Uttarakhand: बारिश थमने से मिली राहत; नदियों का जल स्तर बढ़ा, राज्य में तीन एनएच समेत 106 मार्ग बंद
22 जुलाई को हल्की बारिश होने की संभावना है। जबकि रुद्रप्रयाग, उत्तरकाशी, चमोली, नैनीताल, बागेश्वर और पिथौरागढ़ जिले के कुछ इलाकों में भारी बारिश का येलो अलर्ट जारी किया गया है।
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तीन दिन से लगातार जारी बारिश का सिलसिला मंगलवार को थमा तो पहाड़ से लेकर मैदान तक लोगों ने राहत की सांस ली। इसके साथ ही विभिन्न जगहों पर चल रहे पुनर्निर्माण कार्यों में भी तेजी देखने को मिली। उधर मौसम विज्ञान केंद्र की ओर से बुधवार को भी हल्की बारिश होने की संभावना जताई गई है।
दरअसल, तीन दिन तक लगातार बारिश के चलते जिले भर में कई जगह भू-धंसाव, भू-स्खलन और नदी-नालों का जलस्तर बढ़ने से लोगों की चिंता बढ़ गई थी। मंगलवार को देहरादून के कुछ हिस्सों में हल्की बारिश हुई। आंकड़ों पर नजर डालें तो जिले भर में सुबह साढ़े आठ बजे से शाम साढ़े पांच बजे तक 1.8 एमएम बारिश दर्ज की गई। दिन का अधिकतम तापमान सामान्य से एक डिग्री अधिक 30.9 डिग्री दर्ज किया गया। रात का न्यूनतम तापमान 24.1 डिग्री के साथ सामान्य रहा।
मौसम विज्ञान केंद्र की ओर से जारी पूर्वानुमान के अनुसार 22 जुलाई को हल्की बारिश होने की संभावना है। जबकि रुद्रप्रयाग, उत्तरकाशी, चमोली, नैनीताल, बागेश्वर और पिथौरागढ़ जिले के कुछ इलाकों में भारी बारिश का येलो अलर्ट जारी किया गया है। अन्य जिलों में बिजली चमकने के साथ तेज दौर की बारिश का अनुमान है। आने वाले दिनों की बात करें तो 27 जुलाई तक प्रदेश भर में मौसम का मिजाज कुछ ऐसा ही रहने के आसार है।
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नदियों का जल स्तर बढ़ा
राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र ने बुलेटिन जारी किया है, उसमें सुबह उत्तरकाशी में भागीरथी नदी, बदरीनाथ में नंद केसरी में पिंडर नदी का जल स्तर खतरे के स्तर के पास पहुंचा हुआ था पर बाद में जल स्तर घटने लगा। अलकनंदा का जल स्तर स्थिर बना हुआ था। देवप्रयाग में गंगा का जल स्तर चेतावनी स्तर के पास पहुंच रहा था और उसका जल स्तर लगातार बढ़ रहा था। वहीं, आईएमडी ने 24 घंटे में बारिश के मद्देनजर देहरादून, उत्तरकाशी, पौड़ी गढ़वाल, टिहरी गढ़वाल, चमोली, अल्मोड़ा, नैनीताल, बागेश्वर, पिथौरागढ़, चंपावत और रुद्रप्रयाग में कम और मध्यम स्तर की बाढ़ को लेकर बुधवार की सुबह पांच बजकर तीस मिनट के लिए चेतावनी जारी की है।
राज्य में तीन एनएच समेत 106 मार्ग बंद
प्रदेश में 116 मार्ग बंद हैं। इनमें सबसे अधिक चमोली जिला प्रभावित है, यहां पर गोपेश्वर-चोपता मार्ग (एनएच-107 ए) बोल्डर आने से बंद हो गया। 24 सड़कें और भी बंद हैं। पिथौरागढ़ में 15 मार्ग बंद हैं, इनमें धारचूला-तवाघाट मार्ग (बीआरओ एनएच) भी बोल्डर आने से बंद हो गया है। न्यू सोबला-तिदांग मार्ग (बीआरओ एनएच) भी बंद है। इसके 12 अन्य मार्ग बंद हैं। इसके अलावा अल्मोड़ा में तीन, बागेश्वर 17, देहरादून 21, नैनीताल में दो सड़कें बंद हैं। पौड़ी गढ़वाल में छह, उत्तरकाशी तीन, रुद्रप्रयाग नौ और टिहरी में 15 रास्ते बंद हैं। बंद मार्ग को खोलने के लिए लोनिवि प्रयास कर रहा है।