फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttarakhand ›   Dehradun News ›   uttarakhand weather badrinath, pithoragarh tawaghat, thal munsyari highway block

उत्तराखंडः बदरीनाथ हाईवे बंद, पिथौरागढ़ में सड़क बही, चट्टान की चपेट में आने से बच्चे की मौत

Sat, 14 Sep 2019 07:12 PM IST
Nirmala Suyal Nirmala Suyal न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून Published by: Nirmala Suyal Nirmala Suyal Updated Sat, 14 Sep 2019 07:12 PM IST
विज्ञापन
uttarakhand weather badrinath, pithoragarh tawaghat, thal munsyari highway block
यहीं दबकर हुई बच्चे की मौत - फोटो : अमर उजाला

उत्तराखंड में पहाड़ी इलाकों में लगातार भूस्खलन की खबरें सामने आ रही हैं। बदरीनाथ हाईवे लामबगड़ में भूस्खलन होने से फिर बंद हो गया है। थल मुनस्यारी मार्ग पर दरारें पड़ गई हैं। वहीं पिथौरागढ़ तवाघाट हाईवे कालिका के पास बह गया है। अल्मोड़ा जिले में जौरासी के सोगड़ा गांव में चट्टान से गिरे पत्थरों की चपेट में आने से एक बच्चे की मौत हो गई। बताया गया कि बच्चा अपनी मां के साथ ननिहाल आया था। वहां सड़क निर्माण का काम चल रहा है।

विज्ञापन


आज सुबह भूस्खलन होने से लामबगड़ में बदरीनाथ हाईवे बंद हो गया है। लामबगड़ के स्थाई ट्रीटमेंट को लेकर बदरीनाथ धाम में व्यापारी प्रदर्शन कर रहे हैं। भारी बारिश से पिथौरागढ़ तवाघाट हाईवे कालिका के पास बह गया है। लोगों ने एक मरीज को अपनी जान जोखिम में डालकर एम्बुलेंस तक पहुंचाया। बागेश्वर जिले के कपकोट में भूस्खलन से 15 सड़कों पर यातायात रुका हुआ है। पिथौरागढ़ जिले के थल-मुनस्यारी मार्ग पर लंबी दरारें पड़ चुकी हैं। मार्ग दूसरे दिन भी यातायात के लिए बंद रहा। चंपावत में मूसलाधार बारिश से एक पुल बह गया है। इससे खेतों को नुकसान हुआ है। ग्रामीणों का आरोप है कि निर्माणाधीन बारहमासी मार्ग के मलबे से यहां हालात खराब हो रहे हैं।
विज्ञापन


पहाड़ से गिरे बोल्डर और मलबे में दबकर बच्चे की मौत
जौरासी से लगे स्याल्दे तहसील के सोगड़ा में शुक्रवार की शाम पहाड़ी से गिरे बोल्डर और मलबे में दबकर चौखुटिया के कोरणी निवासी आठ साल के एक बच्चे की मौत हो गई। घटना के समय वह अपनी मां के साथ पानी भर रहा था। चौखुटिया तहसील के अंतर्गत ग्राम पंचायत छिताड़ के कोरणी निवासी योगेश सिंह (8) पुत्र भूपेंद्र सिंह अपनी मां गीता देवी के साथ ननिहाल स्याल्दे तहसील के सोगड़ा गया था। शुक्रवार की शाम करीब साढे़ पांच बजे वह अपनी मां के साथ पानी भर रहा था। इसी दौरान वह पहाड़ी से गिरे बोल्डरों और मलबे की चपेट में आ गया। 
विज्ञापन
विज्ञापन


ग्रामीणों ने मलबे में दबे शव को बाहर निकाला। देर रात पहुंचे राजस्व कर्मियों ने मौके पर ही शव का पंचनामा भरा। शनिवार की सुबह शव को सीएचसी चौखुटिया लाया गया। यहां रानीखेत से पहुंचे चिकित्सक डॉ. एसके दीक्षित ने पोस्टमार्टम किया। उन्होंने बताया कि बच्चे  के सिर और गर्दन में काफी चोट थी। सोगड़ा के ग्रामीणों ने बताया कि जौरासी से घनस्याल के लिए सड़क का कटान हो रहा है। इसी कटान के चलते बच्चे पर बोल्डर गिरे। उन्होंने इस मामले में सड़क निर्माण एजेंसी पर लावरवाही का आरोप लगाया है।  वहीं, पोस्टमार्टम के दौरान मौके पर मौजूद भिकियासैंण के एसडीएम अभय प्रताप सिंह ने बताया कि सड़क निर्माण कर रही एजेंसी पीएमजीएसवाई की लापरवाही भी उजागर हुई है। संबंधित विभाग के खिलाफ कार्रवाई की जा रही है। 

बांसवाड़ा में दिनभर बंद रहा रुद्रप्रयाग-गौरीकुंड हाईवे

बांसवाड़ा में पहाड़ी से हो रहे भूस्खलन के चलते रुद्रप्रयाग-गौरीकुंड राष्ट्रीय राजमार्ग दिनभर बंद रहा। इस दौरान यात्रियों व स्थानीय सवारियों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। पुलिस द्वारा यातायात को बांसवाड़ा-बसुकेदार-गुप्तकाशी मोटर मार्ग पर डायवर्ट किया गया है। शुक्रवार देर रात्रि से बांसवाड़ा में पहाड़ी भूस्खलन के कारण हाईवे बंद हो गया था। यहां पर टनों मलबे का ढेर लगा हुआ है। शनिवार सुबह कार्यदायी संस्था द्वारा मलबा सफाई का प्रयास किया गया, लेकिन पुन: भूस्खलन होने के कारण कार्य नहीं हो पाया। सुबह 8 बजे पुलिस द्वारा यातायात को बांसवाड़ा-बसुकेदार-गुप्तकाशी मोटर मार्ग पर डायवर्ट कर दिया गया।

ऑल वेदर रोड परियोजना के तहत निर्माणाधीन गौरीकुंड हाईवे बरसात से बदहाल हो चुका है। पूरे 76 किमी सड़क पर जगह-जगह गड्ढे पड़े हैं, जिससे छोटे-बड़े वाहनों के संचालन में खासी दिक्कतें हो रही हैं। साथ ही दुर्घटना का खतरा भी बना है। हाईवे पर भटवाड़ीसैंण, बांसवाड़ा, सेमी-भैंसारी, नारायणकोटी, डोलिया देवी, जामू नर्सरी, चंडिकाधार और सेरसी में भूस्खलन जोन सक्रिय होने से स्थिति दयनीय बनी हुई है। इन हालात में हाईवे पर घंटों जाम लग रहा है। दूसरी तरफ कुंड-ऊखीमठ-चोपता-गोपेश्वर राष्ट्रीय राजमार्ग ऊखीमठ में चुन्नी-मंगोली के बीच हादसों का सबब बना हुआ है। यहां भूधंसाव से सड़क का एक हिस्सा ढह गया है, जिस कारण बड़े वाहनों का संचालन नहीं हो पा रहा है। जबकि छोटे वाहन भी बमुश्किल से पार हो रहे हैं। इधर, एनएच के ईई जेके त्रिपाठी ने बताया कि बरसात का सीजन खत्म होते ही हाईवे का सुधारीकरण किया जाएगा, जिससे यातायात संचालन में दिक्कत न हो। भूस्खलन प्रभावित स्थानों पर दो तरफा सुरक्षा व स्थायी मरम्मत के लिए भू-वैज्ञानिकों की मदद से कार्य किया जाएगा।

नासूर बने लामबगड़ को लेकर फूटा हक-हकूकधारियों और व्यापारियों का गुस्सा 

बदरीनाथ हाईवे पर नासूर बने लामबगड़ भूस्खलन क्षेत्र का स्थायी ट्रीटमेंट न होने से हक-हकूकधारियों और व्यापारियों का गुस्सा फूटा। आक्रोशित लोगों ने बदरीनाथ धाम में नारेबाजी कर सरकार के खिलाफ जुलूस प्रदर्शन करते हुए एक सप्ताह के भीतर लामबगड़ भूस्खलन क्षेत्र में आवाजाही सामान्य करने की मांग की। कहा कि अगर जल्द मामले का गंभीरता से नहीं लिया गया तो आंदोलन तेज किया जाएगा। 

शनिवार को बदरीनाथ संघर्ष समिति के आह्वान पर हक-हकूकधारी और व्यापारियों ने बदरीनाथ धाम में नारेबाजी कर जुलूस प्रदर्शन किया। कहा गया कि लंबे समय से लामबगड़ बदरीनाथ धाम की सुचारु तीर्थयात्रा में व्यवधान पैदा कर रहा है, लेकिन सरकार इस ओर कोई ध्यान नहीं दे रही है। बारिश थमने के बावजूद लामबगड़ में भूस्खलन से हाईवे बार-बार बाधित हो रहा है, जिससे स्थानीय लोगों के साथ ही तीर्थयात्रियों को आवाजाही में दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।  व्यापार मंडल अध्यक्ष विनोद नवानी ने कहा कि लामबगड़ में बार-बार बदरीनाथ हाईवे अवरुद्ध होने से तीर्थयात्रियों का यात्रा कार्यक्रम बिगड़ रहा है। कई तीर्थयात्री बदरीनाथ यात्रा का कार्यक्रम ही स्थगित कर रहे हैं।  बदरीनाथ संघर्ष समिति के अध्यक्ष राजेश मेहता ने बताया कि सितंबर माह में ही बदरीनाथ धाम में कई भागवत कथाएं आयोजित होनी प्रस्तावित थी, लेकिन लामबगड़ में भूस्खलन की वजह से तीर्थयात्री कथाओं का आयोजन भी स्थगित कर रहे हैं। कि यदि लामबगड़ का शीघ्र स्थाई ट्रीटमेंट और सामान्य आवाजाही नहीं हुई तो आंदोलन तेज कर लिया जाएगा। इस मौके पर माणा गांव के पूर्व प्रधान पीतांबर मोल्फा, वीरेंद्र शर्मा, रविंद्र चौहान, महादीप भंडारी, संदीप भट्ट, विपुल डिमरी, अंशुमान भंडारी, भाष्कर मोतीवाल, जगदीश मेहता  सहित कई लोगों मौजूद थे। 

हेलंग-मारवाड़ी बाईपास के विरोध में जुलूस-प्रदर्शन
जोशीमठ में हेलंग-मारवाड़ी बाईपास के विरोध में शनिवार को जनप्रतिनिधियों, व्यापारियों और स्थानीय लोगों ने नगर में जुलूस निकाल कर प्रदर्शन किया। वहीं, तेरहवें दिन भी स्थानीय लोगों का तहसील परिसर में धरना जारी रहा। जोशीमठ कांग्रेस कमेटी ने भी आंदोलन को अपना समर्थन दिया है। सोमवार को ग्यारह बजे जोशीमठ संघर्ष समिति के नेतृत्व में स्थानीय लोगों ने केंद्र सरकार के विरोध में नगर में जुलूस प्रदर्शन किया। जुलूस तहसील परिसर में जाकर एक सभा में तब्दील हुआ। वक्ताओं ने कहा कि केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी ऑलवेदर रोड परियोजना से जोशीमठ नगर को अलग किया जा रहा है। जो कि दुर्भाग्यपूर्ण है। परियोजना के तहत हेलंग-मारवाड़ी बाईपास मार्ग निर्माण प्रस्तावित है। यदि यह मार्ग बन गया तो जोशीमठ नगर का अस्तित्व समाप्त हो जाएगा। जोशीमठ चीन सीमा क्षेत्र में स्थित होने के कारण सामरिक दृष्टि से बेहद महत्वपूर्ण है। साथ ही धार्मिक दृष्टि से भी यह नगर महत्वपूर्ण है।  परियोजना से जोशीमठ नगर को भी लाभान्वित करने के लिए आंदोलन जारी रखा जाएगा। इस मौके पर नगर पालिका अध्यक्ष शैलेंद्र पंवार, ठाकुर सिंह राणा, देवेश्वरी शाह, लक्ष्मी लाल शाह, विक्रम, रोहित, मीना, धनेश्वरी राणा, गीता परमार, एमएस सिद्दकी, ममता आदि मौजूद थे। 

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed