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रैपिड टेस्टः 10 हजार लोगों पर चार तरीकों से होगा परीक्षण, 15 दिन में परिणाम की उम्मीद
Sun, 02 Aug 2020 05:45 AM IST
दुष्यंत शर्मा
अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली
अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली
Published by: दुष्यंत शर्मा
Updated Sun, 02 Aug 2020 05:45 AM IST
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आरएमएल अस्पताल
- फोटो : Social Media
केंद्र सरकार के राम मनोहर लोहिया अस्पताल में रैपिड टेस्टिंग किट का परीक्षण शुरू हो गया है। अस्पताल ने अधिक से अधिक वालंटियर से इसमें भाग लेने की अपील की है। यह परीक्षण सफल रहा तो महज 30 सेकेंड में कोरोना की रिपोर्ट हासिल की जा सकती है।
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कोरोना जांच की यह तकनीक इजरायल में विकसित की गई है। वायरस की जांच में और तेजी लाने के लिए भारत और इजरायल साथ मिलकर इस रैपिड टेस्टिंग किट पर काम कर रहे हैं। भारत में चार स्थानों पर इसका परीक्षण किया जा रहा है। इसमें दिल्ली का आरएमएल अस्पताल भी शामिल है।
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विशेषज्ञों का मानना है कि अगर यह ट्रायल सफल होता है तो महज तीस सेकेंड में कोरोना जांच का परिणाम मिल जाएगा। उम्मीद की जा रही है कि आने वाले कुछ दिनों में इसके नतीजे आ सकते हैं।
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चार तरीकों से हो रहा है परीक्षण
इजरायल के वैज्ञानिकों द्वारा विकसित 30 सेकंड में कोरोना वायरस की जांच करने वाली किट से चार तरीकों से जांच की जा रही है। इसमें एक श्वास विश्लेषक टेस्ट होगा। दूसरे व्यक्ति के लार के नमूनों से जांच होगी। तीसरा आवाज का परीक्षण होगा। इसमे किसी की भी आवाज से ही बताया जा सकता है ,कि वह कोरोना संक्रमित है या नहीं।
चौथे तरीके में सांस के नमूने से से संक्रमण का पता लगाया जा सकेगा। आरएमएल प्रशासन के मुताबिक, रैपिड जांच के लिए अस्पताल को परीक्षण स्थल बनाया गया है। चार अलग-अलग प्रकार की तकनीकों का परीक्षण शुरू किया है। इसमें इजरायल के वैज्ञानिकों काफी सहयोग मिला है। इसको नॉन इन्वेंसिस रैपिड कोविड जांच नाम दिया गया। लोगों से अपील है कि इसके परीक्षण के लिए अधिक से अधिक में वॉलिंटियर बनकर भाग लें।