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एक और केन्द्रीय मंत्री ने दिया विवादस्पद बयान
ब्यूरो/अमर उजाला, गुड़गांव
Updated Thu, 18 Dec 2014 11:04 PM IST
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गुड़गांव में केंद्रीय सामाजिक न्याय एवं अधिकार राज्यमंत्री विजय सांपला ने यहां एक कार्यक्रम में विवादास्पद बयान दिया है। उनका कहना है कि बड़े स्कूल, कॉलेजों में श्रेष्ठ चरित्र का निर्माण नहीं होता। उनका कहना है कि ऐसे शिक्षण संस्थान पैसे तो खूब कमाते हैं पर बच्चों का श्रेष्ठ चरित्र निर्माण नहीं होता।
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आज बहुत निराशा की बात है कि हम अनेक प्रकार की शिक्षा तो प्रदान कर रहे हैं, पर इंसान को बेहतर इंसान बनाने के लिए कहीं कोई शिक्षा नहीं दी जाती। केंद्रीय मंत्री ने यह बातें बहोड़ाकलां के ओम शांति रिट्रीट सेंटर में केंद्र के युवा एवं खेल मंत्रालय द्वारा आयोजित सात दिवसीय राष्ट्रीय एकता शिविर के समापन समारोह में कहीं।
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उन्होंने कहा कि आज ज्यादातर माता-पिता चाहते हैं कि उनके बच्चे बड़े विद्यालय में पढ़ें। सरकारी स्कूल में कोई पढ़ाना नहीं चाहता। जबकि बड़े स्कूल, कॉलेज में श्रेष्ठ चरित्र निर्माण नहीं होता। अपना विवादस्पद बयान का क्रम जारी रखते हुए उन्होंने कानूनी अधिकार की जानकारी देने वालों की ओर इशारा करते हुए कहा कि जब पति-पत्नी का आपस में झगड़ा हो जाता है तो उन्हें यही सिखाया जाता है कि एक-दूसरे को किस धारा के तहत फंसाएं, संबंधों को बेहतर कैसे बनाएं ये नहीं सिखाया जाता।
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उन्होंने ब्रह्माकुमारीज संस्था की तारीफ करते हुए कहा कि सही अर्थों में जीवन को बेहतर बनाने व आपसी संबंधों को अच्छा बनाने की दिशा में यह लोगों को शिक्षित कर रही है। उन्होंने अपने बारे में कहा कि उन्हें अपने ज्यादा पढ़े-लिखे न होने पर खुशी है। मैन काफी वर्षों तक सऊदी अरब में मजदूर के रूप में काम किया है।