चंपावत: सभासद और साथियों ने डॉक्टर और स्टाफ से की मारपीट, एक गिरफ्तार, दो आरोपी फरार
- साथी की बेटी के इलाज को लेकर संयुक्त चिकित्सालय में काटा हंगामा
- पुलिस ने सरकारी काम में बाधा डालने समेत कई धाराओं में दर्ज किया केस
- एक आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेजा, सभासद और तीसरा आरोपी फरार
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उत्तराखंड में चंपावत नगर पालिका सभासद और उसके दो साथियों ने शनिवार की रात संयुक्त चिकित्सालय में कथित तौर पर जमकर हंगामा काटा। आरोपी एक साथी की बेटी को इलाज के लिए अस्पताल लाए थे। इलाज को लेकर उन्होंने डॉक्टर और स्टाफ के साथ मारपीट, गाली-गलौच करने के साथ अस्पताल में तोड़फोड़ भी की।
चिकित्साधिकारी की तहरीर पर पुलिस ने तीनों के खिलाफ सरकारी काम में बाधा डालने के आरोप में विभिन्न धाराओं में केस दर्ज करते हुए एक आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। दो आरोपी अभी पुलिस की पकड़ से बाहर हैं।
चिकित्साधिकारी डॉ. मोहम्मद उमर की ओर से कोतवाली में दर्ज कराई गई रिपोर्ट के मुताबिक सभासद दीपक बेलवाल और रवि गहतोड़ी शनिवार की रात अपने साथी भुवन लोहनी की छह वर्षीय बेटी को इलाज के लिए अस्पताल लाए थे। चिकित्साधिकारी डॉ. मोहम्मद उमर इलाज कर रहे थे। इसी दौरान सभासद और उसके दोनों साथियों ने अस्पताल की व्यवस्थाओं पर सवाल उठाते हुए गाली-गलौच शुरू कर दी। समझाने पर उन्होंने डॉक्टर और अस्पताल कर्मियों के साथ हाथापाई और अस्पताल में तोड़फोड़ कर धमकी भी दी।
कोतवाल धीरेंद्र कुमार ने बताया कि तीनों आरोपियों के खिलाफ आईपीसी की धारा 353, 427, 504 और 506 के तहत केस दर्ज कर लिया है। आरोपी रवि गहतोड़ी को गिरफ्तार कर न्यायालय के आदेश पर न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया है। मामले की जांच उप निरीक्षक नीशू गौतम को सौंपी गई है।
साहूकार ने परिवार को पिस्टल दिखाकर धमकाया
रुड़की में ब्याज की रकम चुकाने के बाद अब साहूकार और रकम मांग रहा है। विरोध करने पर साहूकार एक परिवार को पिस्टल दिखाकर जान से मारने की धमकी दी है। पीड़ित परिवार ने पुलिस को तहरीर दी है। पुलिस तहरीर के आधार पर मामले की जांच कर रही है।
गंगनहर कोतवाली क्षेत्र स्थित सुनहरा गांव निवासी सतीश कुमार ने पुलिस को बताया कि उन्होंने 2017 में बेलड़ा गांव निवासी एक साहूकार से पचास हजार रुपये ब्याज पर लिए थे। जमानत के तौर पर साहूकार ने चेक और आधार कार्ड लिया था और प्रतिमाह पांच हजार रुपये देने की बात तय हुई थी।
इस बीच उन्होंने साहूकार को ब्याज सहित एक लाख पंद्रह हजार रुपये पिछले साल दे दिए थे। आरोप है कि उन्होंने अपने चेक और आधार कार्ड वापस मांगे तो साहूकार ने देने से इनकार कर दिया। कुछ दिन पहले साहूकार पांच लोगों को लेकर उनके घर पहुंचा और पिस्टल से आतंकित कर उन्हें कार में बैठाकर बेलड़ा ले गया।
साथ ही एक लाख रुपये की मांग की। इसके बाद उसने रुपये नहीं देने पर जान से मारने की धमकी देकर छोड़ दिया। आरोप है कि शुक्रवार को साहूकार एक बार फिर पांच लोगों को लेकर उनके घर पहुंचा और रकम मांगने लगा।
विरोध करने पर उसने गाली गलौज कर मारपीट कर दी। साथ ही पिस्टल तानते हुए गोली मारने की धमकी देकर चला गया। पीड़ित ने साहूकार से अपना और परिवार को जानमाल का खतरा जताते हुए तहरीर दी है। एसआई प्रमोद कुमार ने बताया कि तहरीर के आधार पर मामले की जांच की जा रही है।