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Dehradun News: पहले ही छोड़ गई पत्नी, परिवार रजिस्टर में बच्चे का नाम कैसे
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देहरादून। एक पति ने उत्तराखंड सूचना आयोग में अपील दाखिल कर जानना चाहा है कि जब उसकी पत्नी ने उसे पांच साल पहले छोड़ दिया था तो उनकी सहमति के बिना उनके परिवार रजिस्टर में किसी नए बच्चे का नाम कैसे शामिल कर लिया गया। पति ने पत्नी की सर्विस बुक में पति के नाम पर दर्ज सूचना की भी मांग की है। आयोग ने पति को यह सूचना देने का आदेश देते हुए बच्चे के मामले में उचित विभाग में अपील दाखिल कर सही अनुतोष पाने का सुझाव दिया है।
देहरादून निवासी पति ने सूचना के अधिकार के अंतर्गत उत्तरकाशी में एक सरकारी विभाग में काम कर रही पत्नी की पे स्लिप, उन्हें मिली छुट्टियां, कार्यालय से पत्नी के निवास स्थान की दूरी सहित कई अन्य जानकारियां मांगी। सूचना अधिकारी के जवाब से संतुष्ट न होने पर पति ने प्रथम और द्वितीय अपील दाखिल की। उत्तराखंड राज्य सूचना आयुक्त कुशलानंद कोठियाल की पीठ ने मामले की सुनवाई करते हुए कहा कि किसी कर्मचारी की पे स्लिप उसकी निजी सूचना होती है। इसे किसी तृतीय पक्ष को नहीं उपलब्ध कराया जा सकता, लेकिन संबंधित पद पर मिल रहे मासिक वेतन की जानकारी दी जा सकती है। आयुक्त ने कहा कि कोई लोकसेवक कितने दिन अवकाश लेता है, यह तथ्य जनता की जानकारी में होना चाहिए। यह जानकारी भी सूचना अधिकारी के द्वारा पति को उपलब्ध कराई जा सकती है।
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देहरादून निवासी पति ने सूचना के अधिकार के अंतर्गत उत्तरकाशी में एक सरकारी विभाग में काम कर रही पत्नी की पे स्लिप, उन्हें मिली छुट्टियां, कार्यालय से पत्नी के निवास स्थान की दूरी सहित कई अन्य जानकारियां मांगी। सूचना अधिकारी के जवाब से संतुष्ट न होने पर पति ने प्रथम और द्वितीय अपील दाखिल की। उत्तराखंड राज्य सूचना आयुक्त कुशलानंद कोठियाल की पीठ ने मामले की सुनवाई करते हुए कहा कि किसी कर्मचारी की पे स्लिप उसकी निजी सूचना होती है। इसे किसी तृतीय पक्ष को नहीं उपलब्ध कराया जा सकता, लेकिन संबंधित पद पर मिल रहे मासिक वेतन की जानकारी दी जा सकती है। आयुक्त ने कहा कि कोई लोकसेवक कितने दिन अवकाश लेता है, यह तथ्य जनता की जानकारी में होना चाहिए। यह जानकारी भी सूचना अधिकारी के द्वारा पति को उपलब्ध कराई जा सकती है।
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