{"_id":"60d391a08ebc3e325868d545","slug":"villagers-running-for-the-city-due-to-no-hospital-city-news-drn3824695107","type":"story","status":"publish","title_hn":"देहरादून : अस्पताल नहीं होने से ग्रामीणों को लगानी पड़ रही शहर की दौड़","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
देहरादून : अस्पताल नहीं होने से ग्रामीणों को लगानी पड़ रही शहर की दौड़
Thu, 24 Jun 2021 01:25 AM IST
देहरादून ब्यूरो
न्यूज़ डेस्क, अमर उजाला, देहरादून
न्यूज़ डेस्क, अमर उजाला, देहरादून
Published by: देहरादून ब्यूरो
Updated Thu, 24 Jun 2021 01:25 AM IST
विज्ञापन
घनसाली बासर पट्टी में स्वास्थ्य केंद्र के निर्माण की मांग को लेकर मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत को ?
- फोटो : DEHRADUN
कोरोना महामारी के इस मुश्किल समय में स्वास्थ्य सुविधाओं की आवश्यकता दोगुनी हो गई है, लेकिन प्रदेश के कई गांवों में आज भी अस्पताल व अन्य स्वास्थ्य सुविधाएं नहीं होने से ग्रामीणों को शहर की दौड़ लगानी पड़ रही है।
ऐसा ही हाल उत्तरकाशी के घनसाली के बासर पट्टी के ग्रामीणों का है। बुधवार को गांव के एक प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत से मुलाकात कर बासर पट्टी में स्वास्थ्य केंद्र बनाने की मांग की। भागीरथी नदी घाटी विकास प्राधिकरण के उपाध्यक्ष अब्बल सिंह बिष्ट ने बताया कि बासर पट्टी 32 गांवों से मिलकर बनी है, जिसमें 15 ग्राम सभाएं आती हैं। पूरे बासर पट्टी की जनसंख्या करीब 22 हजार है। ऐसे में क्षेत्र में एक भी स्वास्थ्य केंद्र न होने से लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। कोरोना के इस संकट भरे समय में लोगों को स्वास्थ्य सुविधाओं के लिए कई किलोमीटर का सफर तय करना पड़ रहा है।
वहीं, भल्डगांव की प्रधान गुड्डी रतूड़ी ने कहा कि स्वास्थ्य केंद्र के निर्माण के लिए ग्रामीणों की ओर से भूमि भी उपलब्ध कराई जाएगी। क्षेत्र में एक स्वास्थ्य केंद्र बनने से हजारों ग्रामीणों को लाभ मिलेगा। बताया कि सीएम रावत ने स्वास्थ्य केंद्र के निर्माण की कार्यवाही के लिए निर्देश दिए हैं। इस दौरान नरेश रतूड़ी, पंडित विष्णु प्रसाद भट्ट भी मौजूद रहे।
विज्ञापन
विज्ञापन
ऐसा ही हाल उत्तरकाशी के घनसाली के बासर पट्टी के ग्रामीणों का है। बुधवार को गांव के एक प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत से मुलाकात कर बासर पट्टी में स्वास्थ्य केंद्र बनाने की मांग की। भागीरथी नदी घाटी विकास प्राधिकरण के उपाध्यक्ष अब्बल सिंह बिष्ट ने बताया कि बासर पट्टी 32 गांवों से मिलकर बनी है, जिसमें 15 ग्राम सभाएं आती हैं। पूरे बासर पट्टी की जनसंख्या करीब 22 हजार है। ऐसे में क्षेत्र में एक भी स्वास्थ्य केंद्र न होने से लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। कोरोना के इस संकट भरे समय में लोगों को स्वास्थ्य सुविधाओं के लिए कई किलोमीटर का सफर तय करना पड़ रहा है।
विज्ञापन
वहीं, भल्डगांव की प्रधान गुड्डी रतूड़ी ने कहा कि स्वास्थ्य केंद्र के निर्माण के लिए ग्रामीणों की ओर से भूमि भी उपलब्ध कराई जाएगी। क्षेत्र में एक स्वास्थ्य केंद्र बनने से हजारों ग्रामीणों को लाभ मिलेगा। बताया कि सीएम रावत ने स्वास्थ्य केंद्र के निर्माण की कार्यवाही के लिए निर्देश दिए हैं। इस दौरान नरेश रतूड़ी, पंडित विष्णु प्रसाद भट्ट भी मौजूद रहे।
विज्ञापन