फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttarakhand ›   Dehradun News ›   Uttarakhand: Three arrested for cheating of 77 lakhs in name of set top box dealership

उत्तराखंड: सेटटॉप बॉक्स की डीलरशिप के नाम पर 77 लाख की ठगी के आरोप में तीन गिरफ्तार

Wed, 26 Aug 2020 12:27 AM IST
अलका त्यागी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, काशीपुर(ऊधमसिंह नगर)
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, काशीपुर(ऊधमसिंह नगर) Published by: अलका त्यागी Updated Wed, 26 Aug 2020 12:27 AM IST
सार

  • नामी टेलीकॉम कंपनी के सेटटॉप बॉक्स की डीलरशिप के नाम पर ऐंठी रकम 
  • कचनालगाजी निवासी मनोज जैन की तहरीर पर की गई कार्रवाई 

विज्ञापन
Uttarakhand: Three arrested for cheating of 77 lakhs in name of set top box dealership
सांकेतिक तस्वीर

विस्तार

उत्तराखंड में एक प्रतिष्ठित टेलीकॉम कंपनी के सेटटॉप बॉक्स की डीलरशिप के नाम पर व्यापारियों से 77 लाख की ठगी के तीन आरोपियों को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस ने उनके कब्जे से लैपटॉप और कंपनी के नाम पर तैयार किए गए दस्तावेज बरामद किए हैं। मामले में कुछ आरोपी फरार बताए गए हैं। 

विज्ञापन


मंगलवार को काशीपुर पहुंचे एसएसपी दिलीप सिंह कुंवर ने घटना का खुलासा करते हुए बताया कि कचनालगाजी निवासी मनोज जैन ने 22 अगस्त को कोतवाली में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। इसमें कहा गया था रुद्रपुर निवासी राजेश झाम ने 20 जुलाई को एक व्यावसायिक डील करने के लिए उसे रुद्रपुर बुलाया। वहां उसने एक होटल में उसे अश्वनी कुमार, हरिद्वार निवासी सुजेना शुक्ला, स्वाति कांडपाल, निखिल गांधी, विवेक शर्मा आदि से मिलवाया। उन्होंने टेलीकॉम कंपनी की फ्रेंचाइची और स्टूडियो के नाम पर करीब 67 लाख की ठगी कर ली। इसके बाद 10 लाख रुपये और ऐंठ लिए। 
विज्ञापन


एसएसपी ने बताया कि पुलिस ने मामले में थाना बेउर, पटना (बिहार) निवासी अश्वनी कुमार और ग्रेटर नोएडा (यूपी) निवासी विनोद राय और नेहरू कॉलोनी देहरादून निवासी प्रशांत संगल को गिरफ्तार किया है। इनसे पूछताछ में 27 करोड़ रुपये की ठगी किए जाने की बात प्रकाश में आई है। मामले में कंपनी के अधिकारियों से संपर्क कर जांच को आगे बढ़ाया जाएगा। जरूरत पड़ने पर जांच में एसटीएफ की भी मदद ली जाएगी। 
विज्ञापन
विज्ञापन


एसएसपी ने बताया कि पकड़ में आए तीन में से दो आरोपी अश्वनी और विनोद टेलीकॉम कंपनी में सीईओ के पद पर रह चुके हैं। दोनों कंपनी के कामकाज के तरीकों, प्रोजक्ट आदि के बारे में पूरी तरह से वाकिफ हैं। अपने अनुभव का लाभ उठाकर ही इस गैंग ने करोड़ों की ठगी की है। पुलिस ने इनके कब्जे से तीन वाटर मार्क एग्रीमेंट, दो लैपटॉप, 110 ग्रिप पेपर, दो मोबाइल और फर्जी आईडी कार्ड बरामद किए हैं। 

उत्तराखंड से बंगाल तक फैला है ठगों का नेटवर्क 

नामी टेलीकॉम कंपनी के नाम पर ठगी करने वाले गिरोह का जाल उत्तराखंड, यूपी, बिहार, बंगाल, झारखंड और अन्य प्रदेशों तक फैला हुआ था। कंपनी के प्लानों की पहले से ही जानकारी होने के कारण उनका नेटवर्क इतना भरोसेमंद दिखाई देता था कि अच्छे-अच्छे व्यापारी तक गच्चा खा गए। अकेले उत्तराखंड में ही ठगों ने साढ़े छह करोड़ का चूना लगाया है। 

काशीपुर निवासी मनोज जैन और शक्ति अग्रवाल को टेलीकॉम की व्यवसायिक डील के सिलसिले में 20 जुलाई को रुद्रपुर बुलाया गया था। वहां उनकी मुलाकात अश्वनी, विनोद राय व अन्य से हुई। अश्वनी को कंपनी के ईस्ट एंड सेंटर जोन का प्रोजेक्ट हेड बताया गया। बातचीत के दौरान कंपनी का ब्रॉडकास्टिंग वायरलेस स्मार्ट बॉक्स, ऑनलाइन मनी और ऑनलाइन शॉपिंग प्लान के बारे में जानकारी दी गई। 

कहा कि कंपनी काशीपुर में स्टूडियो भी बनाकर देगी, जिसमें छह चैनल होंगे। 1.5 लाख बॉक्स जिनकी कीमत 4.50 करोड़ बताई गई। इसके लिए 25 प्रतिशत एडवांस कंपनी में जमा कराने को कहा गया। इस दौरान उनकी अश्वनी से बात होती रही। एग्रीमेंट से पहले वायरलेस मीडिया ब्रॉडकास्टिंग कंपनी के खाते में 5.51 लाख रुपये जमा करने को कहा गया। इस पर उनकी ओर से 23 जुलाई को रकम जमा कराई गई। शक्ति अग्रवाल का कहना है कि उन्होंने राशि आरआईएल ब्रॉडकास्टिंग कंपनी में जमा कराई जबकि एग्रीमेंट दूसरी कंपनी के नाम किया गया। 

29 जुलाई को अश्वनी ने निखिल गांधी और विवेक शर्मा को काशीपुर भेजा, जो कंपनी के लोगो लगे हुए पेपर और मुहरें लेकर और एग्रीमेंट लिखकर ले गए। इसके बाद उनसे अलग-अलग तारीखों में कुल 67.26 लाख रुपये नकद और खातों में जमा करा लिए। छानबीन में पता लगा कि उक्त ठगों की ओर से हरिद्वार में भी बड़ा कार्यालय खोला गया है। उक्त कंपनी की ओर से प्रस्तावित प्लानों के बारे में उन्हें एडवांस जानकारी रहती है। इसी का फायदा उठाकर वह ठगी को अंजाम देते हैं। 

टेलीकॉम कंपनी के नाम पर गिरोह ने इनके साथ की ठगी 

1- बंसल एसोसिएट्स, ऋषिकेश 21 लाख। 
2- आशीष शर्मा हरिद्वार, 56 लाख और एक मर्सिडीज कार। 
3- अमित शर्मा हरिद्वार 1.47 करोड़। 
4- सहारनपुर में 1.40 करोड़। 
5- अश्वनी कुमार, देहरादून 1.10 करोड़। 
6- विकास गुप्ता, 21 लाख। 
7- मसूरी, देहरादून के चार लोगों से 1.20 करोड़। 
8- बिहार से आरआईएल में आठ करोड़। 
9- झारखंड में एक करोड़। 
10- कोलकाता टाउन और पश्चिमी बंगाल से 10 करोड़। 

गैंगेस्टर एक्ट में निरुद्ध होंगे आरोपी 
एसएसपी डीएस कुंवर ने बताया कि करोड़ों की ठगी में शामिल सभी आरोपियों को गिरफ्तार किया जाएगा। इसके लिए दूसरे राज्यों की पुलिस की मदद भी ली जाएगी। आरोपियों के पकड़ में आने पर उनके खिलाफ गंगैस्टर एक्ट में कार्रवाई की जाएगी। 
विज्ञापन
विज्ञापन
सबसे विश्वसनीय Hindi News वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें हर राज्य और शहर से जुड़ी क्राइम समाचार की
ब्रेकिंग अपडेट।
 
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed