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Uttarakhand: आयुर्वेद विवि चिकित्साधिकारी भर्ती परीक्षा की विजिलेंस जांच, एक ही गाइड से दे दिया था पूरा पेपर

Mon, 12 Jun 2023 05:00 PM IST
रेनू सकलानी आफताब अजमत, अमर उजाला ब्यूरो, देहरादून
आफताब अजमत, अमर उजाला ब्यूरो, देहरादून Published by: रेनू सकलानी Updated Mon, 12 Jun 2023 05:00 PM IST
सार

भर्ती के तहत 2018 में चिकित्साधिकारी के 19 पदों के लिए लिखित परीक्षा आयोजित की गई थी। जिसके प्रश्नपत्र ने विश्वविद्यालय को कठघरे में खड़ा कर दिया था। विश्वविद्यालय ने राष्ट्रीय आयुर्वेद संस्थान की एमडी परीक्षा-2007 का पूरा पेपर चिकित्साधिकारी की लिखित परीक्षा में दिया था।

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Vigilance investigation of Ayurveda University Medical Officer Recruitment Examination Uttarakhand news
उत्तराखंड आयुर्वेद विवि - फोटो : AmarUjala

विस्तार

विजिलेंस जांच में घिरे उत्तराखंड आयुर्वेद विश्वविद्यालय की 2018 में हुई चिकित्साधिकारी भर्ती परीक्षा भी अब इसकी जद में आ गई है। विजिलेंस ने विश्वविद्यालय प्रशासन और सचिव आयुष से परीक्षा से संबंधित दस्तावेज मांगे हैं। परीक्षा में एक ही गाइड से पूरा पेपर दिया गया था। परिणाम 22 घंटे में जारी करते हुए इंटरव्यू के लिए भी अभ्यर्थियों को बुला लिया गया था।

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आयुर्वेद विश्वविद्यालय में शैक्षणिक और गैर शैक्षणिक पदों की भर्ती के तहत 2018 में चिकित्साधिकारी के 19 पदों के लिए लिखित परीक्षा आयोजित की गई थी। जिसके प्रश्नपत्र ने विश्वविद्यालय को कठघरे में खड़ा कर दिया था। विश्वविद्यालय ने राष्ट्रीय आयुर्वेद संस्थान की एमडी परीक्षा-2007 का पूरा पेपर चिकित्साधिकारी की लिखित परीक्षा में दिया था।

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यह प्रश्नपत्र हूबहू एक गाइड से लिया गया था। जिसके सभी 80 सवाल जस के तस थे। गजब ये है कि गाइड से प्रश्नपत्र कॉपी करने के चक्कर में प्रश्न की संख्या 80 ही अंकित कर दी गई थी, जबकि वास्तव में प्रश्नपत्र में 100 प्रश्न आए थे। गाइड में दिया उत्तर का संदर्भ तक कई प्रश्नों से नहीं हटाया गया था। डॉ. गोविंद पारिक की किताब आयुर्वेद संग्रह (गाइड) के पेज नंबर 859 से 868 से यह पेपर आया था।

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मोबाइल पर मैसेज भेज पेपर लीक के आरोप

आरोप हैं कि जिन अभ्यर्थियों से सेटिंग थी, उन्हें गाइड के बारे में पहले ही जानकारी दे दी गई थी। उनके मोबाइल पर पारिक 859868 लिखकर मैसेज भेजा गया था। उन्हें पेपर सीलबंद नहीं दिया गया। इसके अलावा 100 नंबर के इस प्रश्नपत्र में कई अभ्यर्थियों को 99 अंक भी मिले थे, जो संदेहास्पद है।

19 पदों के लिए 798 ने दी थी परीक्षा

आयुर्वेद विश्वविद्यालय की यह परीक्षा मार्च 2018 में 798 अभ्यर्थियों ने दी थी। 19 पदों के लिए हुई परीक्षा के लिए 970 ने आवेदन किया था, जिनमें से 928 को लिखित परीक्षा योग्य माना गया था।

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पेपर लीक करने वाले अब तक आजाद

सूत्रों के मुताबिक, आयुर्वेद विश्वविद्यालय का पेपर लीक करने की पुष्टि तो एसआईटी की जांच में भी चुकी है, लेकिन जिम्मेदारी तय नहीं हुई। नतीजतन पेपर लीक के आरोपी अफसर, कर्मचारी पांच साल से आजाद हैं। उनके खिलाफ न तो कोई कार्रवाई की गई और न ही अन्य विशेष जांच। अब विजिलेंस जांच के बाद उन पर कार्रवाई की उम्मीद जगी है।

 

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