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सांप्रदायिक हिंसा: 13 साल में 10 हजार घटनाएं, 1605 की मौत, आरटीआई में हुआ खुलासा
Thu, 03 Jan 2019 05:35 AM IST
विक्रांत चतुर्वेदी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नोएडा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नोएडा
Published by: विक्रांत चतुर्वेदी
Updated Thu, 03 Jan 2019 05:35 AM IST
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Violence
- फोटो : फाइल फोटो
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भारत में 2004 से 2017 के बीच हुए सांप्रदायिक हिंसा के 10,399 मामलों में 1605 लोग मारे गए। इस दौरान 30,273 लोग घायल भी हुए। आरटीआई के जवाब में गृह मंत्रालय से मिली जानकारी से यह खुलासा हुआ है। नोएडा निवासी अमित गुप्ता ने गृह मंत्रालय से यह जानकारी मांगी थी।
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गृह मंत्रालय के मुताबिक ,सांप्रदायिक हिंसा के सबसे ज्यादा मामले 2008 में 943 दर्ज हुए। इनमें 167 ने जान गंवाई और 2354 लोग घायल हुए। इसी तरह सांप्रदायिक हिंसा की सबसे कम घटनाएं 2011 में 580 दर्ज की गईं। इनमें 91 लोग मारे गए और 1899 घायल हुए। 2017 में हुई 822 घटनाओं में 111 लोग मारे गए और 2384 घायल हुए।
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इसके अलावा, 2015 में 751 मामलों में 97 लोगों की मृत्यु हो गई और 2264 घायल हुए। 2009 में 849 सांप्रदायिक हिंसा की घटनाओं में 125 लोग मरे और 2461 घायल हुए। अमित गुप्ता का कहना है कि इसके माध्यम से वह यूपीए और एनडीए की सरकारों के दौरान सांप्रदायिक हिंसा में मारे गए और घायल लोगों का विवरण चाह रहे थे, ताकि दोनों की कार्यशैली की तस्वीर साफ हो सके।
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