हैं। डॉक्टरों का कहना है कि आईसीयू के साथ वेंटिलेटर पर भर्ती अधिकतर मरीजों में कोरोना के अलावा अन्य शिकायत भी हैं। इसमें दिल की बीमारी सहित अन्य रोग हैं।
घटेगा कोरोना का ग्राफ
लोकनायक अस्पताल के चिकित्सा अधीक्षक डॉ. सुरेश कुमार ने कहा कि कोरोना के मामलों में अब उछाल की संभावना नहीं हैं। उम्मीद की जा रही है कि कोरोना के मामले अब घटते जाएंगे। हालांकि, अन्य डॉक्टरों का कहना है कि दिल्ली-एनसीआर का मौसम जिस तरह से बदल रहा है उसे देखकर लगता है कि एक बार फिर से मौसमी बीमारियों का खतरा बढ़ सकता है। साथ ही, कोरोना के मामले भी बढ़ सकते हैं।