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एमबीबीएस फर्जीवाड़ा: एक ही परिवार के सात लोगों को चार अलग कोटे दे दिया दाखिला, प्रदीप बहुगुणा उठाए सवाल
Tue, 06 Oct 2026 11:39 PM IST
Alka Tyagi
माई सिटी रिपोर्टर, देहरादून
माई सिटी रिपोर्टर, देहरादून
Published by: Alka Tyagi
Updated Tue, 06 Oct 2026 11:39 PM IST
सार
बहुगुणा ने आरोप लगाते हुए कहा कि एक व्यक्ति के सात उत्तराधिकारी को चार को पहले ही राउंड सीट दे दी, जिसमे दो को ओबीसी स्वतंत्रता सेनानी, एक को एससी स्वतंत्रता सेनानी और एक सामान्य स्वतंत्रता सेनानी की सीट आवंटित की गई।
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एमबीबीएस फर्जीवाड़े को लेकर पत्रकार वार्ता
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
विस्तार
एमबीबीएस सीटों पर फर्जी स्वतंत्रता सेनानी व अन्य फर्जी प्रमाण पत्र बना कर एमबीबीएस सीटों पर दाखिले में समाजसेवी प्रदीप बहुगुणा ने मंगलवार को प्रेस क्लब में पत्रकारों से बात करते हुए कई आरोप लगाए। उन्होंने आरोप लगाए कि एक ही परिवार के सात लोगों को चार अलग-अलग कोटे में दाखिला दिया गया। जबकि परीक्षा नियंत्रक पर आरोप लगाते हुए कहा कि जिस परीक्षा नियंत्रक ने सारी गड़बड़ी की है, प्रशासन ने उसे ही जांच की जिम्मेदारी सौंप दी।
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बहुगुणा ने आरोप लगाते हुए कहा कि एक व्यक्ति के सात उत्तराधिकारी को चार को पहले ही राउंड सीट दे दी, जिसमे दो को ओबीसी स्वतंत्रता सेनानी, एक को एससी स्वतंत्रता सेनानी और एक सामान्य स्वतंत्रता सेनानी की सीट आवंटित की गई। ऐसे में एक ही परिवार के लोगों की चार अलग-अलग जाति कैसे हो सकती है। कहा कि शासन-प्रशासन स्तर पर प्रदेश भर में लगभग 370 छात्रों के फर्जी प्रमाण पत्र होने की आशंका जताने के बाद इसकी सूची उन्होंने चिकित्सा शिक्षा मंत्री सुबोध उनियाल को दी लेकिन इस पर कोई ध्यान नहीं दिया गया।
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उन्होंने कहा कि परीक्षा नियंत्रक ने आगे जांच के लिए जो सूची भेजी उसमें से एक भी नाम उन 370 छात्रों में से नहीं था। इसलिए जांच में कोई गड़बड़ी नहीं पाई गई। जिसके वही सूची कुमाऊं आयुक्त को दी, जिस पर कुमाऊं आयुक्त ने कार्रवाई करते हुए ऊधमसिंह नगर से ही 20 छात्र फर्जी पाए गए। इनमें से 12 लोगों की गिरफ्तारी हुई। ऐसे में अगर सही सूची जिलाधिकारी को जाती तो और सही से कार्रवाई होती तो 370 में से लगभग 300 दाखिले रद्द हो जाते।