Uttarakhand Weather: देहरादून में बारिश, भूस्खलन से चीन सीमा को जोड़ने वाली सड़क बंद
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राजधानी देहरादून में दोपहर बाद मौसम बदला और झमाझम बारिश हुई। इससे लोगों को उमस से राहत मिली। वहीं उत्तराखंड के कई जिलों में सोमवार को भी बारिश हो सकती है। मौसम केंद्र की ओर से जारी बुलेटिन के अनुसार राजधानी देहरादून के अलावा चमोली, रुद्रप्रयाग, अल्मोड़ा, बागेश्वर और पिथौरागढ़ में कई स्थानों पर बारिश होने का अनुमान है। इसके अलावा प्रदेश के अन्य जिलों में भी हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है।
चीन सीमा को जोड़ने वाली सड़क बंद, 17 गांवों का संपर्क कटा
सीपीडब्लूडी की चीन सीमा सोबला-ढाकर निर्माणाधीन सड़क 15 दिन से बंद है। सड़क बंद होने से 17 गांवों का संपर्क अन्य क्षेत्रों से कटा हुआ है। सेना और आईटीबीपी के जवानों को अग्रिम पोस्ट तक पहुंचने में दिक्कत का सामना करना पड़ रहा है।
सोबला-ढाकर निर्माणाधीन सड़क दर गांव में त्याड़ि मंदिर के पास 15 दिन से बंद है। शुक्रवार शाम को भारी बारिश के कारण दर गांव के पास ही लगभग 20 मीटर सड़क टूटने से दर और बोंगलिंग गांव सहित दारमा घाटी के 17 गांवों और सेना, आईटीबीपी के जवानों को अपने पोस्ट में जाने में दिक्कत हो रही है।
पूर्व प्रधान लाल सिंह बिष्ट ने बताया कि संबंधित विभाग को दर गांव में दो जगहों पर सड़क बंद होने की सूचना दे दी है। जिला पंचायत सदस्य सुरेश जेठा ने बताया कि तवाघाट-सोबला सड़क एक महीने से बंद है। सुरेश जेठा और रूप सिंह ने बताया कि संबंधित विभाग के कर्मी सड़क नहीं खोल रहे हैं। कहा सामरिक दृष्टि से महत्वपूर्ण सड़क बंद होना चिंताजनक है। सीमांत के लोगों ने विभाग पर लापरवाही का आरोप लगाया।
बारिश के बाद 15 सड़कें बंद
पिथौरागढ़ जिले में बारिश के बाद 15 सड़क बंद हैं। पिथौरागढ़- तवाघाट, तवाघाट- सोबला, बांसबगड़-गूठी, पौड़ी-घटकुना, छिरकिला-जम्कू, सोसा- सिर्खा, बांसबगड़- माणाधामी, नाचनी- भैसकोट, मदकोट -दारमा, बंगापानी- जाराजिबली, स्यांकुरी- धामीगांव, मसूरीकांडा- होकरा, आदिचौरा- सिणी, मदकोट-फाफा, आदिचौरा-कुनिया सड़क बंद है। मूसलाधार बारिश के दौरान मलबा आने से पिथौरागढ़-धारचूला एनएच जौलजीबी-बलुवाकोट के समीप सुबह बंद रहा। इससे यातायात प्रभावित रहा। इस सड़क पर मलबा हटाने के बाद वाहनों का संचालन सुचारु हो गया है।
भूस्खलन से दो घंटे बंद रहा दून-मसूरी मार्ग
भूस्खलन से राहगीरों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। रविवार को मसूरी-देहरादून मार्ग चूनाखाले के पास भूस्खलन आने के बाद मार्ग बंद हो गया। दूसरी ओर मार्ग गलोगी पावर हाउस के पास भी भूस्खलन के बाद काफी देर तक बंद रहा।
लोक निर्माण विभाग ने जेसीबी से सड़क पर आए मलबे और पत्थर को हटाया। वह करीब दो घंटे के बाद सड़क को यातायात के लिए सुचारु किया गया। मसूरी पुलिस द्वारा मार्ग बंद होने के बाद सड़क के दोनों और वाहनों की लगी लंबी लाइन को देखते हुए यातायात को व्यवस्थित करने में परेशानियों का सामना करना पड़ा।
मसूरी के स्थानीय लोगों ने बताया कि मसूरी-देहरादून मार्ग खतरे से खाली नहीं है। देहरादून-मसूरी मार्ग पर कभी भी भूस्खलन हो जाता है। जिस वजह से लोग अपनी जान को जोखिम में डालकर मसूरी-देहरादून आ जा रहे हैं।
चमोली में अभी भी दस संपर्क मोटर मार्ग अवरुद्घ
चारधाम यात्रा के लिहाज से महत्वपूर्ण गोपेश्वर-चोपता-ऊखीमठ हाईवे छोटे वाहनों की आवाजाही के लिए खोल दिया गया है। यह मार्ग भूधंसाव व भूस्खलन से पिछले एक पखवाड़े से बंद था। हालांकि कांचुलाखर्क और धोतीधार के पास मार्ग खतरनाक बना हुआ है। इसके साथ ही कर्णप्रयाग-ग्वालदम, जोशीमठ-मलारी और कर्णप्रयाग-गैरसैंण मार्ग भी यातायात के लिए सुचारु कर दिए गए हैं, जबकि घाट, दशोली, पोखरी, जोशीमठ, नारायणबगड़ क्षेत्र के दस संपर्क मोटर मार्ग मलबा और बोल्डर आने से अवरुद्ध पड़े हैं।
मंडल मोटर मार्ग पर छोटे वाहनों की आवाजाही होने से स्थानीय लोगों के साथ ही रुद्रनाथ, अनसूया माता मंदिर और तुंगनाथ मंदिर में पहुंच रहे श्रद्धालुओं ने राहत की सांस ली है। गंगोलगांव के महेंद्र सिंह का कहना है कि मंडल मोटर मार्ग पर कई जगहों पर भूधंसाव हो रहा है। इधर, एनएच के ईई जितेंद्र त्रिपाठी का कहना है कि मौसम सामान्य होने पर सड़क का सुधारीकरण किया जाएगा। जिन जगहों पर सड़क धंस रही है, वहां पुश्ता बनाया जाएगा।
मलबे से छह घंटे बंद रहा टनकपुर-पिथौरागढ़ हाईवे
टनकपुर-पिथौरागढ़ राष्ट्रीय राजमार्ग (एनएच) रविवार को करीब छह घंटे बंद रहा। तीन जगहों पर काफी मलबा आने से बंद मार्ग को खोलने में राष्ट्रीय राजमार्ग खंड और आपदा प्रबंधन विभाग को काफी मशक्कत करनी पड़ी। बंद होने से सड़क पर दोनों तरफ वाहनों की लंबी कतार लग गई। इलाज को जा रहा एक व्यक्ति भी मार्ग पर तीन घंटे फंसा रहा।
मुनस्यारी में पहाड़ी से गिरे पत्थर की चपेट में आने से मवानी दवानी निवासी भूपेंद्र सिंह पुत्र गोविंद सिंह की मौत हो गई। वह मल्ला जोहार घोड़े लेने गया था। रास्ता बेहद खराब होने के कारण उसके शव को मुनस्यारी तक लाना मुश्किल हो रहा है। स्थानीय लोगों ने प्रशासन से शव लाने के लिए हेलीकॉप्टर की मांग की है।
इसके अलावा, पिथौरागढ़ में 15, चंपावत में चार, बागेश्वर में आठ सड़कें बंद हैं। बागेश्वर में कपकोट-सौंग-मुनार सड़क मलबा आने से दो दिन से बंद है। सड़क बंद होने से हल्द्वानी से सरकारी राशन लेकर लोहारखेत (सौंग) जा रहे दो ट्रक बांसे में फंस गए हैं।