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महिला बनकर जल समाधि लेने निकला यह युवक

Mon, 24 Feb 2014 01:28 PM IST
अमर उजाला, उत्तरकाशी
अमर उजाला, उत्तरकाशी Updated Mon, 24 Feb 2014 01:28 PM IST
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watery grave

उत्तरकाशी में ज्ञानसू बचाओ संघर्ष समिति के अध्यक्ष ज्ञानचंद रमोला ने महिला का वेश धर जलाशय में कूदने का प्रयास किया लेकिन स्थानीय लोगों ने उन्हें रोक लिया।

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जल पुलिस के जवान तैनात थे
बाढ़ सुरक्षा कार्य कराए जाने की मांग को लेकर जल समाधि लेने की रमोला की धमकी के मद्देनजर रविवार को प्रशासन सुबह से ही सतर्क रहा। बैराज क्षेत्र में भारी पुलिस बल और संसाधनों से लैस जल पुलिस के जवान तैनात कर दिए थे।
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मौके पर पहुंचे भटवाड़ी के एसडीएम केके सिंह ने प्रभावित क्षेत्र की जनता को समझाने का प्रयास किया। नहीं मानने पर दो घंटे बाद डीएम को भी आना पड़ा। डीएम श्रीधर बाबू अद्दांकी ने 10 मार्च तक धरातल पर काम शुरू कराने का भरोसा दिलाया।

महिला के वेश में मंदिर पहुंचे
ज्ञानचंद रमोला सुबह से ही अपना मोबाइल फोन बंद कर गायब हो गए थे। पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों के दल बल के साथ लौटने के बाद दोपहर डेढ़ बजे रमोला महिला के वेश में नर्मदेश्वर मंदिर पहुंचे।

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उन्होंने यहां से बैराज जलाशय में कूदने का प्रयास किया, लेकिन स्थानीय लोगों ने उन्हें रोक लिया। इसी बीच प्रशासन से लिखित आश्वासन लेकर पहुंचे समिति के लोगों ने भी उन्हें समझाकर निर्णय बदलने के लिए मनाया।


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इस दौरान रविंद्र जोशी, किशन सिंह पंवार, शिव सिंह पंवार, बुद्धि सिंह कुमाईं, विजेंद्र नौटियाल, हरीश डंगवाल, अरविंद उनियाल, फूलदेई चौहान, पुलम सिंह पंवार, सुंदर नारायण मिश्रा मौजूद थे।

रमोला को ढूंढ नहीं पाई पुलिस
पुलिस एवं प्रशासन रविवार सुबह से ही जल समाधि का ऐलान करने वाले ज्ञानचंद रमोला की तलाश में जुटे थे। वे कई बार उनके घर भी गए, लेकिन रमोला का कुछ पता नहीं लगा। जबकि रमोला महिला वेश धारण कर अपने घर में ही मौजूद थे।

शुरू हुए लोगों को बहलाने के प्रयास
ज्ञानचंद रमोला के आत्मघाती कदम की चेतावनी का असर रविवार सुबह से ही दिखने लगा। जनता को बहलाने के लिए बैराज क्षेत्र में सुबह ही पत्थर तोड़कर रोड़ी तैयार करने का काम शुरू कर दिया गया।

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हालांकि कंपनी के प्रतिनिधि ने स्पष्ट किया कि बिना क्रशर लगाए इस कार्य को समय पर पूरा करना संभव नहीं होगा।

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