फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttarakhand ›   Dehradun News ›   Waste Management Projects in 21 Cities of Uttarakhand Halted Work Not Completed on Time

Uttarakhand News: प्रदेश के 21 शहरों की कचरा प्रबंधन परियोजनाएं बंद, समय से नहीं हो पाया काम

Sat, 25 Apr 2026 04:35 PM IST
Renu Saklani आफताब अजमत, अमर उजाला ब्यूरो, देहरादून
आफताब अजमत, अमर उजाला ब्यूरो, देहरादून Published by: Renu Saklani Updated Sat, 25 Apr 2026 04:35 PM IST
सार

उत्तराखंड के 21 शहरों की कचरा प्रबंधन परियोजनाएं बंद हो गई। निकायों में भूमि विवाद, पर्यावरणीय मंजूरी और डीपीआर संशोधन अड़चन बना।

विज्ञापन
Waste Management Projects in 21 Cities of Uttarakhand Halted Work Not Completed on Time
प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : संवाद

विस्तार

प्रदेश के 21 शहरों में पांच साल पहले ठोस अपशिष्ट प्रबंधन (सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट) की योजनाएं बनीं। उनके लिए केंद्र से बजट भी आया, लेकिन वह शुरू ही नहीं हो पाईं। नतीजतन शहरी विकास विभाग ने इन्हें बंद कर दिया है। ठोस अपशिष्ट प्रबंधन की जगह अब कचरा ढोने वाले वाहनों की खरीद की जा रही है।

विज्ञापन

 

21 शहरों में प्रस्तावित ठोस अपशिष्ट प्रबंधन परियोजनाओं को विभाग ने बंद कर दिया। वन भूमि, राजस्व भूमि की उपलब्धता में आ रही बाधाओं और स्थानीय जनता के भारी विरोध के चलते ये परियोजनाएं धरातल पर नहीं उतर पाई। जानकारी के मुताबिक, रुद्रप्रयाग, टिहरी, अल्मोड़ा, चमोली, कर्णप्रयाग और बनबसा समेत कुल 21 निकायों में भूमि संबंधी विवाद, पर्यावरण मंजूरी न मिलना और डीपीआर में संशोधन जैसे तकनीकी कारणों से काम शुरू नहीं हो पाया। कई जगहों पर कूड़ा निस्तारण प्लांट के लिए चयनित भूमि को लेकर जनता ने आंदोलन भी किए, जिसके बाद इन परियोजनाओं को बंद करना पड़ा।

विज्ञापन

 

बचे हुए 22.47 करोड़ से खरीदे जाएंगे वाहन

इन परियोजनाओं के बंद होने के बाद राज्य सरकार के पास 22.47 करोड़ रुपये का बजट बच गया है। शासन ने निर्णय लिया है कि इस धनराशि का उपयोग अब इन्हीं 21 नगर निकायों में घर-घर से कूड़ा उठाने वाले वाहनों की खरीद के लिए किया जाएगा। इससे शहरों की सफाई व्यवस्था को मजबूती मिलेगी। हालांकि इस कचरे का प्रबंधन अभी भी शहरी विकास विभाग के लिए चुनौती रहेगा।

विज्ञापन
विज्ञापन

 

इन शहरों में बननी थीं परियोजनाएं

गजा, रुद्रप्रयाग, तिलवाड़ा, अगस्तमुनि, ऊखीमठ, शक्तिगढ़, बनबसा, लोहाघाट, कालाढूंगी, गदरपुर, पौड़ी, टिहरी, दिनेशपुर, कर्णप्रयाग, भिकियासैंण, अल्मोड़ा, चमोली, थराली, गंगोलीहाट, बेरीनाग और दुगड्डा।

ये भी पढे़ं...UK Board Result: शाबाश बिटिया; टैक्सी चलाकर पिता करते रहे दिनरात मेहनत, बेटी ने प्रदेश में टॉप कर बढ़ाया मान

हमने परियोजनाएं बंद नहीं कीं। वहां जमीन, पर्यावरणीय स्वीकृति जैसी दिक्कतें आईं, जिस कारण काम नहीं हो पाया। अब वाहन खरीदने भी जरूरी हैं। 85 साइट्स पर हम कचरे के निपटारे का काम कर रहे हैं। इन छोटे निकायों के लिए क्लस्टर आधारित योजना बनाई गई है, जिससे छोटे निकायों को मिलाकर एक बड़ा समूह बनाया जाएगा। उनके लिए संयुक्त रूप से नई डीपीआर तैयार की जाएगी ताकि संसाधनों का सही उपयोग हो सके। - विनोद गिरी गोस्वामी, निदेशक, शहरी विकास
 

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed