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उत्तराखंड: अमर उजाला की खबर का असर, यूपीसीएल के जीएम और तीन इंजीनियर समेत छह निलंबित

Thu, 22 Oct 2020 11:15 PM IST
अलका त्यागी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून Published by: अलका त्यागी Updated Thu, 22 Oct 2020 11:15 PM IST
सार

  • बकाया वसूली में लापरवाही बरतने पर गिरी गाज
  • छह अन्य अधिकारियों को भी आरोप पत्र जारी
  • जीएम समेत तीन अधिकारियों को कारण बताओ नोटिस

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Uttarakhand: UPCL GM and three engineers including Six Workers suspended
- फोटो : प्रतीकात्मक तस्वीर

विस्तार

करोड़ों रुपये की बकाया राशि की वसूली में लापरवाही बरतने के आरोप में उत्तराखंड पावर कारोपरेशन लि. (यूपीसीएल) प्रबंधन ने बड़ी कार्रवाई करते हुए एक महाप्रबंधक (वित्त), दो अधीक्षण अभियंता, एक अधिशासी अभियंता समेत छह अधिकारियों को निलंबित कर दिया है।

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उन्हें आरोप पत्र भी जारी हुआ है। निलंबन की यह कार्रवाई जांच समिति की सिफारिश पर की गई है। जांच में वित्तीय अनियमितता और लापरवाही उजागर हुई है। इन सभी अधिकारियों को प्रथम दृष्टया उत्तरदायी पाया गया है। इनके अलावा छह अन्य अधिकारियों को भी आरोप पत्र जारी किया गया है। तीन अधिकारियों को कारण बताओ नोटिस दिया गया है।
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‘अमर उजाला’ ने तीन अगस्त के अंक में ‘बिजली बेचने वाली कंपनी पर यूपीसीएल के करोड़ों फंसे’ शीर्षक से खबर प्रकाशित की थी। सचिव ऊर्जा राधिका झा ने खबर का संज्ञान लिया और यूपीसीएल के एमडी नीरज खैरवाल को मामले की जांच कर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई करने के निर्देश दिए। भ्रष्टाचार पर जीरो टॉलरेंस की नीति के तहत यूपीसीएल ने जांच की और रिपोर्ट शासन को सौंपी। जांच रिपोर्ट मिलने पर सचिव ने एमडी से कार्रवाई की रिपोर्ट मांगी थी। बृहस्पतिवार को निगम प्रबंधन ने लापरवाह अधिकारियों पर कार्रवाई कर दी।

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इन पर गिरी निलंबन की गाज

मोहम्मद इकबाल महाप्रबंधक (वित्त), बृज सिंह और सुनील वैद्य (अधीक्षण अभियंता), अर्जुन प्रताप सिंह (अधिशासी अभियंता), राकेश चंद्र (वरिष्ठ लेखाधिकारी) और अवनीश गुप्ता (सहायक लेखाधिकारी)।

इन्हें भी जारी हुआ आरोप पत्र
यूपीसीएल ने छह अन्य अधिकारियों को प्रकरण में आरोप पत्र जारी किया है। इनमें मुख्य अभियंता एसके टम्टा, अधिशासी अभियंता रजनीश अग्रवाल, लेखाधिकारी एसके मेहता, सहायक अभियंता प्रवेश कुमार, एसके मेहता, मनीष पांडेय और लेखाकार होशियार सिंह शामिल हैं।

इन्हें दिया कारण बताओ नोटिस 
इस प्रकरण में महाप्रबंधक वित्त अनिल मित्तल, मुख्य अभियंता एके सिंह और सीएस धर्मसत्तू को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है।

यह था मामला

मैसर्स केईआईपीएल नाम की कंपनी ने यूपीसीएल की सरप्लस बिजली को बाजार में बेचा, लेकिन इसके एवज में निर्धारित समय सीमा पर इसकी धनराशि नहीं लौटाई। कंपनी पर करीब 60 करोड़ से अधिक की धनराशि बकाया हो गई।

करोड़ों की धनराशि की वसूली में हो रही हीलाहवाली के मामले को ‘अमर उजाला’ ने उजागर किया। सचिव ऊर्जा ने सभी राज्यों के ऊर्जा निगमों को पत्र लिखकर कंपनी पर बकायेदारी की सूचना दी। कंपनी पर दबाव बना और उसने अधिकांश बकाया राशि के चेक लौटा दिए। इसके बाद कंपनी से धनराशि वसूली में हीलाहवाली को लेकर उन्होंने जांच के आदेश दे दिए। जांच में अधिकारियों की जवाबदेही तय की गई।

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