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उत्तराखंड का एक और सपूत नक्सली हमले में शहीद, शहादत की खबर सुनते ही मां और पत्नी बदहवास

Tue, 31 Jul 2018 10:27 AM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, रामनगर (नैनीताल)
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, रामनगर (नैनीताल) Updated Tue, 31 Jul 2018 10:27 AM IST
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uttarakhand son martyr in Naxal attack
Martyr wife and mother - फोटो : amar ujala

देश के लिए उत्तराखंड के एक और जवान ने अपनी जान न्योछावर कर दी।

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ग्राम छोई निवासी दीवान नाथ गोस्वामी मेघालय के कुर्र क्षेत्र के जंगल में नक्सलियों से मुठभेड़ के दौरान शहीद हो गए। 46 वर्षीय दीवान नाथ बीएसएफ की 141वीं बटालियन में जीडी/ड्राइवर पद पर तैनात थे और चार महीने बाद ही रिटायर होने वाले थे। उन्होंने वीआरएस के लिए आवेदन किया था।

दो महीने की छुट्टी बिताकर आठ जुलाई को वह ड्यूटी पर लौटे थे। बताया जा रहा है कि सोमवार शाम तक शहीद का पार्थिव शरीर उनके घर पहुंचेगा। एसडीएम परितोष वर्मा ने बताया कि उनके पास दीवान नाथ के शहीद होने की आधिकारिक सूचना नहीं है। फिर भी क्षेत्र के पटवारी को गांव भेजा गया है।
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दीवान के भाई विजय नाथ ने बताया कि शनिवार रात करीब 12 बजे उनकी भाभी के मोबाइल फोन पर दूसरी तरफ से सूचना दी गई कि दीवान नाथ के पैर पर गोली लगी है और उन्हें अस्पताल ले जाया जा रहा है। जब रविवार सुबह उन्होंने फोन कर दीवान नाथ की हालत के बारे में पूछा तो पता चला कि उनका इलाज चल रहा है।
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शहादत की खबर सुनते ही मां और पत्नी बदहवास

uttarakhand son martyr in Naxal attack
Martyr children - फोटो : amar ujala

यह भी बताया गया कि उन्हें हेलीकॉप्टर से दूसरे अस्पताल ले जाया जा रहा है। विजय नाथ ने बताया कि जब लखनऊ निवासी उनके जीजा ने जानकारी जुटाई तो पता चला कि दीवान नाथ गोस्वामी शहीद हो गए हैं। बाद में मेघालय के कमांडेंट ने भी फोन पर उनके शहीद होने की खबर दी।

शहादत की खबर सुनते ही दीवान की मां पार्वती देवी, पत्नी गीता बदहवास हो गईं। मूल रूप से गरमपानी निवासी दीवान सात भाई-बहनों में तीसरे नंबर के थे। उनके परिवार में पत्नी,  दो बेटियां आराध्या  (5) और इशिका (2) हैं। उनके बड़े भाई गोपाल नाथ गोस्वामी कुमाऊंविश्वविद्यालय नैनीताल में कार्यरत हैं।

 

छोटा भाई विजय नाथ गोस्वामी उत्तराखंड पुलिस में है और वर्तमान में अल्मोड़ा कोतवाली में तैनात है। शहीद की मौत की सूचना पर उनकी शादीशुदा बहनें पदमा, पुष्पा, तारा, प्रेमा भी गांव पहुंच गईं हैं। शोकाकुल परिवार को सांत्वना देने के लिए लोगों का जमावड़ा उनके घर पर लगा हुआ है।

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