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Dehradun News: शादी का झांसा देकर दुष्कर्म के आरोप से युवक बरी
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देहरादून। विशेष पोक्सो अदालत की न्यायाधीश मंजु सिंह मुंडे ने शादी का झांसा देकर आठ वर्ष तक दुष्कर्म करने और जान से मारने की धमकी देने के आरोप से युवक को बरी कर दिया। अदालत ने माना कि आपसी सहमति से बना प्रेम संबंध और बाद में बीमारी जैसी अपरिहार्य परिस्थितियों के कारण शादी न हो पाना दुष्कर्म की श्रेणी में नहीं आता।
मामला नेहरू कॉलोनी थाने में 13 अप्रैल 2022 को दर्ज किया गया था। पहाड़ के एक जिले की रहने वाली युवती ने मोथरोवाला निवासी रोहित शाह के खिलाफ दुष्कर्म और जान से मारने की धमकी देने के आरोप में प्राथमिकी दर्ज कराई थी। अभियोजन के अनुसार वर्ष 2014 में फेसबुक के माध्यम से दोनों की दोस्ती हुई और इसके बाद दोनों प्रेम संबंध में रहे। नवंबर 2021 में दोनों की सगाई भी हो गई थी। फरवरी 2022 में रोहित शाह को फेस पैरालिसिस (चेहरे का लकवा) हो गया, जिसके बाद दोनों की शादी नहीं हो सकी।
युवती ने शिकायत के दौरान थाने में फिनाइल पी लिया था। इसके बाद 13 अप्रैल 2022 को नेहरू कॉलोनी पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर चार्जशीट दाखिल की। अदालत ने पाया कि शारीरिक संबंध स्वेच्छा से बने थे और शादी न होने का कारण बीमारी थी। धमकी देने के संबंध में भी तारीख, समय या माध्यम का ठोस साक्ष्य नहीं मिला। अभियोजन आरोप सिद्ध नहीं कर सका, जिसके बाद आरोपी को बरी कर दिया गया।
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मामला नेहरू कॉलोनी थाने में 13 अप्रैल 2022 को दर्ज किया गया था। पहाड़ के एक जिले की रहने वाली युवती ने मोथरोवाला निवासी रोहित शाह के खिलाफ दुष्कर्म और जान से मारने की धमकी देने के आरोप में प्राथमिकी दर्ज कराई थी। अभियोजन के अनुसार वर्ष 2014 में फेसबुक के माध्यम से दोनों की दोस्ती हुई और इसके बाद दोनों प्रेम संबंध में रहे। नवंबर 2021 में दोनों की सगाई भी हो गई थी। फरवरी 2022 में रोहित शाह को फेस पैरालिसिस (चेहरे का लकवा) हो गया, जिसके बाद दोनों की शादी नहीं हो सकी।
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युवती ने शिकायत के दौरान थाने में फिनाइल पी लिया था। इसके बाद 13 अप्रैल 2022 को नेहरू कॉलोनी पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर चार्जशीट दाखिल की। अदालत ने पाया कि शारीरिक संबंध स्वेच्छा से बने थे और शादी न होने का कारण बीमारी थी। धमकी देने के संबंध में भी तारीख, समय या माध्यम का ठोस साक्ष्य नहीं मिला। अभियोजन आरोप सिद्ध नहीं कर सका, जिसके बाद आरोपी को बरी कर दिया गया।
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