देहरादून: राज्यसभा चुनाव में चला कांग्रेस का सिक्का, टम्टा की जीत पक्की!
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उत्तराखंड की एक राज्यसभा सीट पर कांग्रेस प्रत्याशी प्रदीप टम्टा की जीत का रास्ता साफ नजर आ रहा है। विधानसभा सूत्रों के हवाले से मिली खबर के मुताबिक कुल 58 मत पड़े। इसमें कांग्रेस प्रत्याशी प्रदीप टम्टा को 32 मत मिले जबकि निर्दलीय प्रत्याशी अनिल गोयल को 26 मत प्राप्त हुए। निर्दलीय प्रत्याशी अनिल गोयल को भाजपा का समर्थन प्राप्त था।
विधानसभा अध्यक्ष गोविंद सिंह कुंजवाल ने बताया कि निर्वाचन आयोग द्वारा बनाए गए नियमों के तहत मतदान प्रक्रिया संपन्न हुई। बताया कि भाजपा से इस्तीफा देने वाले दान सिंह भंडारी को छोड़कर सभी विधायकों ने अपना मत दिया।
इसके पहले विधानसभा में सुबह मतदान शुरू हुआ। पहले भाजपा द्वारा परोक्ष रूप से समर्थित गीता ठाकुर के कांग्रेस को समर्थन कर देने से अब कांग्रेस प्रत्याशी प्रदीप टम्टा और अनिल गोयल के बीच सीधी टक्कर बनी।
एक बार फिर भाजपा पर भारी पड़े हरीश रावत
वहीं क्रॉस वोटिंग की आशंका को देखते हुए दोनों पार्टियों की नजर एक-एक विधायक पर पैनी नजर बनाए रखी। प्रदेश में कांग्रेस और भाजपा में चुनाव के एक रात पहले तक दोनों खेमों में फूट डालने में लगे रहे। विधानसभा में दोनों पार्टियों के प्रतिनिधि वोटों पर नजर बनाए हुए हैं।
राज्यसभा की एक सीट के लिए विधानसभा में 58 विधायक मतदान करेंगे। शाम चार बजे तक मतदान होगा। हालांकि जिस हिसाब से मतदान हो रहा है काफी संभावना है कि पहले ही मतदान हो जाएगा। शाम पांच बजे के बाद मतगणना शुरू होगी। आज ही परिणाम घोषित कर दिए जाएंगे।
मुझसे वोट मांगने आए थे भाजपा प्रदेश प्रभारी: सरबत
राज्यसभा चुनाव को लेकर कई तरह के दावों का भी दौर चल पड़ा है। मतदान से ठीक एक दिन पूर्व बसपा विधायक सरवत करीम अंसारी ने दावा किया है कि भाजपा क्रास वोटिंग की कोशिश में थी। इसी के मद्देनजर पार्टी के प्रदेश प्रभारी श्याम जाजू ने मुझसे संपर्क किया है।
विधायक सरवत करीम अंसारी ने साफतौर पर कहा कि प्रदेश प्रभारी श्याम जाजू उनसे वोट मांगने आए थे। दूसरी ओर भाजपा ने विधायक सरवत करीम अंसारी के दावों को सिरे से खारिज कर दिया है।
पार्टी प्रदेश प्रभारी मुन्ना सिंह चौहान का कहना है कि विधायक अंसारी जो भी बयानबाजी कर रहे हैं, वह झूठ है। कारण कि पार्टी का कोई अधिकृत प्रत्याशी चुनाव मैदान में नहीं है। यदि पार्टी को बसपा विधायकों का वोट चाहिए था तो वह विधायक अंसारी की जगह बसपा सुप्रीमो मायावती से संपर्क करती।
प्रदेश प्रवक्ता चौहान ने साफतौर पर कहा कि विधायक के इन दावों में किसी भी प्रकार की सच्चाई नहीं है। बकौल प्रदेश प्रवक्ता ‘भाजपा ऐसी राजनीतिक पार्टी है जो विधायकों की खरीद फरोख्त और तोड़फोड़ की राजनीति में विश्वास नहीं करती है। विधायक अंसारी के दावों में किसी भी प्रकार की सच्चाई नही है’।