Weather Today : उत्तराखंड के कई जिलों में आज बारिश के आसार, मसूरी-देहरादून मार्ग भारी भूस्खलन से बंद
Uttarakhand Weather: देहरादून में बारिश, भूस्खलन से चीन सीमा को जोड़ने वाली सड़क बंद
मसूरी-देहरादून मार्ग पर गलोगी पावर हाउस के पास भारी भूस्खलन के बाद मार्ग देर रात से बंद है। लोगों को परेशानी हो रही है। मसूरी में सुबह के समय दूध सब्जी आदि समान न आने के कारण भी लोगों को परेशानी हो रही हैं।लगातार भूस्खलन के कारण भी लोक निर्माण विभाग को सड़क पर आए मलबे को हटाने में भारी दिक्कत हो रही है।
चारधाम यात्रा रूट सुचारु
यमुनोत्री धाम सहित यमुना घाटी मे धूप लगी हुई है। यमुनोत्री हाईवे पर सामान्य रूप से आवाजाही हो रही हैं। रुद्रप्रयाग जनपद में मौसम सुहावना है, धूप खिली हुई है। सोनप्रयाग से केदारनाथ के लिए 25 यात्री हुए रवाना हैं।बदरीनाथ हाईवे सुचारु है। चमोली जिले में दस संपर्क मोटर मार्ग भूस्खलन से बंद हैं।
बारिश से रिस्पना का जलस्तर बढ़ा, नुकसान की सूचना नहीं
रविवार को हुई बरसात से रिस्पना नदी का जल स्तर बढ़ गया। हालांकि किसी नुकसान की सूचना नहीं है। वहीं, शहर में बरसात से गली मोहल्ले में जलभराव हो गया, जो बारिश बंद होने के कुछ ही देर बाद खत्म हो गया। घंटाघर, पलटन बाजार में सड़कें जलमग्न दिखीं।
इसके अलावा गोविंदगढ़ स्थित टीचर कॉलोनी, गल्जवाड़ी के ग्राम रजवाड़ी, बल्लूपुर स्थित मित्रलोक कॉलोनी, कौलागढ़, सुमननगर, कांवली रोड, खुड़बुड़ा, महाराजा अग्रसेन चौक आदि जगहों पर भी जलभराव दिखा। लोग घर और प्रतिष्ठानों से पानी निकालते दिखाई दिए।
हालांकि कई दुकानदार इसकी वजह स्मार्ट सिटी के तहत चल रहे कार्यों को मानते हैं। वहीं, दूसरी ओर नगर निगम की टीम जलभराव को हटाने के लिए नाली और नालों को साफ करती दिखाई दी।
जजरेट के पास सड़क पर आया भारी मलबा
कालसी-चकराता मोटर मार्ग पर जजरेट के पास भारी मात्रा में मलबा आने से तीन घंटे तक वाहनों की आवाजाही पूरी तरह से ठप रही। लोग वाहन में बैठे रहे और सड़क खुलने का इंतजार करते रहे। सुबह नौ बजे वाहनों की आवाजाही बहाल होने पर लोगों ने राहत की सांस ली।
सुबह छह बजे तेज बारिश के बीच मलबा आने से सड़क पर वाहनों की रफ्तार थम गई थी। सड़क के दोनों ओर करीब दो किमी लंबा जाम लग गया था। सुबह आठ बजे तक पहाड़ी से पत्थरों के लुढ़कने का सिलसिला जारी रहा, जिसके बाद लोनिवि ने जेसीबी की मदद से मलबा हटाकर सुबह नौ बजे तक सड़क पर वाहनों की आवाजाही बहाल कराई।
सड़क पर वाहनों की आवाजाही ठप होने से करीब 40 गांवों की आबादी का संपर्क में आपस में कट गया। क्षेत्रीय लोगों का कहना है अक्सर मलबा आने से सड़क बंद हो जाती है। इससे बारिश में सड़क पर सफर करना खतरों से खाली नहीं रहता। अब तक विभाग जजरेट के पास वैकल्पिक पुल निर्माण को आगे नहीं बढ़ा सका है।
उधर, लोनिवि के अधिशासी अभियंता डीपी सिंह ने बताया कि सड़क खोलने के लिए मौके पर जेसीबी की तैनाती की गई है। मलबे की रफ्तार थमते ही सड़क खोलने का काम शुरू कर दिया जाता है।