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उत्तराखंड: छात्र संख्या शून्य...बंद हुए 640 से अधिक स्कूल, होम स्टे आंगनबाड़ी केंद्र के रूप में होंगे इस्तेमाल
Mon, 11 Mar 2024 01:40 PM IST
रेनू सकलानी
अमर उजाला ब्यूरो, देहरादून
अमर उजाला ब्यूरो, देहरादून
Published by: रेनू सकलानी
Updated Mon, 11 Mar 2024 01:40 PM IST
सार
समग्र शिक्षा कार्यालय से अपर निदेशक माध्यमिक शिक्षा, गढ़वाल और कुमाऊं के साथ ही सभी सीईओ, डीईओ और खंड शिक्षा अधिकारियों को बंद विद्यालयों के संबंध में निर्देश जारी किया गया है। निर्देश में कहा है कि छात्र संख्या शून्य होने से बंद हुए विद्यालयों की सूचना उपलब्ध कराई जाए।
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प्रतीकात्मक तस्वीर
- फोटो : फाइल फोटो
विस्तार
प्रदेश के सरकारी विद्यालयों में छात्र संख्या तेजी से घट रही है। यही वजह है कि 640 से अधिक स्कूल बंद हो चुके हैं और कई बंदी की कगार पर हैं। शिक्षा महानिदेशक बंधीधर तिवारी के मुताबिक वर्तमान में कितने स्कूल बंद हैं और किस स्थिति में हैं। इस संबंध में सभी मुख्य शिक्षा अधिकारियों से 12 मार्च तक सूचना मांगी गई है।
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इन विद्यालयों का होम स्टे एवं आंगनबाड़ी केंद्र के रूप में इस्तेमाल किया जा सकता है। समग्र शिक्षा कार्यालय से अपर निदेशक माध्यमिक शिक्षा, गढ़वाल और कुमाऊं के साथ ही सभी सीईओ, डीईओ और खंड शिक्षा अधिकारियों को बंद विद्यालयों के संबंध में निर्देश जारी किया गया है। निर्देश में कहा है कि छात्र संख्या शून्य होने से बंद हुए विद्यालयों की सूचना उपलब्ध कराई जाए।
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विभागीय अधिकारियों से यह भी कहा गया है कि पूर्व में राजकीय प्राथमिक विद्यालय, राजकीय उच्च प्राथमिक विद्यालय, राजकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय एवं राजकीय इंटरमीडिएट काॅलेज जो छात्र संख्या शून्य होने के कारण बंद हो चुके हैं। उनके भवन और भूमि की स्थिति से अवगत कराया जाए। इस संबंध में सूचना ई मेल के माध्यम से भी उपलब्ध कराई जा सकती है।