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हिंसा के 10 दिन बाद जहांगीरपुरी में पटरी पर लौटी जिंदगी: लोगों को आने जाने की मिली इजाजत, ईद की तैयारियों से गलियां हुईं गुलजार

Tue, 26 Apr 2022 01:16 AM IST
Vikas Kumar न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: Vikas Kumar Updated Tue, 26 Apr 2022 01:16 AM IST
सार

रविवार को निकाली गई तिरंगा यात्रा के बाद हालात तेजी से बदलने लगे हैं। रास्ते खुलने के बाद एक बार फिर जहांगीरपुरी की सड़कों पर पहले की तरह चहल पहल दिखने लगी है।

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10 days after the violence in Jahangirpuri things started returning to normal
जहांगीरपुरी - फोटो : amar ujala

विस्तार

उत्तर पश्चिम दिल्ली के जहांगीरपुरी में हुई हिंसा के 10 दिन बाद जिंदगी पटरी पर लौटने लगी है। सुरक्षा कर्मियों की मुस्तैदी के बीच कुशल चौक के पास की तीन सड़कें स्थानीय लोगों के लिए खोल दी गई हैं। इससे लोगों को अपने जरूरी काम के लिए आना जाना आसान हो गया है। रास्ते खुलने से सी ब्लॉक की गलियों में हर तरफ ईद की तैयारियां दिखीं। 

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रविवार को निकाली गई तिरंगा यात्रा के बाद हालात तेजी से बदलने लगे हैं। रास्ते खुलने के बाद एक बार फिर जहांगीरपुरी की सड़कों पर पहले की तरह चहल पहल दिखने लगी है। ई-रिक्शा, ऑटो भी घरों के नजदीक पहुंचने से लोगों को काफी राहत मिली है और उन्हें जरूरी काम के लिए आवागमन में देरी नहीं हो रही है। सोमवार को स्कूल से लौटते छात्रों ने बताया कि दोस्तों के बीच कोई भेदभाव नहीं है। वर्षों से साथ रहते हैं और पढ़ते हैं। एक दूसरे के त्योहारों में शामिल होते हैं।
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दोपहर के वक्त करीब दो बजे एक के बाद एक ई-रिक्शे पहुंचे। इससे उतरने के बाद लोग अपने अपने घरों के लिए रवाना हुए। घर के लिए कोई जरूरी सामान भी रास्ते से खरीदकर ले गए। स्थानीय लोगों की बाइक भी तीनों सड़कों पर आ जा रही हैं, लेकिन सी ब्लॉक की कुछ गलियां अभी भी बंद हैं। 
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रमजान के महीने में सजी गलियां

रमजान के महीने में सी ब्लॉक की गलियों में सेवइयां, शीरमाल, रोटियां, फल, खजूर के साथ दुकानें सजी हुई दिखीं। ईद के मौके पर गलियों को सजाया जाएगा और अमन शांति का पैगाम देंगे। गलियां में महिलाएं, बच्चे और पुरुष भी जरूरी सामान की खरीदारी करते नजर आए। नॉन वेज की दुकानें भी खुली गई थीं। कुछ दुकानों को छोड़ शेष खुल गई है ताकि लोगों को सहूलियत हो सके। 

कार्रवाई से कई परिवारों के लिए गुजारा हो गया मुश्किल
अतिक्रमण के खिलाफ हुई कार्रवाई में जिनकी रेहड़ी पटरी या दुकानें प्रभावित हुईं उनका कहना है कि अब आगे उनके पास कोई काम नहीं है। चिकन की दुकान चलाने वाले रशीदा ने बताया कि कार्रवाई में उनकी रेहड़ी, चूल्हा सहित सभी जरूरी सामान लेकर चले गए। ऋण लेकर छह महीने दुकान की शुरुआत की थी। अब न तो दुकान और न ही काम, ऊपर से किश्त चुकाने की सिरदर्दी। आखिरकार कैसे दो बच्चों को पालेंगे, कौन सुनवाई करेगा। 

माजिद खान ने बताया कि उनकी दुकान को हटा दिया गया। इससे उन्हें 50-60 हजार रुपये का नुकसान हो गया। अगर, इसकी भरपाई नहीं होती है तो दोबारा काम शुरू करना भी मुश्किल हो जाएगा। खान ने बताया कि अब न तो किराया चुकाने के पैसे हैं और न ही कोई काम। ऐसे में चार बच्चों का पालन पोषण कैसे करेंगे। 

टूटे गुल्लक से 200 रुपये हुए इकट्ठा, पापा को पक्की दुकान की ख्वाहिश

12 वर्षीय आसिफ के पिता अकबर की दुकान को जब हटाया गया तो सभी सामान और गुल्लक भी जमीन पर गिर गए। अकबर कोल्ड ड्रिंक्स, पानी सहित दूसरे सामान भी बेचते हैं। दुकान को जिस वक्त तोड़ा गया, सब कुछ बिखर गया। गुल्लक टूट गया तो बिखरे सिक्के को इकट्ठा किया। रविवार को इसकी गिनती की तो इसमें 200 रुपये मिले। आसिफ ने बताया कि मेरे पापा को पक्की दुकान मिल जाए, मेरी यही ख्वाहिश है। मैंने जितने पैसे इकट्ठा किए हैं, इससे ज्यादा भी जमा करवाने के लिए मेहनत कर सकता हूं। अपने पिता के बिखरते अरमानों को बेटे ने संजोकर रखा ताकि उनका भविष्य संवर सके।

जहांगीरपुरी में 16 को होनी थी पहली इफ्तार पार्टी, नहीं हो सकी
यासीन खान ने कहा कि अब अमन का माहौल है। 16 को जब हिंसा हुई, उसके बाद से पहले दिन अधिकतर दुकानें खुली और चौराहे से तीन मुख्य रास्तों से भी लोगों को आने जाने की इजाजत दी गई है। अगर और भी रास्ते खुलेंगे तो लोगों को सहूलियत होगी। ईद के लिए तैयारियां शुरू हो गई हैं। लेकिन इस बार रमजान के महीने में जहांगीरपुरी में एक भी इफ्तार पार्टी नहीं हो सकी। पहला आयोजन 16 अप्रैल को होने वाली थी, लेकिन माहौल बिगड़ने के बाद उसमें भी शामिल नहीं हो सके। हिंसा के कारण इफ्तार भी प्रभावित हुआ। पहले ही महंगाई के कारण सामान महंगे होने की वजह से इस बार काफी कम इफ्तार का यहां आयोजन किया जा रहा है। तबरेज खान ने बताया कि कोरोना के बाद से लोग पहले ही परेशान चल रहे हैं। हालात बिगड़ने से दुकानदारों को नुकसान हुआ है। नूर अंसारी ने बताया कि इस बार ईद पर बाजार को भव्य रूप में सजाया जाएगा। साथ ही लोगों के बीच आपसी भाईचारा का संदेश देंगे ताकि जहांगीरपुरी में पहले की तरह अमन बहाल हो। शम्स इस्लाम ने बताया कि छोटे दुकानदारों की मुश्किलें और बढ़ गईं। 

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