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हरिद्वार में न्यूनतम स्तर पर पहुंची गंगा, खतरे में जल जीवन
ब्यूरो/अमर उजाला, हरिद्वार
Updated Thu, 28 Apr 2016 10:45 PM IST
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जलस्तर कम होने से जल जीवन पर संकट आ गया है।
- फोटो : Demo Pic
गंगा का जलस्तर हरिद्वार में अपने न्यूनतम स्तर पर पहुंच गया है। बृहस्पतिवार को टिहरी डैम से मात्र 3800 क्यूसेक पानी ही छोड़ा गया है। पिछले वर्ष आज के ही दिन गंगा में टिहरी डैम से पानी की मात्रा 5 हजार क्यूसेक थी। बृहस्पतिवार को गंगा में मात्र 7 हजार क्यूसेक पानी था, जबकि पिछले साल आज के ही दिन गंगा में 18 हजार क्यूसेक पानी था।
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सिर्फ सात हजार क्यूसेक पानी
उत्तरी खंड गंगनहर रुड़की के अधिशासी अभियंता सीबी यादव ने बताया कि गंगा में लगभग 7 हजार क्यूसेक पानी है। जिसमें से भीमगोडा बैराज से गंगनहर में 6 हजार क्यूसेक पानी छोड़ा जा रहा है। जबकि नहर की पुरानी जलवहन क्षमता 10500 क्यूसेक है। गंगनहर में 4500 क्यूसेक पानी कम है।
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उन्होंने बताया कि उनकी जानकारी में हाल के वर्षों में इससे पहले ऐसी स्थिति कभी नहीं आई। हरिद्वार से गंगा में मात्र एक हजार क्यूसेक पानी ही जा रहा है। गंगा नदी में पानी की कमी से न केवल पीने और सिंचाई के लिए पानी की समस्या खड़ी हुई है बल्कि नदी में पल रहे जीवन को भी खतरा पैदा हो गया है।
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