उत्तराखंड: अक्तूबर में सामान्य से 1428 फ़ीसदी अधिक बारिश, पांच नेशनल हाईवे समेत सैकड़ों मोटर मार्ग बंद
सचिवालय स्थित राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र के अनुसार, चमोली जिले में ऋषिकेश-बदरीनाथ राष्ट्रीय राजमार्ग 58 पागलनाला और लामबगढ़ के समीप मलबा आने से अवरुद्ध हो गया है।
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विस्तार
मौसम विभाग की रिपोर्ट के मुताबिक सोमवार सुबह साढ़े आठ से लेकर मंगलवार सुबह 8:30 बजे चौबीस घंटे में पूरे राज्य में सामान्य बारिश 2.4 मिमी की जगह औसतन 36.7 मिमी बारिश हुई। जो सामान्य बारिश 2.4 मिमी की तुलना में 1428 फ़ीसदी अधिक है। अक्तूबर में इतनी बारिश देखकर मौसम विज्ञानी भी भौचक हैं।
मौसम विभाग की रिपोर्ट के मुताबिक सबसे अधिक 115.6 मिली मीटर बारिश चंपावत में रिकॉर्ड की गई। राजधानी दून व आसपास के इलाकों में सबसे कम 19 मिमी बारिश हुई। नैनीताल में 64 मिमी, पिथौरागढ़ में 55.1 मिमी, अल्मोड़ा में 36.7 मिमी उधमसिंहनगर में 71.8 मिलीमीटर बारिश रिकॉर्ड की गई।
खतरे के निशान के करीब पहुंचीं नदियां
राज्य के पर्वतीय इलाकों में पिछले 36 घंटे के बीच हुई बारिश के चलते गंगा यमुना के साथ टोंस नदी का जलस्तर में अप्रत्याशित बढ़ोतरी दर्ज की गई है। हिमालय गंगा डिवीजन केंद्रीय बाढ़ नियंत्रण कक्ष की रिपोर्ट के मुताबिक मंगलवार को शाम पांच बजे ऋषिकेश त्रिवेणी घाट पर गंगा नदी का जलस्तर 337.99 मीटर दर्ज किया गया जो खतरे के स्तर 340.50 मीटर से कम है। वहीं सिंचाई खंड बाढ़ नियंत्रण कक्ष के रिपोर्ट के मुताबिक टोंस नदी इच्छाड़ी बांध का जलस्तर 644 मीटर तक पहुंच गया है। जबकि बांध में खतरे का जलस्तर 644.75 मीटर है। डाकपत्थर में यमुना नदी का जलस्तर खतरे के करीब 455.35 मीटर पहुंच गया है।
सड़कों को बड़े पैमाने पर नुकसान
वहीं, उत्तराखंड में दो दिन से जारी बारिश ने एक बार फिर से सड़कों को बड़े पैमाने पर नुकसान पहुंचाया है। जगह-जगह भूस्खलन और भूधंसाव के कारण सड़कों पर मलबा आ गया है। नुकसान का आकलन तो बारिश बंद होने के बाद ही किया जा सकेगा, लेकिन इस बीच प्रदेश में पांच राष्ट्रीय राजमार्ग, सात स्टेट हाईवे सहित सैकड़ों ग्रामीण मोटर मार्ग बाधित हो गए हैं। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शीघ्र सड़कों को खोलने के निर्देश जारी किए हैं।
सचिवालय स्थित राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र के अनुसार, चमोली जिले में ऋषिकेश-बदरीनाथ राष्ट्रीय राजमार्ग 58 पागलनाला और लामबगढ़ के समीप मलबा आने से अवरुद्ध हो गया है। इसके अलावा 13 ग्रामीण मोटर मार्ग भी अवरुद्ध हैं। चमोली जनपद में सिमली रोड, थराली-ग्वालदम रोड और बदरीनाथ हाईवे अवरुद्ध है। बदरीनाथ हाईवे जोशीमठ से बदरीनाथ तक चार जगहों पर भूस्खलन के कारण बंद है। इसके अलावा हनुमानचट्टी से बदरीनाथ के बीच तीन जगहों पर हाईवे बंद है। बदरीनाथ से किसी भी तीर्थयात्री को गंतव्य के लिए नहीं भेजा जा रहा है।
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देहरादून में दो ग्रामीण अवरुद्ध होने की सूचना है। उत्तरकाशी में ऋषिकेश-गंगोत्री राष्ट्रीय राजमार्ग 108 धरासू और सुखीटॉप के पास भूस्खलन होने के कारण बाधित है। जबकि ऋषिकेश यमुनोत्री एनएच 94 यातायात के लिए खुला है। जिले में तीन ग्रामीण सड़कें अवरुद्ध हैं। रुद्रप्रयाग में ऋषिकेश- केदारनाथ राष्ट्रीय राजमार्ग 107 टिहरी जनपद के अंतर्गत तोताघाटी के पास कुछ समय के लिए अवरुद्ध हुई थी, लेकिन अब इसे सुबह आठ बजे से शाम पांच बजे तक यातायात के लिए खोल दिया गया है। टिहरी में एक राज्य मार्ग, दो ग्रामीण मार्ग अवरुद्ध हैं।
इधर, नैनीताल जिले में दो राष्ट्रीय राजमार्ग, तीन राज्य मोटर मार्ग और चार ग्रामीण मार्ग अवरुद्ध हैं। अल्मोडा में एक राज्य मोटर मार्ग सहित दो ग्रामीण सड़कें बंद हैं। चंपावत में टनकपुर-चंपावत राष्ट्रीय राजमार्ग 09 स्वाला व भारतोली के पास भूस्खलन व बड़े बोल्डर आने के कारण यातायात के लिए अवरुद्ध हो गया है। जिले में चार ग्रामीण मोटर मार्ग भी बंद हैं। पिथौरागढ़ में दो बार्डर रोड, 11 ग्रामीण सड़कें बंद हैं। जबकि टनकपुर-पिथौरागढ़ राष्ट्रीय राजमार्ग गुरना मंदिर के समीप भूस्खलन के कारण बंद है।
दो दिन में खोलें बारिश में बंद हुईं सड़कें : डॉ. धन सिंह
आपदा एवं प्रबंधन मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों को प्रदेश की तमाम क्षतिग्रस्त सड़कों को दो माह के भीतर गड्ढ़ा मुक्त बनाने के निर्देश दिए हैं। सोमवार को इस संबंध में उन्होंने सचिवालय स्थित सभागार में अधिकारियों की बैठक ली। उन्होंने विभागीय अधिकारियों से कहा कि सरकार ने पूरे प्रदेश में छह हजार किमी सड़कों को गड्डा मुक्त किए जाने के लिए दो सौ करोड़ की धनराशि स्वीकृत की है। इसके अलावा लोक निर्माण विभाग, पीएमजीएसवाई को सड़कों के डामरीकरण एवं मरम्मत के लिए आपदा मोचन निधि से पर्याप्त धनराशि उपलब्ध करा दी गई है। इसके बावजूद बजट की कमी रहती है तो आपदा प्रबंधन विभाग से और भी धनराशि मुहैया कराई जाएगी। डॉ. रावत ने प्रदेश भर में बरसात के कारण अवरुद्ध सड़कों को दो दिन के भीतर खोलकर यातायात सुचारू करने के निर्देश अधिकारियों को दिए।
राज्य आपदा प्रबंधन विभाग प्रदेश के हालात पर बराबर नजर बनाए हुए है। स्थितियां फिलहाल काबू में हैं। प्रदेश में शासन और प्रशासन अलर्ट मोड में है। जहां तक सड़कों के बंद होने का सवाल है, प्राथमिकता के आधार पर सड़कों को खोलने का काम भी शुरू कर दिया गया है। राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र प्रदेश में बारिश के चलते उत्पन्न हुए स्थितियों पर बराबर नजर बनाए हुए है।
- एसए मुरुगेशन, सचिव, आपदा प्रबंधन विभाग
प्रदेश में पांच राष्ट्रीय राजर्मा और सात राज्य मार्ग बारिश के कारण भूस्खलन होने से यातायात के लिए अवरुद्ध हुए हैं। सड़कों को प्राथमिकता के तौर पर खोलने का काम शुरू कर दिया गया है। लेकिन कार्य में तेजी बारिश रुकने के बाद ही शुरू हो पाएगी। अवरुद्ध सड़कों को खोलने के लिए मजदूरों और जेसीबी मशीनों की तैनाती की जा रही है।
- प्रमोद कुमार, प्रमुख अभियंता, लोनिवि
किस जिले में किसी मिमीमीटर बारिश
जिला वास्तविक बारिश सामान्य विचलन
अल्मोड़ा 36.7 1.8 1941
बागेश्वर 33.0 1.8 1733
चमोली 19.8 2.4 727
चंपावत 115.6 5.2 2123
देहरादून 19.1 1.5 1175
पौड़ी गढ़वाल 25.6 2.2 1062
टिहरी गढ़वाल 21.4 1.6 1235
हरिद्वार 25.3 1.3 1848
नैनीताल 64.0 2.3 2684
पिथौरागढ़ 55.1 2.3 2296
रुद्रप्रयाग 19.7 0.1 19600
उधमसिंहनगर 71.8 2.2 3162
उत्तरकाशी 20.8 4.3 385
औसत बारिश 36.7 2.4 1428