लोकायुक्त को लेकर खंडूड़ी के बयान पर बहुगुणा का पलटवार, भाजपा में मची खलबली
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भ्रष्टाचार और लोकायुक्त पर पूर्व सीएम भुवन चंद्र खंडूड़ी के हमलों से भाजपा में खलबली है। खंडूड़ी ने अपने ममेरे भाई पूर्व सीएम विजय बहुगुणा के कार्यकाल को भी टारगेट किया है।
इस पर जवाब देने के लिए पूर्व सीएम विजय बहुगुणा शुक्रवार को सामने आए। उन्होंने कहा कि खंडूड़ी को कोई गलतफहमी हुई है। इस गलतफहमी को दूर किया जाएगा। लोकायुक्त एक्ट लागू न करने के सवाल पर भी बहुगुणा ने सफाई दी।
उन्होंने कहा कि उनकी सरकार ने उस लोकायुक्त एक्ट को ही लागू किया, जो कि 13-14 जनवरी 2014 को संसद के स्तर पर पारित किया गया था। खंडूड़ी राज के कानून में भारतीय संविधान की कई धाराओं का स्पष्ट उल्लंघन था।
वहीं सीएम त्रिवेंद्र सिंह रावत ने भी एक वेबसाइट को दिए अपने बयान में कहा है कि हमें ऐसा कानून बनाना चाहिए जिससे लोकायुक्त की जरूरत ही न पड़े। बहुगुणा ने अपने लिखित बयान में कहा है कि खंडूड़ी ने चुनाव से ऐन पहले अरविंद केजरीवाल और प्रशांत भूषण के लोकायुक्त कानून को जल्दबाजी में पारित कराया।
देश में किसी भी अन्य राज्य ने उत्तराखंड के पारित लोकायुक्त कानून को नहीं अपनाया, क्योंकि इसमें भारतीय संविधान की कई धाराओं का स्पष्ट उल्लंघन था। उन्होंने कहा है कि राष्ट्रपति/राज्यपाल के हस्ताक्षर से कानून बनते हैं, लेकिन वे कानून वैधानिक है कि नहीं, इसकी समीक्षा उच्च न्यायालय और सर्वोच्च न्यायालय के स्तर पर की जाती है।
उन्होंने कहा है कि भाजपा लोकायुक्त कानून बनाने के पक्ष में है, लेकिन भारत के संविधान व संसद के स्तर पर पारित लोकायुक्त एक्ट के अनुरूप ही कानून बनाना पडे़गा, वरना न्यायालय उसको रद्द कर सकती है।