उत्तराखंड: मलबा आने से घंटों बंद रहे बदरीनाथ-यमुनोत्री हाईवे, केदारनाथ मार्ग पर लोगों ने नापी 22 किमी दूरी
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बारिश के कारण मलबा आने से बदरीनाथ हाईवे पीपलकोटी के पास भनेरपाणी तोक में करीब 16 घंटे तक बंद रहा। ऐसे में स्थानीय लोगों के साथ ही बदरीनाथ धाम जा रहे यात्री घंटों जाम में फंसे रहे। हाईवे खुला तो लोग अपने गंतव्य हो रवाना हुए। वहीं, लामबगड़ में भी तीन घंटे तक हाईवे बंद रहा। वहीं उत्तरकाशी जिले में भी गंगोत्री व यमुनोत्री हाईवे भी घंटों बंद रहा।
चमोली जिले में पीपलकोटी के पास भनेरपाणी के पास बदरीनाथ हाईवे पर लगातार मलबा आ रहा है। बृहस्पतिवार रात करीब 11 बजे मूसलाधार बारिश होने से यहां पर भारी मात्रा में मलबा आ गया और हाईवे बंद हो गया। एनएच की जेसीबी सुबह से ही हाईवे खोलने में जुट गईं। भनेरपाणी में दोपहर करीब तीन बजकर 20 मिनट पर हाईवे खोला जा सका। इस दौरान बदरीनाथ धाम जाने वाले यात्री पीपलकोटी में ही फंसे रहे। हाईवे खुलने पर यात्रियों ने राहत की सांस ली। उधर, लामबगड़ में शुक्रवार सुबह छह बजे मलबा आने से हाईवे बंद हो गया था। एनएच की तीन जेसीबी ने मलबा हटाने का काम शुरू किया, जिसके बाद सुबह नौ बजे तक हाईवे खोल दिया गया।
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वहीं उत्तरकाशी जिले में बृहस्पतिवार रात को कई मूसलाधार बारिश के कारण यमुनोत्री हाईवे ओजरी-डबरकोट, कुथनौर व पालीगाड़ क्षेत्रों में भारी भूस्खलन से बंद हो गया। शुक्रवार सुबह मौसम साफ होने पर एनएच के कर्मचारियों ने इन स्थानों पर मलबा हटाना शुरू किया और दोपहर दो बजे तक मलबा हटाकर यातायात बहाल कर दिया गया। इधर गंगोत्री हाईवे भटवाड़ी से आगे थिरांग में भूस्खलन से बंद हुआ। यहां बीआरओ ने शुक्रवार सुबह साढ़े आठ बजे हाईवे खोल दिया।
कई मोटर मार्ग हुए बंद, ग्रामीण परेशान
यमुनोत्री, गंगोत्री हाईवे के अलावा जिले में धरासू-जोगत, जसपुर, भुक्की कुज्जन और सरनौल मोटर मार्ग भी जगह-जगह भूस्खलन से बंद हो गए, जिसके चलते ग्रामीणों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
संबंधित विभाग इन स्थानों पर मलबा हटाकर यातायात बहाली के प्रयास में जुटे हैं। जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी देवेंद्र पटवाल ने बताया कि बंद सड़कों को खोलने के प्रयास चल रहे हैं। जल्द ही सभी सड़कों पर वाहनों की आवाजाही सुचारु कर ली जाएगी।
भूस्खलन से बंद हुआ हाईवे, लोगों ने नापी 22 किमी दूरी
बांसवाड़ा में दिनभर पहाड़ी से भूस्खलन के कारण रुद्रप्रयाग-गौरीकुंड राष्ट्रीय राजमार्ग शाम पांच बजे तक बंद रहा। एनएच व कार्यदायी संस्था द्वारा कई बार मशीनों से मलबा सफाई का प्रयास किया गया, लेकिन पहाड़ी से मलबा गिरता रहा। इस दौरान यातायात को बांसबाड़ा-बसुकेदार-गुप्तकाशी मोटर मार्ग पर डायवर्ट किया गया, जिससे लोगों को 22 किमी अतिरिक्त दूरी नापनी पड़ी।
शुक्रवार को तड़के हुई भारी बारिश के चलते गौरीकुंड हाईवे बांसवाड़ा में भारी भूस्खलन के कारण बंद हो गया। एनएच व कार्यदायी संस्था द्वारा मशीनों से मलबा सफाई का कई बार प्रयास किया गया, लेकिन थोड़े समय बाद ही पुन: पहाड़ी से भूस्खलन होता रहा। दोपहर बाद साढ़े बारह बजे कुछ देर के लिए हाईवे खुला, लेकिन फिर से पहाड़ी से मलबा आने से बंद हो गया।
इस दौरान यातायात को बांसवाड़ा-बसुकेदार-गुप्तकाशी मोटर मार्ग पर डायवर्ट किया गया, जिस कारण लोगों को 22 किमी अतिरिक्त दूरी नापनी पड़ी। शाम चार बजे पहाड़ी से भूस्खलन थमने के बाद शाम को पांच बजे यातायात बहाल हो पाया। सामाजिक कार्यकर्ता राजेश नेगी, गोविंद बिष्ट, सुभाष बिष्ट, सतेंद्र राणा का कहना है कि ऑल वेदर रोड परियोजना में हाईवे का कार्य चलने के बाद भी एनएच द्वारा बांसबाड़ा भूस्खलन जोन का ट्रीटमेंट नहीं किया गया है। इधर, एनएच के ईई जितेंद्र कुमार त्रिपाठी ने बताया कि चौड़ीकरण कार्य के बाद भूस्खलन जोन का ट्रीटमेंट वैज्ञानिक तकनीक से किया जाएगा, जिसके लिए जरूरी कार्रवाई की जा रही है।