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महादान में महिलाएं भी किसी से कम नहीं
अमर उजाला, रुड़की
Updated Thu, 13 Mar 2014 11:07 PM IST
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यूं ही नहीं कहा जाता कि महिलाएं पुरुषों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर चल रही हैं। अमर उजाला फाउंडेशन के रक्तदान शिविर में भी यह बात साबित हो गई। चाहे गृहणी हो या कामकाजी शिविर में हर वर्ग की महिलाओं ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया।
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कई महिलाएं अपने पतियों को भी प्रेरित कर रक्तदान करने के लिए लेकर आईं। कई स्कूली छात्राओं ने भी शिविर में आकर रक्तदान किया।
बीमार होने के बावजूद दिया खून
प्रीत विहार निवासी शिवानी गर्ग ने तो ऐसा जुनून दिखाया कि व्रत होने के बावजूद उन्होंने खून दान किया। डाक्टरों ने मना भी किया, लेकिन वे नहीं मानी। शिवानी ने बताया कि वह घर का कामकाज छोड़कर रक्तदान करने आई हैं।
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रक्तदान करने के बाद उन्होंने काउंटर पर बैठकर रक्तदाताओं के रजिस्ट्रेशन भी किए। इसके अलावा योगिता राय, रैंपी त्यागी, नैना बत्रा, मधु त्यागी, नेहा अग्रवाल, दीपा गोयल, सरिता, पिंकी सैनी समेत अन्य महिलाओं ने भी दूसरों की जिंदगी बचाने के लिए खून दिया। रक्तदान करने के बाद सुनीता और माया का कहना था कि उन्हें कई दिन से शिविर का इंतजार था।
खून नहीं दिया तो किया सपोर्ट
अमर उजाला फाउंडेशन के ब्लड डोनर क्लब की तरफ से लगाए गए रक्तदान शिविर में खेलपुर-खेलमऊ निवासी रूबी रक्तदान करने आई थी। लेकिन हाल ही में टाइफाइड होने के कारण उन्हें खून देने से मना कर दिया गया।
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इसके बाद रूबी ने अमर उजाला फाउंडेशन के ब्लड डोनर क्लब के काउंटर पर रजिस्ट्र्रेशन कर सहयोग किया।